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बारिश के बाद मौसम ने बदली करवट, दिल्ली-NCR में ठंड की दस्तक, जानें कब पड़ेगी ‘कड़ाके की ठंड’

नई दिल्ली।उत्तर भारत के मैदानी इलाकों में मौसम तेजी से बदल रहा है। पिछले कुछ दिनों में हुई बारिश ने हवा में ठंडक घोल दी है,जिससे तापमान में गिरावट आई है और लोगों को गुलाबी ठंड का एहसास होने लगा है। देश की राजधानी दिल्ली और एनसीआर में भी सुबह के वक्त हल्की धुंध छाने लगी है,जो सर्दियों के आगमन का स्पष्ट संकेत है।मौसम विभाग के अनुसार,नवंबर का महीना दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के लिए कुल मिलाकर सुहावना रहने वाला है। हालांकि,रात के तापमान में धीरे-धीरे गिरावट दर्ज की जाएगी,जिससे रातें और सर्द होती जाएंगी।क्यों बदल रहा है मौसम का मिजाज?मौसम में इस बदलाव के पीछे कई सिस्टम काम कर रहे हैं। बंगाल की खाड़ी पर बना’मौथा’समुद्री तूफान अब कमजोर पड़ चुका है,लेकिन इसके असर से उत्तर प्रदेश और दिल्ली में बादलों की आवाजाही और हल्की बारिश देखने को मिली थी। वहीं,एक कमजोर पश्चिमी विक्षोभ हरियाणा-एनसीआर से गुजर चुका है। इसके गुजरने के बाद अब पूरे क्षेत्र में उत्तरी-पश्चिमी ठंडी हवाएं चल रही हैं,जिस वजह से रात के तापमान में तेजी से गिरावट आ रही है।हरियाणा में फिर बदलेगा मौसममौसम विभाग (IMD)ने ताजा अपडेट जारी करते हुए बताया है कि3नवंबरको एक नया पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय होगा। इसके प्रभाव से4और5नवंबरके दौरान खास तौर पर हरियाणा के उत्तरी जिलों में मौसम में बदलाव देखने को मिल सकता है। हालांकि,इसके बाद किसी बड़े मौसमी सिस्टम का असर न होने से दिन का मौसम साफ और सुखद बना रहेगा,लेकिन रातें लगातार सर्द होती जाएंगी।सबसे बड़ा सवाल:’कड़ाके की ठंड’कब पड़ेगी?मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि लोगों को कड़ाके की ठंड के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। नवंबर के महीने में ऐसी संभावना नहीं है।नवंबर का मौसम:इस पूरे महीने दिन का मौसम सुहावना रहेगा,यानी दिन में अच्छी धूप खिलेगी। लेकिन रातें ठंडी होंगी और तापमान लगातार गिरेगा। महीने की शुरुआत में अधिकतम तापमान30-31डिग्री और न्यूनतम तापमान15-16डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहेगा।नवंबर अंत तक:महीने के आखिर तक न्यूनतम तापमान गिरकर11से13डिग्री सेल्सियसतक पहुंच सकता है,जिससे सुबह और रात में अच्छी-खासी ठंड महसूस होगी।असली ठंड का असर दिसंबर में दिखेगाविशेषज्ञों के मुताबिक,नवंबर के दूसरे पखवाड़े यानी15नवंबर के बाद2से3पश्चिमी विक्षोभ सक्रिय हो सकते हैं। इनके असर से उत्तरी पहाड़ी क्षेत्रों में अच्छी बर्फबारी होगी। पहाड़ों पर बर्फबारी के बाद वहां से आने वाली बर्फीली हवाएं ही मैदानी इलाकों में दिन और रात के तापमान को तेजी से गिराएंगी। इसलिए,असली कड़ाके की ठंड और शीतलहर जैसी स्थितियों का सामनादिसंबर महीनेमें ही करना पड़ेगा।