
News India Live, Digital Desk: हम में से बहुत से लोग ऐसे हैं जिनके पास पुराने फ़ोन हैं या जो विदेश जाते हैं। हम अक्सर क्या करते हैं? फ़ोन से सिम कार्ड निकाल देते हैं या रिचार्ज नहीं कराते, लेकिन घर के वाई-फाई (Wi-Fi) से कनेक्ट करके WhatsApp पर चैटिंग और कॉलिंग धड़ल्ले से करते रहते हैं। अगर आप भी ऐसा करते हैं, तो यह खबर आपको थोड़ा परेशान कर सकती है।सरकार और टेलीकॉम कंपनियां (जैसे Jio, Airtel और Vi) अब एक ऐसे नियम पर विचार कर रही हैं जो आपके व्हाट्सएप चलाने के तरीके को पूरी तरह बदल देगा। इसे ‘सिम बाइंडिंग’ (SIM Binding) कहा जा रहा है।आसान भाषा में: क्या है यह ‘सिम बाइंडिंग’?इस नियम को समझने के लिए अपने बैंकिंग ऐप्स (जैसे PhonePe, Paytm या Google Pay) का उदाहरण लें। क्या आपने गौर किया है कि ये ऐप्स तभी काम करते हैं जब आपके फ़ोन में वह सिम कार्ड मौजूद हो जो बैंक से जुड़ा है? अगर आप सिम निकाल दें, तो ये ऐप्स काम करना बंद कर देते हैं।ठीक यही नियम अब WhatsApp, Telegram और Signal जैसे ऐप्स पर लगाने की मांग हो रही है। इसका मतलब है कि:व्हाट्सएप उसी डिवाइस में चलेगा जिसमें उसका सिम कार्ड लगा होगा।सिम कार्ड का एक्टिव होना (यानी रिचार्ज होना) भी ज़रूरी हो सकता है।Jio और Airtel क्यों चाहते हैं ऐसा?हमारी भारतीय टेलीकॉम कंपनियां इस मांग का पुरजोर समर्थन कर रही हैं। उनका तर्क है कि साइबर फ्रॉड (Cyber Fraud) रोकने के लिए यह बहुत ज़रूरी है। आजकल जालसाज क्या करते हैं— वे एक फर्जी सिम से व्हाट्सएप अकाउंट बनाते हैं, फिर सिम फेंक देते हैं और वाई-फाई के जरिये लोगों को ठगते रहते हैं। पुलिस के लिए ऐसे लोगों को ट्रैक करना नामुमकिन हो जाता है क्योंकि फ़ोन में सिम ही नहीं होता।टेलीकॉम कंपनियों का कहना है कि अगर ‘सिम बाइंडिंग’ लागू हुआ, तो ऐसे फेक अकाउंट्स अपने आप बंद हो जाएंगे।लेकिन विरोध क्यों हो रहा है? (BIF का तर्क)हर सिक्के के दो पहलू होते हैं। ‘ब्रॉडबैंड इंडिया फोरम’ (BIF), जो टेक्नोलॉजी कंपनियों की बात रखता है, ने इसका कड़ा विरोध किया है। उनका कहना है कि यह नियम आम जनता, खासकर गरीबों के लिए मुसीबत बन जाएगा।गरीबों पर मार: कई लोग ऐसे हैं जो हर महीने सिम रिचार्ज नहीं करा पाते और वाई-फाई या हॉटस्पॉट मांगकर काम चलाते हैं। उनका व्हाट्सएप बंद हो जाएगा।आजादी छिन जाएगी: हम लैपटॉप, टैबलेट या डेस्कटॉप पर भी व्हाट्सएप चलाते हैं जहाँ सिम नहीं होता। क्या वो भी बंद हो जाएगा?टेक्निकल दिक्कत: यह सिस्टम बनाना बहुत जटिल है और इससे एप्स धीमे हो सकते हैं।आम यूज़र (आपके) लिए इसका क्या मतलब है?अभी इस पर सरकार ने कोई अंतिम मुहर नहीं लगाई है, सिर्फ चर्चा चल रही है। लेकिन अगर यह नियम लागू होता है, तो:आपको अपना सिम हमेशा रिचार्ज रखना पड़ेगा।सिम कार्ड को फ़ोन में लगाकर रखना होगा, उसे निकालकर अलमारी में नहीं रख सकते।’फेक नंबर्स’ से व्हाट्सएप चलाने का जुगाड़ अब नहीं चलेगा।
UK News