
केंद्र सरकार के 49 लाख से अधिक कर्मचारियों और करीब 65 लाख पेंशनभोगियों के लिए आठवां केंद्रीय वेतन आयोग (8th Central Pay Commission) इस समय सबसे बड़ा और बहुप्रतीक्षित विषय बना हुआ है। न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई की अध्यक्षता में गठित आठवां वेतन आयोग इस समय देश भर के प्रमुख शहरों में कर्मचारी यूनियनों, पेंशनर्स एसोसिएशनों और विभिन्न हितधारकों के साथ परामर्श और बैठकों का दौर चला रहा है। दिल्ली, जयपुर, चेन्नई, पुडुचेरी और चंडीगढ़ जैसे शहरों में जारी इन बैठकों के बीच कर्मचारियों के मन में दो सबसे बड़े सवाल हैं—पहला यह कि नया वेतन आयोग वास्तव में कब से लागू होगा, और दूसरा यह कि जब सिफारिशें लागू होंगी तो कितने महीनों का और कितना बड़ा एरियर (Arrears) उनके बैंक खातों में आएगा।
आठवें वेतन आयोग की संदर्भ तिथि (Reference Date) 1 जनवरी 2026 तय की गई है। इसका सीधा मतलब यह है कि सातवें वेतन आयोग का 10 साल का कार्यकाल 31 दिसंबर 2025 को समाप्त हो चुका है। हालांकि, वेतन आयोग को अपनी विस्तृत सिफारिशों की रिपोर्ट तैयार करने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। वर्तमान में चल रहे परामर्श, ज्ञापनों की समीक्षा और वित्तीय आकलन को देखते हुए यह स्पष्ट है कि आयोग अपनी अंतिम रिपोर्ट 2027 के मध्य तक केंद्र सरकार को सौंपेगा। इसके बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी और आधिकारिक अधिसूचना (Notification) जारी होने में कुछ महीनों का समय और लगेगा। इसका अर्थ यह है कि नए वेतन ढांचे के तहत संशोधित वेतन और पेंशन का वास्तविक भुगतान 2027 के उत्तरार्ध या 2028 की शुरुआत में शुरू होने की संभावना है। लेकिन कर्मचारियों को घबराने की जरूरत नहीं है, क्योंकि नए वेतन आयोग की दरें 1 जनवरी 2026 से ही प्रभावी मानी जाएंगी।
फिटमेंट फैक्टर और बेसिक सैलरी: समझिए एरियर और वेतन वृद्धि का पूरा हिसाब
नया वेतन आयोग जब भी अधिसूचित होगा, कर्मचारियों को 1 जनवरी 2026 से लेकर क्रियान्वयन के महीने तक की अवधि का पूरा एरियर एकमुश्त राशि (Lump-sum Amount) के रूप में दिया जाएगा। एरियर का हिसाब समझने के लिए सबसे पहले 'फिटमेंट फैक्टर' (Fitment Factor) और 'बेसिक पे' (Basic Pay) के समीकरण को समझना बेहद जरूरी है। सातवें वेतन आयोग में 2.57 का फिटमेंट फैक्टर लागू किया गया था, जिससे न्यूनतम बेसिक सैलरी 7,000 रुपये से बढ़कर 18,000 रुपये प्रति माह हुई थी। आठवें वेतन आयोग के लिए कर्मचारी संगठनों (NC-JCM) ने 2.86 से 3.25 तक के फिटमेंट फैक्टर की मांग रखी है, जबकि आर्थिक विशेषज्ञों का अनुमान है कि यह 2.60 से 2.85 के बीच तय हो सकता है।
यदि 2.85 का फिटमेंट फैक्टर स्वीकार किया जाता है, तो लेवल-1 (पे मैट्रिक्स का सबसे निचला स्तर) के कर्मचारी की न्यूनतम बेसिक सैलरी 18,000 रुपये से बढ़कर सीधे 51,300 रुपये के आसपास पहुंच जाएगी। यदि फिटमेंट फैक्टर 2.60 भी रहता है, तो न्यूनतम बेसिक पे बढ़कर लगभग 46,800 रुपये होगी। अब मान लीजिए कि आयोग की सिफारिशें 18 महीने की देरी के बाद जुलाई 2027 में लागू होती हैं, तो कर्मचारियों को पूरे 18 महीनों का एरियर मिलेगा। एरियर का निर्धारण नई बेसिक सैलरी और पुरानी बेसिक सैलरी के अंतर, उस अवधि के दौरान समायोजित किए गए महंगाई भत्ते (DA) और अन्य भत्तों के पुनर्गठन के आधार पर किया जाता है।
