Wednesday , October 28 2026

मासिक जन्माष्टमी जनवरी 2026, घर में आएगी सुख-समृद्धि, बस पूजा के समय रखें इन छोटी बातों का खास ख्याल

News India Live, Digital Desk: कहते हैं कि भक्ति के लिए किसी बड़े त्योहार का इंतज़ार ज़रूरी नहीं, हर वह दिन खास है जो हमें भगवान से जोड़ दे। कान्हा के भक्तों के लिए तो हर महीने आने वाली ‘मासिक जन्माष्टमी’ भी किसी उत्सव से कम नहीं होती। साल 2026 की शुरुआत हो चुकी है और जनवरी के महीने में आने वाली यह पहली मासिक जन्माष्टमी हम सभी के लिए भगवान कृष्ण की कृपा पाने का एक शानदार मौका है।क्या होती है मासिक जन्माष्टमी?जैसे हम साल में एक बार बड़े धूमधाम से कृष्ण जन्माष्टमी मनाते हैं, ठीक वैसे ही हर महीने के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को ‘मासिक जन्माष्टमी’ मनाई जाती है। श्रद्धालुओं का मानना है कि जो लोग इस दिन व्रत रखते हैं और पूरे विधि-विधान से पूजा करते हैं, उनके जीवन से दुख-कष्ट वैसे ही दूर हो जाते हैं जैसे कन्हैया ने अपनी गोपियों और भक्तों के कष्ट हरे थे।जनवरी 2026 में कब है शुभ मुहूर्त?जनवरी के इस महीने में अष्टमी तिथि को लेकर उलझन में न पड़ें। इस बार यह तिथि अध्यात्म और पूजा-पाठ के लिए बेहद खास है। शास्त्रों के अनुसार, मासिक जन्माष्टमी की मुख्य पूजा ‘निशिता काल’ यानी मध्य रात्रि में की जाती है क्योंकि भगवान कृष्ण का जन्म आधी रात को ही हुआ था। (तारीख और सही समय के लिए स्थानीय पंचांग देखना बेहतर है, लेकिन आमतौर पर यह तिथि जनवरी के दूसरे सप्ताह के आसपास पड़ती है)।लड्डू गोपाल की सेवा और पूजा विधिअगर आप घर पर पूजा कर रहे हैं, तो कुछ छोटी-छोटी बातें आपकी पूजा को और भी फलदायी बना सकती हैं:साफ-सफाई: सुबह उठकर स्नान के बाद घर के मंदिर को साफ करें और भगवान के सामने दीपक जलाएं।अभिषेक: अगर आपके घर में ‘लड्डू गोपाल’ हैं, तो उनका पंचामृत (दूध, दही, घी, शहद और गंगाजल) से अभिषेक करें। यह दृश्य मन को बहुत शांति देता है।श्रृंगार: इसके बाद कान्हा को सुंदर पीले वस्त्र पहनाएं और उन्हें मोर पंख, बांसुरी और माखन-मिश्री का भोग लगाएं।मंत्र जप: पूजा के समय ‘ॐ नमो भगवते वासुदेवाय’ का निरंतर जप करना आपके आसपास सकारात्मक ऊर्जा फैलाता है।एक छोटा सा मंत्र और बड़ी राहतबहुत से लोग पूछते हैं कि इस व्रत का फल क्या है? देखिए, कृष्ण की भक्ति का पहला फल तो ‘शांति’ है। जो महिलाएं संतान सुख की कामना रखती हैं या जो लोग आर्थिक तंगी से गुज़र रहे हैं, उनके लिए इस दिन किया गया व्रत बहुत फलदायी माना गया है। बस ध्यान रहे कि आपका मन साफ हो और भगवान पर अटूट विश्वास हो।