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News India Live, Digital Desk: हमारे किचन में जीरा सिर्फ एक मसाला नहीं है, बल्कि यह खाने के स्वाद और खुशबू की जान है. शायद ही कोई ऐसी भारतीय सब्जी या दाल होगी, जिसमें जीरे का तड़का न लगता हो. सेहत के लिए भी जीरा बहुत फायदेमंद माना जाता है. लेकिन क्या आप जानते हैं कि हिंदू कैलेंडर में एक महीना ऐसा भी आता है, जब इसी फायदेमंद जीरे को खाना जहर के समान माना गया है?जी हां, यह बिल्कुल सच है. शास्त्रों और पुरानी मान्यताओं के अनुसार, मार्गशीर्ष के महीने में, जिसे अगहन का महीना भी कहते हैं, जीरा खाने की सख्त मनाही है. अब आप सोच रहे होंगे कि आखिर ऐसा क्यों है? जिस जीरे को हम पूरे साल खाते हैं, वो इस एक महीने में अचानक इतना अशुभ और नुकसानदायक कैसे हो जाता है? चलिए, इसके पीछे छिपे हैरान करने वाले कारण को जानते हैं.क्यों है अगहन में जीरा खाना मना?इसके पीछे कोई एक नहीं, बल्कि कई पौराणिक और वैज्ञानिक कारण बताए जाते हैं.1. सेहत से जुड़ा तर्क:अगहन का महीना सर्दियों की शुरुआत का समय होता है. इस दौरान हमारी पाचन शक्ति थोड़ी कमजोर पड़ जाती है. माना जाता है कि जीरे की तासीर गर्म होती है और इस मौसम में इसका सेवन करने से शरीर में गर्मी बढ़ सकती है, जिससे पेट से जुड़ी समस्याएं जैसे गैस, एसिडिटी और अपच हो सकती है. आयुर्वेद भी इस मौसम में पाचन तंत्र को आराम देने की सलाह देता है.2. ज्योतिष और ग्रहों का कनेक्शन:ज्योतिष शास्त्र के अनुसार, जीरे का संबंध राहु ग्रह से माना गया है. मार्गशीर्ष के महीने में ग्रहों की चाल कुछ ऐसी होती है कि अगर इस दौरान जीरे का सेवन किया जाए, तो राहु का अशुभ प्रभाव बढ़ सकता है. इससे जीवन में अचानक परेशानियां, बीमारियां और धन हानि जैसी समस्याएं आ सकती हैं.3. देवी-देवताओं से जुड़ी मान्यता:मार्गशीर्ष का महीना भगवान श्री कृष्ण और सूर्य देव को समर्पित माना जाता है. इस पूरे महीने में उनकी विशेष पूजा-अर्चना की जाती है. पौराणिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र महीने में जीरे का सेवन करना इन देवी-देवताओं को अप्रसन्न कर सकता है, जिससे व्यक्ति को उनके कोप का भाजन बनना पड़ सकता है.कब से कब तक है अगहन का महीना?इस साल 2025 में, मार्गशीर्ष का महीना 16 नवंबर से शुरू होकर 15 दिसंबर तक रहेगा. यानी इन 30 दिनों के लिए आपको अपने किचन में जीरे के इस्तेमाल से परहेज करना चाहिए.यह सिर्फ एक अंधविश्वास नहीं है, बल्कि हमारी सदियों पुरानी परंपराओं के पीछे अक्सर सेहत और प्रकृति से जुड़े गहरे रहस्य छिपे होते हैं. हो सकता है कि हमारे पूर्वजों ने मौसम और शरीर पर पड़ने वाले उसके प्रभाव को ध्यान में रखकर ही यह नियम बनाया हो. इसलिए, इस एक महीने जीरे से दूरी बनाकर आप न सिर्फ एक पुरानी परंपरा का पालन करेंगे, बल्कि शायद अनजाने में ही अपनी सेहत को भी एक बड़ा फायदा पहुंचाएंगे.
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