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15 लाख के लूट के मोबाइल समेत बदमाश गिरफ्तार, गैंग में पांच लोग, तीन राज्यों में ऐसे करते हैं वारदात

ुंबई, एमपी और यूपी के कई शहरों से लूटपाट कर मेरठ की एक दुकान पर ये लोग मोबाइल का लॉक खुलवाते हैं। इसके बाद मोबाइल को सस्ते दामों पर बेचते हैं। गिरोह
में पांच लोग हैं, चार की तलाश में पुलिस जुटी है।
तीन राज्यों में सक्रिय मोबाइल फोन लूटने व चोरी करने वाले गिरोह के सदस्य मुमताज नगर निवासी शाहवेज को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। स्वाट टीम नगर और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आरोपी की निशानदेही पर 11 आईफोन समेत 35 मोबाइल व एक लैपटॉप बरामद किया है। इनकी कीमत 15 लाख रुपये बताई गई है। ये गिरोह मुंबई, महाराष्ट्र और उत्तर प्रदेश के विभिन्न शहरों से मोबाइल लूट व चोरी कर मेरठ में सस्ते दामों में बिक्री करता है।

एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि सूचना मिली थी कि मोबाइल लूटकर बिक्री करने वाला एक गिरोह जिले में सक्रिय है। गिरोह की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को निर्देश दिए गए। स्वाट और लिसाड़ी गेट थाना पुलिस ने शाहवेज को मदीना कॉलोनी फेस-2 से गिरफ्तार किया।
आरोपी ने पूछताछ में बताया कि वह राहगीरों और रोडवेज बसों में यात्रा करने वालों से मोबाइल लूटते और चोरी करते हैं। इनके गिरोह में पांच सदस्य हैं। ये गिरोह ठक-ठक गिरोह की तर्ज भी वाहन सवारों से मोबाइल लूट लेता है। गिरोह के सदस्य शाहवेज, उसका साथी शाहरुख और नदीम मुंबई, मध्य प्रदेश व प्रदेश के विभिन्न शहरों में मोबाइल लूटते व चोरी करते हैं। इसके बाद इन मोबाइलों को मेरठ लाया जाता है।
लिसाड़ी रोड स्थित दुकान पर लाकर खोलते हैं लॉक
एसपी के अनुसार, चोरी किए गए मोबाइल फोनों को भावनपुर के रुकनपुर निवासी शहनवाज की लिसाड़ी रोड स्थित एसआर कम्यूनिकेशन के नाम की दुकान पर लाया जाता है। यहां लैपटॉप व अनलॉक टूल सॉफ्टवेयर की मदद से मोबाइल को अनलॉक कर दिया जाता है। इसके बाद पूर्वा फैय्याज निवासी मुन्ना को इन मोबाइलों को सस्ते दामों पर बेच देते हैं। अब पुलिस टीम गिरोह के सदस्य नदीम, सलीम, शहनवाज, मुन्ना और शाहरुख को तलाश रही है। गिरफ्तार किए गए शाहवेज के खिलाफ लिसाड़ी गेट और नौचंदी थाने में लूट, चोरी और धोखाधड़ी की कई प्राथमिकी दर्ज हैं।
ऐसे हत्थे चढ़ा गिरोह
ये गिरोह आईफोन या अन्य कीमती मोबाइल लूटता व चोरी करता है। गिरोह ने एक मोबाइल मुंबई से चोरी किया था। इस मोबाइल की लोकेशन मेरठ में मिलने के बाद एडीजी भानु भास्कर को इसकी जानकारी दी गई थी। एडीजी के निर्देश पर एसपी सिटी ने पुलिस टीमों को सक्रिय किया। इसके बाद गिरोह का खुलासा हुआ। यह गिरोह कई महीनों से सक्रिय है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी होने पर और भी मोबाइल बरामद होने की संभावना है।