
News India Live, Digital Desk: बांग्लादेश क्रिकेट इस समय एक बड़े विवाद में घिर गया है। टीम की तेज़ गेंदबाज़ जहाँआरा आलम (Jahanara Alam) ने राष्ट्रीय टीम के एक पूर्व चयनकर्ता मंज़ूरुल इस्लाम पर यौन उत्पीड़न और मानसिक प्रताड़ना के बेहद गंभीर और सनसनीखेज़ आरोप लगाए हैं। इस घटना ने बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) में भूचाल ला दिया है।क्या हैं जहाँआरा के आरोप?ESPNcricinfo की एक रिपोर्ट के अनुसार, जहाँआरा ने आरोप लगाया है कि जब वह राष्ट्रीय क्रिकेट अकादमी में रिहैब के लिए गई थीं, तब चयनकर्ता मंज़ूरुल इस्लाम ने उनके साथ बेहद असहज और अनुचित व्यवहार किया था।एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में अपनी आपबीती सुनाते हुए जहाँआरा ने कहा, “रिहैब के दौरान ट्रेनर मुझसे मेरी पीरियड साइकिल के बारे में पूछ रहे थे ताकि वे मेरी ट्रेनिंग का शेड्यूल उसी हिसाब से बना सकें। मैंने देखा कि चयनकर्ता मंज़ूरुल इस्लाम बार-बार ट्रेनर के कमरे में आ रहे थे, जो कि उनका काम नहीं था।”उन्होंने आगे जो बताया, वह और भी ज़्यादा चौंकाने वाला है। जहाँआरा ने कहा, “वह मेरे और क़रीब आए और मुझसे सीधे मेरे पीरियड साइकिल के बारे में पूछने लगे। वह यह जानना चाहते थे कि यह कब शुरू होता है, कब ख़त्म होता है और इसके दौरान मुझे कैसा महसूस होता है।”जहाँआरा ने इसे सीधे तौर पर यौन उत्पीड़न बताते हुए कहा कि एक चयनकर्ता को महिला खिलाड़ी की व्यक्तिगत और शारीरिक जानकारी में इतनी दिलचस्पी लेने का कोई अधिकार नहीं है, खासकर जब टीम के डॉक्टर और फिजियो पहले से ही इस चीज़ का ध्यान रख रहे हों।सिर्फ़ उत्पीड़न नहीं, मानसिक प्रताड़ना का भी आरोपजहाँआरा ने यह भी आरोप लगाया कि मंज़ूरुल इस्लाम उन्हें लंबे समय से मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। उन्होंने कहा, “जब भी আমি टीम में होती थी, वह मुझे बिना किसी कारण के प्रैक्टिस से रोक देते थे। वह जिम और इनडोर प्रैक्टिस के लिए मेरा शेड्यूल बनाने में भी दखल देते थे।”क्या कहता है बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड?यह मामला सामने आने के बाद बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) हरकत में आ गया है। बोर्ड के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि उन्होंने इन आरोपों को बेहद गंभीरता से लिया है। बोर्ड इस मामले की गहन जांच करने और दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद ही कोई निर्णय लेगा।वहीं, आरोपी मंज़ूरुल इस्लाम ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को झूठा और बेबुनियाद बताया है। उन्होंने कहा है कि यह उन्हें बदनाम करने की एक साज़िश है क्योंकि जहाँआरा को हाल ही में टीम से बाहर कर दिया गया था।यह घटना महिला क्रिकेट और महिला एथलीट्स की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े करती है। अब देखना यह होगा कि जांच में क्या निकलकर आता है और बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड इस मामले में क्या कदम उठाता है।
UK News