
अक्सर सफर में हमें कहीं पहुंचने की जल्दी होती है. ऑफिस के लिए लेट होना हो या किसी से मिलने की बेसब्री,हम अक्सर कार या बाइक की स्पीड बढ़ा देते हैं. लेकिन क्या5मिनट बचाने की यह जल्दबाजी आपकी जान और आपकी मेहनत की कमाई,दोनों पर भारी पड़ सकती है?भारत में होने वाले ज्यादातर सड़क हादसों का सबसे बड़ा’विलेन’ओवरस्पीडिंग ही है. यही वजह है कि सरकार ने तेज रफ्तार से गाड़ी चलाने वालों के लिए एक बहुत ही सख्त ट्रैफिक नियम बनाया है.आइए,जानते हैं कि अगर आप भी यह गलती करते हैं,तो आपकी जेब कितनी ढीली हो सकती है.क्यों है ओवरस्पीडिंग पर इतना भारी जुर्माना?बहुत से लोगों के मन में यह सवाल आता है कि आखिर सरकार तेज गाड़ी चलाने पर इतना भारी जुर्माना क्यों लगाती है. इसका जवाब सीधे-सीधे आपकी और सड़क पर चल रहे दूसरे लोगों की सुरक्षा से जुड़ा है. आंकड़े बताते हैं कि भारत में ज्यादातर जानलेवा एक्सीडेंट तेज रफ्तार की वजह से होते हैं.इसके पीछे का विज्ञान बहुत सरल है. जब आप तेज रफ्तार में होते हैं,तो अचानक ब्रेक लगाने पर गाड़ी तुरंत नहीं रुकती. उसे रुकने में ज्यादा दूरी और ज्यादा समय लगता है. यही वो कुछ सेकंड होते हैं जो एक भयानक हादसे का कारण बन जाते हैं. कई बार तो यह जल्दबाजी इतनी महंगी पड़ती है कि लोग अपनी जान तक गंवा बैठते हैं.कितना है चालान?जानिए क्या कहता है नियमअगर आप गाड़ी की स्पीड लिमिट को नजरअंदाज करते हैं,तो आपका तगड़ा चालान कटना तय है.नियम और धारा:मोटर व्हीकल एक्ट (Motor Vehicle Act)कीधारा112.1/183(1)के तहत ओवरस्पीडिंग करने वालों का ट्रैफिक चालान काटने का प्रावधान है.चालान की रकम:दिल्ली जैसे शहर में,पहली बार ओवरस्पीडिंग करते हुए पकड़े जाने पर2,000रुपयेका सीधा चालान काटा जाता है.गलती दोहराने पर:अगर आप सोचते हैं कि दूसरी बार पकड़े जाने पर शायद चेतावनी मिलेगी,तो आप गलत हैं. इस गलती को जितनी बार दोहराया जाएगा,हर बार2,000रुपयेका जुर्माना भरना पड़ सकता है.इसलिए, अगली बार जब भी आप गाड़ी चलाएं और आपको जल्दी हो,तो एक पल के लिए इस चालान की रकम और अपनी जिंदगी की कीमत को जरूर याद कर लें.मंजिल पर5मिनट देर से पहुंचना,कभी न पहुंचने से हमेशा बेहतर होता है.
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