Wednesday , October 28 2026

हिमाचल में शैतानियत की हद पार! 8 साल के दलित बच्चे को बेरहमी से पीटा, पैंट में डाल दिया बिच्छू; केस दर्ज

शिमला:हिमाचल प्रदेश के शिमला जिले से शिक्षा के मंदिर को शर्मसार करने वाली एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर और दो शिक्षकों पर आरोप है कि उन्होंने आठ साल के एक दलित बच्चे के साथ महीनों तक क्रूरता की सारी हदें पार कर दीं। मासूम को न सिर्फ बेरहमी से पीटा गया,बल्कि आरोप है कि उसकी पैंट में बिच्छू तक डाल दिया गया।बच्चे के पिता की शिकायत पर पुलिस ने हेडमास्टर समेत तीन शिक्षकों के खिलाफ गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।क्या हैं दिल दहला देने वाले आरोप?शिकायत के मुताबिक,यह मामला रोहड़ू सब-डिवीजन के खड्डापानी इलाके के एक सरकारी प्राइमरी स्कूल का है। पीड़ित बच्चा पहली कक्षा में पढ़ता है। बच्चे के पिता ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया है कि स्कूल केहेडमास्टर देवेंद्रऔर दो शिक्षक,बाबू रामऔरकृतिका ठाकुर,पिछले करीब एक साल से उनके बेटे को लगातार प्रताड़ित और मारपीट कर रहे थे।पिता ने बताया कि शिक्षकों की बार-बार की पिटाई से उनके बेटे केकान से खून आने लगा और उसका कान का पर्दा भी फट गया।हैवानियत यहीं नहीं रुकी। आरोप है कि एक बार शिक्षकों ने बच्चे को स्कूल के टॉयलेट में ले जाकर उसकी पैंट के अंदर एक जिंदा बिच्छू डाल दिया।इन गंभीर धाराओं में केस दर्जशिकायत मिलने के बाद पुलिस ने तीनों आरोपी शिक्षकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है।भारतीय न्याय संहिता (BNS):इसके तहत गलत तरीके से बंधक बनाने,जानबूझकर गंभीर चोट पहुंचाने,धमकी देने और सामूहिक रूप से अपराध करने जैसी धाराएं लगाई गई हैं।जुवेनाइल जस्टिस (JJ)एक्ट:बच्चे के साथ क्रूरता करने के लिए इस एक्ट के तहत भी मामला दर्ज हुआ है।SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम:मामला दलित छात्र से जुड़ा होने के कारण,शिक्षकों परSC/STएक्ट की धाराएं भी लगाई गई हैं,जिनमें जबरन कपड़े उतरवाने और अपमानित करने जैसे गंभीर अपराध शामिल हैं।शिकायत करने पर परिवार को मिली जान से मारने की धमकीपीड़ित बच्चे के पिता ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी शिक्षकों ने पहले तो उनके बेटे को धमकाया कि अगर उसने घर पर कुछ भी बताया तो उसे पुलिस से गिरफ्तार करवा देंगे। जब पिता ने इस मामले की शिकायत करने का फैसला किया,तो उन्हें भी जान से मारने की धमकियां दी गईं।पिता के अनुसार, 30अक्टूबर को हेडमास्टर ने उन्हें धमकाते हुए कहा, “अगर यह मामला बाहर आया तो तुम्हें और तुम्हारे परिवार को बुरा भुगतना पड़ेगा…हम तुम्हें जला देंगे।” उन्हें यह भी चेतावनी दी गई कि अगर उन्होंने पुलिस में शिकायत की या इस घटना को सोशल मीडिया पर डाला तोउन्हें अपनी जान गंवानी पड़ सकती है।पुलिस अब इन सभी आरोपों और धमकियों की गहनता से जांच कर रही है।