
News India Live, Digital Desk : हम अक्सर कहते हैं कि “सावधानी हटी, दुर्घटना घटी,” लेकिन बिहार के भागलपुर (Bhagalpur) में जो हुआ, उसे सुनकर ऐसा लगता है कि कई बार आपकी सावधानी भी धरी की धरी रह जाती है अगर सामने वाला लापरवाह हो।आज एक ऐसी खबर सामने आई है जिसने पूरे इलाके में मातम पसार दिया है। सड़क पर दौड़ती एक गाड़ी कब ‘यमराज’ बन गई, किसी को पता ही नहीं चला।क्या हुआ वहां?घटना भागलपुर की है, जहां एक तेज रफ़्तार कार ने कहर बरपाया। चश्मदीदों की मानें तो कार की स्पीड इतनी ज्यादा थी कि ड्राइवर उस पर से अपना कंट्रोल खो बैठा। एक अनियंत्रित गाड़ी, जिसे शायद कोई नौसिखिया चला रहा था या फिर रफ़्तार का नशा सवार था, उसने सड़क पर मौजूद तीन बेकसूर लोगों को बेरहमी से रौंद दिया।टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मौके पर ही चीख-पुकार मच गई। दुर्भाग्य से, इस हादसे में दो लोगों की जान चली गई। जरा सोचिए उन परिवारों के बारे में जिनका कोई अपना सुबह घर से काम पर निकला होगा, और शाम को खबर आई कि वो अब इस दुनिया में नहीं रहे।एक की हालत गंभीरइस हादसे में एक तीसरा शख्स भी बुरी तरह घायल हुआ है, जो अभी अस्पताल में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने तुरंत मदद की कोशिश की और पुलिस को खबर दी, लेकिन दो जिन्दगियां तो रफ़्तार की भेंट चढ़ चुकी थीं।गुस्सा और सवालघटना के बाद वहां मौजूद लोगों में काफी गुस्सा देखने को मिला। और गुस्सा होना लाजमी भी है। बिहार की सड़कों पर ‘ओवरस्पीडिंग’ (Overspeeding) एक बीमारी बनती जा रही है। खुली सड़क मिलते ही लोग गाड़ी को रेसिंग कार समझ लेते हैं, और इसका खामियाजा बेगुनाह राहगीरों को भुगतना पड़ता है।पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। कार किसकी थी, ड्राइवर नशे में था या नहीं, ये सब जांच का विषय है। लेकिन सवाल वही है—कानून अपनी जगह है, पर जो चले गए, उनकी कमी कौन पूरी करेगा?हम सब के लिए सबकदोस्तों, यह खबर सिर्फ पढ़ने के लिए नहीं, बल्कि सोचने के लिए है। हम जब भी स्टीयरिंग थामें, तो याद रखें कि सड़क पर चलने वाला हर इंसान किसी का बेटा, पिता या भाई है। आपकी थोड़ी सी जल्दबाजी या स्टंट दिखाने की चाहत किसी की जान ले सकती है।ईश्वर मृतकों की आत्मा को शांति दे और घायल व्यक्ति को जल्द स्वस्थ करे। भागलपुर के इस हादसे ने एक बार फिर हमें याद दिलाया है कि गाड़ी धीरे चलाना ही समझदारी है।
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