
आज पूरे देश में कार्तिक पूर्णिमा का पावन पर्व मनाया जा रहा है। आप सभी को इस पवित्र दिन की ढेर सारी शुभकामनाएं! इस दिन की सुबह ही खास होती है,जब लोग गंगा या किसी पवित्र नदी में डुबकी लगाकर खुद को धन्य महसूस करते हैं। हमारे बड़े-बुजुर्ग कहते हैं कि आज के दिन स्नान,दान और पूजा-पाठ करने से साल भर की सभी पूर्णिमा का पुण्य एक साथ मिल जाता है।यह दिन भगवान विष्णु और भोलेनाथ,दोनों के लिए ही बहुत विशेष है। ऐसा माना जाता है कि इसी दिन भगवान विष्णु ने मछली का रूप धरकर (मत्स्य अवतार) सृष्टि को बचाया था। वहीं,भगवान शिव ने भी आज ही के दिन त्रिपुरासुर नाम के राक्षस का अंत करके देवताओं और इंसानों को उसके डर से आज़ादी दिलाई थी।इसी जीत की खुशी में सभी देवताओं ने धरती पर आकर गंगा किनारे अनगिनत दीये जलाए थे। तभी से इस दिन को’देव दीपावली’के रूप में मनाने की परंपरा चली आ रही है। साथ ही,आज सिखों के प्रथम गुरु,गुरु नानक देव जी का प्रकाश पर्व भी मनाया जाता है।कहते हैं कि साल के इस सबसे पवित्र दिन पर कुछ बातों का ध्यान रखना चाहिए,ताकि घर में सुख-शांति बनी रहे और मां लक्ष्मी की कृपा हमेशा बरसती रहे। चलिए,जानते हैं कि वे कौन-सी बातें हैं:तुलसी के पत्ते न तोड़ें:कार्तिक पूर्णिमा के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना अच्छा नहीं माना जाता। तुलसी जी को मां लक्ष्मी का ही रूप माना गया है और आज के दिन उन्हें कष्ट देने से मां लक्ष्मी नाराज़ हो सकती हैं,जिससे घर की बरकत पर असर पड़ सकता है।घर में अंधेरा न होने दें:ऐसी मान्यता है कि कार्तिक पूर्णिमा की रात देवतागण पृथ्वी पर भ्रमण करने आते हैं। इसलिए इस दिन घर के किसी भी कोने में अंधेरा नहीं रखना चाहिए। कोशिश करें कि हर कमरे में रोशनी रहे।ये चीज़ें किसी को न दें:कार्तिक पूर्णिमा का संबंध सीधे चंद्रमा से होता है। ज्योतिष में दूध और चांदी को चंद्रमा का प्रतीक माना गया है। इसलिए आज के दिन किसी को भी दूध,चांदी या कोई भी सफेद रंग की चीज़ दान में नहीं देनी चाहिए। माना जाता है कि इससे कुंडली में चंद्र दोष बढ़ सकता है।सादा भोजन करें:यह दिन बहुत पवित्र होता है,इसलिए घर में सात्विक माहौल बनाए रखना चाहिए। अगर आपने व्रत नहीं भी रखा है,तो भी आज के दिन मांस-मछली,अंडा,लहसुन और प्याज जैसी चीज़ों से परहेज करना बेहतर होता है।किसी को खाली हाथ न लौटाएं:अगर आज आपके दरवाजे पर कोई ज़रूरतमंद या कोई बुजुर्ग आए,तो उसे खाली हाथ बिल्कुल न लौटाएं। अपनी क्षमता के अनुसार उसे कुछ खाने को दें,अन्न या फल दान करें। ऐसा करने से पुण्य मिलता है और घर में समृद्धि आती है।
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