
News India Live, Digital Desk: पनीर के बिना हमारे देश की किसी पार्टी या शादी का मेनू पूरा नहीं होता। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि जिस पनीर को हम सिर्फ ज़ुबान के चस्के के लिए खाते हैं, वह असल में हमारे शरीर के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? खास तौर पर शाकाहारियों के लिए तो यह ‘कंप्लीट मील’ जैसा काम करता है। आइए, बिना किसी मुश्किल डॉक्टरी शब्दों के समझते हैं कि रोज़ाना थोड़ा सा पनीर खाना आपकी सेहत के लिए कितना ज़रूरी है।शाकाहारियों के लिए प्रोटीन का सबसे बड़ा स्रोतजो लोग अंडा या मांस नहीं खाते, उनके लिए सबसे बड़ी चिंता यह रहती है कि शरीर को पर्याप्त प्रोटीन कैसे मिले। यहीं पर पनीर आपकी सबसे ज्यादा मदद करता है। इसमें उच्च गुणवत्ता वाला प्रोटीन होता है जो न केवल आपकी मांसपेशियों (Muscles) को मज़बूत बनाता है, बल्कि शरीर के टूटे-फूटे टिश्यूज़ की मरम्मत भी करता है। अगर आप ऑफिस या जिम से थककर आते हैं, तो कच्चे पनीर का एक छोटा सा टुकड़ा भी आपको अच्छी खासी ताकत दे सकता है।मज़बूत हड्डियाँ और दांतों की सेहतबढ़ती उम्र के साथ कैल्शियम की कमी एक आम समस्या है। पनीर कैल्शियम और फास्फोरस का बेहतरीन स्रोत है। जो लोग हड्डियों के दर्द या कमज़ोर दांतों की समस्या से बचना चाहते हैं, उनके लिए पनीर का सेवन बहुत ज़रूरी है। छोटे बच्चों को भी अगर बचपन से ही सीमित मात्रा में पनीर खिलाया जाए, तो उनके विकास में बहुत मदद मिलती है।वजन घटाने में भी मददगार!अक्सर लोग सोचते हैं कि पनीर में फैट होता है तो इससे वजन बढ़ेगा। सच तो यह है कि पनीर में प्रोटीन ज्यादा और कार्बोहाइड्रेट्स बहुत कम होते हैं। इसे खाने के बाद आपका पेट काफी देर तक भरा हुआ महसूस होता है, जिससे आप बार-बार अनहेल्दी चीजें खाने (Overeating) से बच जाते हैं। अगर आप सही तरीके से यानी बिना बहुत सारा तेल-मसाला लगाए कच्चा या हल्का भुना हुआ पनीर खाएं, तो यह आपके वजन कम करने के सफर में आपका साथी बन सकता है।इम्युनिटी और एनर्जी का भंडारआज के दौर में इम्युनिटी (रोग प्रतिरोधक क्षमता) का अच्छा होना सबसे ज़रूरी है। पनीर में कई ज़रूरी विटामिन्स और खनिज पाए जाते हैं जो आपके सिस्टम को मज़बूत करते हैं। यह शरीर के मेटाबॉलिज्म को बेहतर बनाता है, जिससे आप दिनभर खुद को एक्टिव और एनर्जेटिक महसूस करते हैं।ब्लड शुगर और डाइजेशनकम कार्ब्स होने के कारण पनीर डायबिटीज़ के मरीजों के लिए भी एक अच्छा विकल्प माना जाता है। साथ ही, पनीर में जो प्रोटीन होता है, वह आसानी से पच जाता है, बशर्ते आपको डेयरी उत्पादों से कोई समस्या (Lactose Intolerance) न हो।चलते-चलते एक टिप:कोशिश करें कि बाज़ार के खुले हुए पनीर की जगह ताज़ा घर का बना पनीर या अच्छी क्वालिटी का पैकेट बंद पनीर ही लें। अगर आप पनीर को बहुत ज्यादा तल देते हैं या ग्रेवी में बहुत मिर्च-मसाला डाल देते हैं, तो उसके फायदे कम हो जाते हैं। असली फायदा तो ‘सादे’ और ताज़े पनीर में ही है।
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