News India Live, Digital Desk: नाबालिग से बलात्कार के मामले में पिछले 11 सालों से जोधपुर सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सज़ा काट रहे आसाराम बापू को लेकर एक बहुत बड़ी खबर सामने आई है. राजस्थान हाईकोर्ट ने आसाराम की लगातार बिगड़ती स्वास्थ्य स्थिति को देखते हुए उसे छह महीने की अंतरिम जमानत (Interim Bail) दे दी है. यह पहला मौका है जब इतने सालों में आसाराम को इस तरह की कोई राहत मिली है.
हालांकि, यह कोई आम जमानत नहीं है और इसके साथ बेहद सख़्त शर्तें भी लगाई गई हैं.
क्यों मिली आसाराम को जमानत?
आसाराम ने अपनी स्वास्थ्य समस्याओं, ख़ासकर प्रोस्टेट कैंसर और अन्य गंभीर बीमारियों का हवाला देते हुए हाईकोर्ट में जमानत याचिका दायर की थी. इस मामले में जोधपुर के AIIMS अस्पताल की मेडिकल रिपोर्ट एक बड़ा आधार बनी. कोर्ट में पेश की गई रिपोर्ट में डॉक्टरों ने बताया था कि आसाराम की हालत गंभीर है और उसका स्वास्थ्य लगातार गिर रहा है, जिसके लिए बेहतर इलाज की ज़रूरत है. इसी मेडिकल रिपोर्ट को ध्यान में रखते हुए जस्टिस पुष्पेंद्र सिंह भाटी की खंडपीठ ने मानवीय आधार पर यह फैसला सुनाया.
आश्रम ही बनेगा ‘अस्थायी जेल’, शर्तें हैं बेहद सख्त
हाईकोर्ट ने यह साफ़ कर दिया है कि जमानत के दौरान आसाराम अपनी मर्ज़ी से कहीं भी आ-जा नहीं सकेगा. उसके लिए बेहद कड़ी शर्तें लगाई गई हैं:
- आश्रम में ही रहना होगा: जमानत की पूरी अवधि के दौरान आसाराम को जोधपुर के पास मनाई गांव में स्थित अपने आश्रम में ही रहना होगा. वह इस आश्रम से बाहर नहीं जा सकेगा.
- सिर्फ इलाज के लिए बाहर: उसे सिर्फ और सिर्फ इलाज के लिए ही आश्रम से बाहर जाने की अनुमति होगी.
- पुलिस की निगरानी में इलाज: अस्पताल जाने के लिए भी उसे पहले स्थानीय पुलिस को सूचना देनी होगी. पुलिस की एक टीम हमेशा उसके साथ अस्पताल तक जाएगी.
- 24 घंटे पुलिस का पहरा: मनाई गांव स्थित उसके आश्रम के बाहर 24 घंटे पुलिस का पहरा रहेगा ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि वह किसी भी शर्त का उल्लंघन न करे.
साधारण शब्दों में कहें तो, आसाराम की जेल को सिर्फ जोधपुर सेंट्रल जेल से बदलकर उसके आश्रम में शिफ्ट कर दिया गया है, जहां वह कड़ी पुलिस निगरानी में रहेगा.
क्या था पूरा मामला?
आपको बता दें कि साल 2013 में एक नाबालिग लड़की ने आसाराम पर जोधपुर के पास अपने आश्रम में बलात्कार करने का आरोप लगाया था. लंबी सुनवाई के बाद 2018 में जोधपुर की एक विशेष अदालत ने उसे इस मामले में दोषी ठहराते हुए मरते दम तक उम्रकैद की सज़ा सुनाई थी, जिसके बाद से वह लगातार जेल में बंद था.
UK News