
News India Live, Digital Desk: आज की सुबह पुणे और भारतीय राजनीति के लिए एक दुखद खबर लेकर आई। कांग्रेस के दिग्गज नेता और कभी भारतीय खेलों की दुनिया के सबसे शक्तिशाली इंसानों में गिने जाने वाले सुरेश कलमाड़ी अब हमारे बीच नहीं रहे। 81 साल की उम्र में उन्होंने अपनी अंतिम सांस ली। कलमाड़ी काफी समय से उम्र संबंधी बीमारियों से जूझ रहे थे और पुणे के एक निजी अस्पताल में उनका इलाज चल रहा था।जब भी भारतीय खेलों और विशेष रूप से ‘कॉमनवेल्थ गेम्स’ का नाम लिया जाता है, सुरेश कलमाड़ी का चेहरा जेहन में जरूर आता है। एक दौर ऐसा था जब दिल्ली से लेकर पुणे तक, उनकी तूती बोलती थी। पुणे शहर के विकास में उनकी भूमिका को वहां के लोग आज भी याद करते हैं। तीन बार पुणे के सांसद और राज्यसभा सदस्य रहे कलमाड़ी ने राजनीति में लंबा वक्त बिताया।सिर्फ राजनीति ही नहीं, कलमाड़ी की पकड़ भारतीय खेलों पर भी बेहद मजबूत थी। भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) के अध्यक्ष के रूप में उन्होंने कई सालों तक खेलों का नेतृत्व किया। हालांकि, उनके करियर में उतार-चढ़ाव भी बहुत आए। कॉमनवेल्थ गेम्स से जुड़े विवादों के कारण उन्हें काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ा, जेल भी जाना पड़ा, लेकिन सियासत की बिसात पर उनका कद कभी कम नहीं हुआ।पिछले कुछ सालों से वे राजनीति की चकाचौंध से दूर थे। उनका गिरता स्वास्थ्य उन्हें घर तक ही सीमित रख रहा था। आज जब उनके निधन की खबर आई, तो पुराने साथियों और कार्यकर्ताओं की आंखों में उनकी यादें ताज़ा हो गईं। राजनीति अपनी जगह है, लेकिन एक व्यक्तित्व के रूप में कलमाड़ी का जाना महाराष्ट्र और देश की राजनीति में एक बड़ी रिक्ति पैदा कर गया है।सोशल मीडिया पर उन्हें चाहने वाले और पुणे के लोग नम आंखों से श्रद्धांजलि दे रहे हैं। वाकई, सुरेश कलमाड़ी के साथ ही खेल और सियासत का एक बेहद चर्चित अध्याय आज हमेशा के लिए बंद हो गया है।
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