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हार्ट अटैक-स्ट्रोक से बचाएगी गोली, वैक्सीन की ज़रूरत नहीं, US-FDA ने दी पहली टैबलेट को मंज़ूरी

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News India Live, Digital Desk : दिल की बीमारियों, ख़ासकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक से जूझ रहे करोड़ों लोगों के लिए मेडिकल साइंस की दुनिया से एक बहुत बड़ी और राहत भरी ख़बर आई है। अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (US-FDA) ने दुनिया की पहली ऐसी टैबलेट (गोली) को मंज़ूरी दे दी है, जो इंजेक्शन या वैक्सीन की जगह लेकर हार्ट अटैक और स्ट्रोक जैसी जानलेवा बीमारियों से बचाव में मदद करेगी।

अब तक जो दवाइयाँ इंजेक्शन के ज़रिए दी जाती थीं, अब वे गोली के रूप में उपलब्ध होंगी, जिससे मरीज़ों के लिए इलाज पहले से कहीं ज़्यादा आसान और सुविधाजनक हो जाएगा।

पहले सिर्फ़ इंजेक्शन ही था विकल्प

अभी तक ख़राब कोलेस्ट्रॉल (LDL-C) को कम करने के लिए ‘इनक्लिसिरन’ (Inclisiran), जिसे ब्रांड नाम Leqvio से जाना जाता है, जैसी दवाएँ उपलब्ध थीं, जो इंजेक्शन के रूप में दी जाती हैं। यह दवा साल में सिर्फ़ दो या तीन बार लगवानी पड़ती है, लेकिन इंजेक्शन होने के कारण कई मरीज़ इसे लेने में हिचकिचाते थे। अब इसी तरह की दवा टैबलेट फ़ॉर्म में आने से इलाज में एक नई क्रांति आने की उम्मीद है।

किस दवा को मिली है मंज़ूरी?

US-FDA ने जिस दवा को मंज़ूरी दी है, उसका नाम है ‘राइबेल्सस’ (Rybelsus)। यह दवा असल में पहले से ही टाइप-2 डायबिटीज़ के मरीज़ों के लिए इस्तेमाल की जा रही थी। लेकिन नए शोध और ट्रायल से यह पता चला है कि यह दवा सिर्फ़ ब्लड शुगर ही नहीं, बल्कि दिल के लिए भी बहुत फ़ायदेमंद है। यह हार्ट अटैक और स्ट्रोक के ख़तरे को काफ़ी हद तक कम करती है।

कैसे काम करती है यह गोली?

यह दवा GLP-1 रिसेप्टर एगोनिस्ट क्लास की है, जिसका मतलब है कि यह शरीर में एक प्राकृतिक हार्मोन GLP-1 की नक़ल करती है।

  1. सूजन (Inflammation) को कम करती है: हार्ट अटैक और स्ट्रोक का एक बड़ा कारण धमनियों में होने वाली सूजन होती है। ‘राइबेल्सस’ इस सूजन और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस को कम करती है।
  2. धमनियों को स्वस्थ रखती है: यह दवा ख़ून की नलिकाओं की अंदरूनी परत को स्वस्थ रखने में मदद करती है, जिससे ख़ून का बहाव सही तरीक़े से होता है और ख़ून के थक्के (Blood Clots) बनने का ख़तरा कम हो जाता है।
  3. वज़न और शुगर कंट्रोल: दिल की सेहत सुधारने के साथ-साथ यह दवा ब्लड शुगर को कंट्रोल करने और वज़न घटाने में भी मदद करती है।

एक बड़े क्लिनिकल ट्रायल (SOUL trial) में यह पाया गया कि ‘राइबेल्सस’ लेने वाले मरीज़ों में हार्ट अटैक या स्ट्रोक जैसी बड़ी कार्डियोवैस्कुलर घटनाओं का ख़तरा 14% तक कम हो गया।

मरीज़ों के लिए इसका क्या मतलब है?

इस गोली की मंज़ूरी को दिल की बीमारियों की रोकथाम में एक बड़ा मील का पत्थर माना जा रहा है। अब मरीज़ों के पास एक ऐसा विकल्प होगा, जो:

  • सूई-मुक्त है (Needle-free)।
  • दिल की सुरक्षा के साथ-साथ डायबिटीज़ और वज़न को भी नियंत्रित करता है।
  • और जिसका असर क्लिनिकल ट्रायल्स में साबित हो चुका है।

यह मंज़ूरी उन लाखों लोगों के लिए उम्मीद की एक नई किरण है जो हर रोज़ हार्ट अटैक और स्ट्रोक के ख़तरे के साये में जी रहे हैं।

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