News India Live, Digital Desk : सिरदर्द एक ऐसी समस्या है जिससे हम सब कभी न कभी दो-चार होते ही हैं। ऑफिस का स्ट्रेस हो, दिन भर की थकान हो, या बस नींद पूरी न हुई हो—सिर में भारीपन लगना आम बात है। हम अक्सर एक ‘पेन किलर’ लेते हैं और सो जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि कभी-कभी हमारा शरीर हमें सिरदर्द के जरिए एक बड़े खतरे का इशारा दे रहा होता है?
आज हम बात कर रहे हैं ब्रेन ट्यूमर (Brain Tumour) के उन शुरुआती लक्षणों की, जो खास तौर पर रात के वक्त ज्यादा परेशान करते हैं। डॉक्टर हमेशा कहते हैं कि “शरीर की बात सुनो”, क्योंकि बीमारी बड़ी होने से पहले दस्तक ज़रूर देती है।
रात को बढ़ने वाला सिरदर्द क्यों खतरनाक है?
आम सिरदर्द आराम करने या सोने से ठीक हो जाता है। लेकिन अगर मामला ब्रेन ट्यूमर का है, तो स्थिति उल्टी हो सकती है। अगर आपको रात में सोते समय अचानक तेज सिरदर्द (Night Headaches) होता है जिससे आपकी नींद खुल जाती है, तो इसे हल्के में नहीं लेना चाहिए।
दरअसल, जब हम लेटते हैं, तो हमारे दिमाग में एक तरल पदार्थ (Spinal Fluid) का दबाव बढ़ सकता है। अगर दिमाग में ट्यूमर है, तो यह बढ़ा हुआ दबाव भयंकर दर्द पैदा करता है।
सिर्फ़ दर्द ही नहीं, इन 4 लक्षणों पर भी गौर करें:
ब्रेन ट्यूमर सिर्फ सिरदर्द तक सीमित नहीं रहता। अगर आपको रात में या सुबह उठते ही ये दिक्कतें महसूस हों, तो तुरंत डॉक्टर से सलाह लें:
- सुबह-सुबह उल्टियां होना (Morning Vomiting): अक्सर ट्यूमर के मरीज बताते हैं कि उन्हें सुबह उठते ही बहुत तेज सिरदर्द होता है और बिना किसी पेट ख़राब हुए, उल्टियां होने लगती हैं। उल्टी होने के बाद सिरदर्द में थोड़ा आराम भी मिल जाता है। यह एक ‘रेड फ्लैग’ है।
- धुंधला दिखना (Vision Problems): क्या आपको रात में देखने में दिक्कत हो रही है? या चीजें दो-दो (Double Vision) दिखाई दे रही हैं? ट्यूमर बढ़ने पर आँखों की नसों पर दबाव पड़ता है, जिससे नज़र कमजोर होने लगती है।
- शरीर में सुन्नपन या झनझनाहट: अगर आपको सोते वक्त हाथ-पैर में अजीब सी झनझनाहट हो या शरीर का कोई हिस्सा सुन्न पड़ रहा हो, तो यह नर्वस सिस्टम पर दबाव का संकेत हो सकता है।
- दौरे पड़ना (Seizures): किसी भी स्वस्थ इंसान को अगर अचानक बिना किसी कारण के मिर्गी जैसा दौरा पड़े, तो यह ब्रेन ट्यूमर का एक प्रमुख लक्षण माना जाता है।
डरें नहीं, जागरूक बनें
देखिए, हर सिरदर्द ट्यूमर नहीं होता। माइग्रेन या साइनस में भी सिरदर्द होता है। लेकिन अंतर समझना ज़रूरी है। अगर आपकी सिरदर्द की गोली (Painkillers) असर करना बंद कर दे, या दर्द का पैटर्न बदल जाए (हल्के से बहुत तेज हो जाए), तो न्यूरोलॉजिस्ट को दिखाना समझदारी है।
याद रखिए, कैंसर या ट्यूमर का नाम सुनते ही हम डर जाते हैं, लेकिन अगर सही समय पर (Early Stage) इसका पता चल जाए, तो इलाज पूरी तरह मुमकिन है। सतर्क रहें और अपनी सेहत को पहली प्राथमिकता दें।
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