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मिलावटी मिठाइयों से बचें ,इन आसान घरेलू तरीकों से करें असली-नकली की पहचान:

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News India Live, Digital Desk: रोशनी और खुशियों का त्योहार दिवाली मिठाइयों के बिना अधूरा है. इस दौरान हर घर में ढेर सारी मिठाइयां आती हैं, दोस्त और रिश्तेदार एक-दूसरे को तोहफे में मिठाइयां देते हैं. लेकिन क्या आपको पता है कि त्योहारों के इस खास माहौल में मिलावटखोर भी बहुत सक्रिय हो जाते हैं? बाज़ारों में धड़ल्ले से बिकने वाली नकली मिठाइयां और मावा हमारी सेहत के लिए बेहद खतरनाक हो सकता है. ये नकली मिठाइयां और मावा अक्सर स्टार्च, सिंथेटिक दूध, वनस्पति तेल और कुछ तो हानिकारक केमिकल्स से भी बने होते हैं, जिससे हमारे स्वास्थ्य पर बहुत बुरा असर पड़ सकता है. अगर आप दिवाली 2025 पर अपनी और अपने परिवार की सेहत से कोई समझौता नहीं करना चाहते, तो मिठाई खरीदने से पहले कुछ आसान तरीकों से उसकी शुद्धता की पहचान करना बेहद जरूरी है. आइए जानते हैं घर पर ही मिलावटी मिठाइयों को पहचानने के कुछ अचूक उपाय, ताकि आपकी दिवाली स्वस्थ और सुरक्षित रहे!

1. मावा (खोया) वाली मिठाइयों की जांच (मावे में मिलावट की पहचान):
मावा भारतीय मिठाइयों की जान होता है, और इसी में सबसे ज़्यादा मिलावट की आशंका रहती है. मिलावटी मावा सेहत के लिए बहुत खतरनाक हो सकता है.

  • हथेली पर रगड़कर देखें: मावे का एक छोटा सा टुकड़ा अपनी हथेली पर लें और उसे अंगूठे से ज़ोर से रगड़ें. अगर मावा असली होगा, तो थोड़ी देर बाद आपकी हथेली पर घी जैसी हल्की-सी चिकनाहट छूट जाएगी, और दूध की हल्की सुगंध आएगी. अगर चिकनाहट न दिखे या मावा बिल्कुल रूखा लगे, तो उसमें मिलावट की आशंका है.
  • गर्म करके करें पहचान: एक छोटी प्लेट में थोड़ा सा मावा लेकर उसे धीमी आंच पर गर्म करें. शुद्ध मावा गर्म होने पर घी छोड़ना शुरू कर देगा और उसकी खुशबू और तेज हो जाएगी. वहीं, अगर मिलावटी मावा होगा, तो गर्म होने पर वह घी के बजाय पानी छोड़ सकता है या उसमें से अजीब सी बदबू आ सकती है. कई बार रंग भी हल्का बदल सकता है.

2. चमकीले रंग और बनावट से पहचान (सिंथेटिक रंगों की मिलावट):
आजकल मिठाइयों को ज़्यादा आकर्षक दिखाने के लिए उनमें बहुत तेज और सिंथेटिक रंगों का इस्तेमाल किया जाता है, जो सेहत के लिए हानिकारक होते हैं.

  • टिशू पेपर से टेस्ट: मिठाई का एक छोटा टुकड़ा लें और उसे एक सफेद टिशू पेपर पर रखकर हल्के हाथ से रगड़ें. अगर टिशू पेपर पर गहरा रंग छूटने लगे, तो समझ जाएं कि इसमें हानिकारक और सस्ते सिंथेटिक रंग मिलाए गए हैं, जो खाने के लिए सुरक्षित नहीं हैं.

3. चांदी के वर्क की जांच (नकली वर्क की पहचान):
कई महंगी मिठाइयों पर चांदी का वर्क लगा होता है, जो उन्हें भव्य दिखाता है. लेकिन अक्सर असली खाने योग्य चांदी के वर्क की जगह नकली एल्युमिनियम फॉयल का इस्तेमाल किया जाता है.

4. स्वाद और महक पर ध्यान दें (मिठाई के स्वाद में अंतर):
मिठाई खरीदते समय उसे चखकर या सूंघकर भी काफी हद तक मिलावट का पता लगाया जा सकता है.

  • महक: शुद्ध मिठाई से दूध, घी या मसालों की प्राकृतिक खुशबू आएगी. अगर आपको किसी भी तरह की रासायनिक या सड़ी हुई गंध आए, तो उस मिठाई को तुरंत खरीदने से बचें. (मिठाई अगर बासी है, तो वो सूखी और कठोर लगेगी.)

इन आसान घरेलू तरीकों को अपनाकर आप इस दिवाली नकली मिठाइयों के कारोबार से खुद को और अपने परिवार को बचा सकते हैं. अपनी सेहत के प्रति जागरूक रहें और एक स्वस्थ और सुरक्षित दिवाली मनाएं

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