
News India Live, Digital Desk: इस बार भी कुछ ऐसा ही हुआ है। आपने जमीन पर बड़े-बड़े पंखों वाले विंड टरबाइन (पवन चक्की) तो देखे होंगे। लेकिन चीन ने खेल ही पलट दिया है। उसने जमीन छोड़कर अब आसमान में बिजली बनाने की ठान ली है। उसने लॉन्च किया है S2000 एयरशिप।आसान भाषा में समझें तो यह एक विशालकाय गुब्बारा है जो हवा में तैरते हुए बिजली बनाता है। लेकिन यह इतना आसान भी नहीं है, इसमें कई पेंच हैं।जमीन छोड़ आसमान ही क्यों?विज्ञान का एक सीधा सा नियम है हम जमीन से जितना ऊपर जाते हैं, हवा उतनी ही तेज और निरंतर बहती है। जमीन पर पेड़, इमारतें और पहाड़ हवा की रफ़्तार रोकते हैं। चीन के वैज्ञानिकों ने सोचा कि क्यों न बिजली बनाने वाली मशीन को ही वहां पहुंचा दिया जाए जहां हवा सबसे ताकतवर है।यही सोचकर S2000 बनाया गया। यह एयरशिप जमीन से करीब 600 से 1000 मीटर की ऊंचाई पर उड़ने की क्षमता रखता है। इसे HAWE (High-Altitude Wind Energy) टेक्नोलॉजी कहा जा रहा है।यह कैसे काम करता है?यह कोई साधारण गुब्बारा नहीं है। यह देखने में किसी बहुत बड़ी मछली या कैप्सूल जैसा लगता है। इसमें हवा भरी होती है जिससे यह उड़ता है। लेकिन असली जादू इसके ‘S’ आकार के टर्बाइन्स में है। जब तेज हवा इनसे टकराती है, तो ये घूमते हैं और बिजली पैदा करते हैं, जिसे केबल के जरिए जमीन पर भेज दिया जाता है।सिर्फ बिजली या कुछ और भी?चीन का कहना है कि इसका इस्तेमाल उन जगहों पर होगा जहां बिजली पहुंचाना मुश्किल है, जैसे बाढ़ राहत शिविर, दूर-दराज के पहाड़ी इलाके या मिलिट्री बेस। इसे फोल्ड करके कहीं भी ले जाया जा सकता है।लेकिन, दुनिया के कान खड़े होने की वजह कुछ और है।आपको याद होगा कुछ समय पहले अमेरिका के ऊपर एक “चीनी जासूसी गुब्बारा” दिखा था। जानकारों का डर है कि S2000 भी उसी दिशा में एक कदम हो सकता है। इतनी ऊंचाई पर खड़ा होकर यह एयरशिप न सिर्फ बिजली बना सकता है, बल्कि उस बिजली का इस्तेमाल करके रडार, कैमरे और निगरानी उपकरण भी चला सकता है।यानी एक ही तीर से दो शिकार नीचे वालों को लगेगा कि बिजली बन रही है, और ऊपर से चुपचाप जासूसी भी हो सकती है। फिलहाल, चीन इसे अपनी “ग्रीन एनर्जी” क्रांति बता रहा है, लेकिन टेक्नोलॉजी की आड़ में छिपे इरादों को पहचानना हमेशा जरूरी होता है।
UK News