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₹1 लाख की FD पर 1 साल में कितना मिलेगा रिटर्न? जानिए देश के बैंकों की ब्याज दरें

वर्तमान आर्थिक माहौल में शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव और अनिश्चितताओं के बीच सुरक्षित निवेश के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) आज भी भारतीय मध्यवर्ग और आम निवेशकों की पहली पसंद बना हुआ है। जब बात गाढ़ी कमाई को सुरक्षित रखने और उस पर निश्चित रिटर्न पाने की होती है, तो सरकारी बैंकों पर देशवासियों का भरोसा सबसे ज्यादा रहता है। यदि आप भी अपनी बचत के ₹1 लाख को किसी सरकारी बैंक में 1 साल (12 महीने) की अवधि के लिए जमा करने की योजना बना रहे हैं, तो यह जानना आपके लिए बेहद जरूरी है कि कौन सा सरकारी बैंक आपको सबसे ज्यादा ब्याज और बेहतर रिटर्न दे रहा है।

अक्सर लोग बिना रिसर्च किए किसी भी नजदीकी बैंक में एफडी करा लेते हैं, जिससे उन्हें सालाना ब्याज में सीधा नुकसान उठाना पड़ता है। आज हम देश के 8 सबसे बड़े और भरोसेमंद सरकारी बैंकों में 1 साल की एफडी पर मिलने वाली नवीनतम ब्याज दरों और ₹1 लाख के निवेश पर मिलने वाले कुल मैच्योरिटी अमाउंट का पूरा गणित आसान भाषा में समझेंगे ताकि आप अपने पैसे का सही चुनाव कर सकें।

भारतीय स्टेट बैंक (SBI) में ₹1 लाख की FD पर कितना मिलेगा मुनाफा

देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (State Bank of India) में 1 साल की अवधि के लिए फिक्स्ड डिपॉजिट कराने पर सामान्य नागरिकों को 6.80% की दर से सालाना ब्याज दिया जा रहा है। यदि आप एसबीआई में ₹1 लाख की एफडी एक साल के लिए शुरू करते हैं, तो आपको मैच्योरिटी के समय केवल ब्याज के रूप में लगभग ₹6,975 की अतिरिक्त कमाई होगी। इस तरह एक साल बाद आपका कुल मैच्योरिटी अमाउंट बढ़कर ₹1,06,975 हो जाएगा।

वहीं अगर वरिष्ठ नागरिकों (Senior Citizens) की बात करें, तो एसबीआई बुजुर्गों को 0.50% अतिरिक्त ब्याज यानी 7.30% की दर से रिटर्न देता है। वरिष्ठ नागरिकों को ₹1 लाख के निवेश पर 1 साल में लगभग ₹7,500 का शुद्ध ब्याज मिलता है, जिससे उनका कुल रिटर्न ₹1,07,500 बनता है।

पंजाब नेशनल बैंक (PNB) और बैंक ऑफ बड़ौदा (BoB) की ब्याज दरों का तुलनात्मक हिसाब

देश के दूसरे सबसे बड़े सरकारी बैंक पंजाब नेशनल बैंक (PNB) में 1 साल की एफडी कराने पर आम ग्राहकों को 6.75% का सालाना ब्याज दिया जाता है। ₹1 लाख जमा करने पर पीएनबी में 1 साल बाद करीब ₹6,920 का ब्याज मिलता है और कुल राशि ₹1,06,920 हो जाती है। वरिष्ठ नागरिकों के लिए यह दर 7.25% है, जिस पर ₹1 लाख का रिटर्न ₹1,07,250 मिलता है।

दूसरी तरफ, बैंक ऑफ बड़ौदा (Bank of Baroda) अपने ग्राहकों को 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.85% की आकर्षक ब्याज दर दे रहा है। बैंक ऑफ बड़ौदा में ₹1 लाख के निवेश पर आम नागरिक को 1 साल में लगभग ₹7,025 का ब्याज और वरिष्ठ नागरिकों को 7.35% ब्याज दर के हिसाब से करीब ₹7,550 का फायदा होता है।

केनरा बैंक, यूनियन बैंक और बैंक ऑफ इंडिया की 1 साल की FD पर रिटर्न

केनरा बैंक (Canara Bank) अपने खाताधारकों को 1 साल की अवधि वाली एफडी पर 6.85% का ब्याज दे रहा है, जो बिल्कुल बैंक ऑफ बड़ौदा के समान है। इसमें भी ₹1 लाख जमा करने पर आम निवेशक को 1 साल बाद ₹1,07,025 की कुल रकम मिलती है।

यूनियन बैंक ऑफ इंडिया (Union Bank of India) में 1 साल की फिक्स्ड डिपॉजिट पर 6.75% की दर से ब्याज दिया जा रहा है, जिससे ₹1 लाख की राशि 1 साल बाद बढ़कर ₹1,06,920 हो जाती है। बात करें बैंक ऑफ इंडिया (Bank of India) की, तो यह बैंक 1 साल की एफडी पर अपने सामान्य ग्राहकों को 6.80% ब्याज दर की पेशकश कर रहा है, जिसके तहत ₹1 लाख के निवेश पर ₹6,975 का ब्याज बनता है।

इंडियन बैंक और सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में एफडी कराने पर कितना होगा फायदा

दक्षिण भारत के मजबूत नेटवर्क वाले इंडियन बैंक (Indian Bank) में यदि आप 1 साल के लिए ₹1 लाख की एफडी फिक्स करते हैं, तो आपको 6.70% की दर से ब्याज मिलेगा। इसके हिसाब से 1 साल में आपकी कुल राशि ₹1,06,870 हो जाएगी, जिसमें ₹6,870 केवल ब्याज का हिस्सा होगा।

सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया (Central Bank of India) 1 साल की एफडी पर 6.75% का सालाना ब्याज दर अपने ग्राहकों को दे रहा है। इस बैंक में ₹1 लाख जमा करने पर आपको 1 साल बाद मैच्योरिटी के रूप में ₹1,06,920 प्राप्त होंगे। वरिष्ठ नागरिकों को इन सभी बैंकों में सामान्य दरों के मुकाबले 0.50% से लेकर 0.65% तक का अतिरिक्त ब्याज लाभ दिया जाता है।

1 साल की एफडी में निवेश करते समय इन बातों का रखें विशेष ध्यान

किसी भी सरकारी बैंक में अपनी मेहनत की कमाई को फिक्स्ड डिपॉजिट के रूप में जमा करने से पहले कुछ जरूरी नियमों को समझ लेना बेहद फायदेमंद रहता है। एफडी पर मिलने वाला ब्याज त्रैमासिक (Quarterly Compounding) आधार पर जुड़ता है, जिससे साधारण ब्याज के मुकाबले मैच्योरिटी राशि थोड़ी अधिक हो जाती है।

इसके अलावा, यदि 1 साल में आपका कुल एफडी ब्याज ₹40,000 (वरिष्ठ नागरिकों के लिए ₹50,000) से अधिक होता है, तो बैंक उस पर नियमनुसार टीडीएस (TDS) काटते हैं। अगर आपकी कुल वार्षिक आय टैक्स स्लैब से नीचे है, तो आप बैंक में फॉर्म 15G या फॉर्म 15H जमा करके टीडीएस कटने से बच सकते हैं। अपनी जरूरत और इमरजेंसी फंड को ध्यान में रखकर ही 1 साल की एफडी की अवधि का चयन करें ताकि समय से पहले एफडी तोड़ने पर पेनाल्टी से बचा जा सके।