उदाहरण के तौर पर, यदि किसी कर्मचारी की मूल सैलरी में संशोधित वेतन ढांचे के बाद प्रति माह 15,000 रुपये की शुद्ध वृद्धि होती है, तो 18 महीनों की देरी की स्थिति में उसे करीब 2.70 लाख रुपये का मूल एरियर मिलेगा। वरिष्ठ अधिकारियों और पे लेवल-10 या उससे ऊपर के कर्मचारियों के लिए, जिनकी मूल सैलरी में 30,000 रुपये से 50,000 रुपये तक की मासिक बढ़ोतरी होगी, एरियर की राशि 5 लाख रुपये से लेकर 14 लाख रुपये तक पहुंच सकती है। इसी वजह से आठवें वेतन आयोग के क्रियान्वयन के समय मिलने वाले एरियर को लेकर कर्मचारियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है।
एरियर के साथ-साथ महंगाई भत्ते (DA) के मर्जर को लेकर भी अहम चर्चाएं चल रही हैं। वर्तमान में केंद्रीय कर्मचारियों का महंगाई भत्ता 60 प्रतिशत से ऊपर पहुंच चुका है। कर्मचारी यूनियनों की मांग है कि नए वेतन आयोग के गठन के साथ ही पुराने डीए को शून्य (0%) पर रीसेट कर उसे बेसिक सैलरी में मिला दिया जाए। इसके अलावा, नेशनल काउंसिल ऑफ द जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) ने हर साल मिलने वाले 3% इंक्रीमेंट को बढ़ाकर 6% सालाना करने और सभी भत्तों को तीन गुना तक बढ़ाने का प्रस्ताव भी आयोग के सामने रखा है।
पेंशनभोगियों के दृष्टिकोण से देखें तो आठवें वेतन आयोग का असर उनकी मासिक पेंशन पर भी व्यापक रूप से पड़ेगा। वर्तमान में न्यूनतम पेंशन 9,000 रुपये प्रति माह है। नया फिटमेंट फैक्टर लागू होने के बाद न्यूनतम पेंशन बढ़कर 22,500 रुपये से 25,200 रुपये प्रति माह के दायरे में आ सकती है। इससे लगभग 65 लाख सेवानिवृत्त केंद्रीय कर्मचारियों को महंगाई के दौर में बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी।
हालांकि, इस पूरी प्रक्रिया के बीच गृह मंत्रालय की इंडियन साइबरक्राइम कोआर्डिनेशन सेंटर (I4C) ने केंद्रीय कर्मचारियों के लिए एक महत्वपूर्ण चेतावनी भी जारी की है। व्हाट्सएप और सोशल मीडिया पर आठवें वेतन आयोग के नाम से फर्जी 'सैलरी कैलकुलेटर' एपीके (APK) फाइलों के लिंक वायरल किए जा रहे हैं। ऐसे किसी भी अनधिकृत लिंक पर क्लिक करने या मोबाइल में ऐप डाउनलोड करने से बचें, क्योंकि ये साइबर ठगों द्वारा बैंक विवरण और व्यक्तिगत डेटा चुराने का जरिया हो सकते हैं।
संक्षेप में कहें तो, आठवें वेतन आयोग की औपचारिक शुरुआत 1 जनवरी 2026 की प्रभावी तारीख से ही मानी जाएगी। वास्तविक वेतन वृद्धि का लाभ मिलने में भले ही 2027 तक का समय लगे, लेकिन 1 जनवरी 2026 से लेकर क्रियान्वयन के दिन तक का पूरा एरियर एकमुश्त भुगतान के रूप में कर्मचारियों और पेंशनर्स के खातों में जमा किया जाएगा। आयोग द्वारा जारी बैठकों का दौर पूरा होने के बाद जैसे ही ड्राफ्ट रिपोर्ट सरकार को सौंपी जाएगी, वेतन वृद्धि और एरियर की सटीक दरों की आधिकारिक घोषणा भी कर दी जाएगी।
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