Wednesday , October 28 2026

अब UP के कॉलेजों की मर्जी नहीं चलेगी ,UP-PRAMAN पोर्टल पर खुलेगी पोल, हर कॉलेज का निकलेगा कच्चा-चिट्ठा

News India Live, Digital Desk: अक्सर जब 12वीं के बाद बच्चे या उनके माता-पिता डिग्री कॉलेज में एडमिशन के लिए जाते हैं, तो उनके सामने सबसे बड़ा सवाल यही होता है कौन सा कॉलेज सबसे अच्छा है? कॉलेज वाले तो बड़े-बडे दावे करते हैं, लेकिन क्या सच में वहां वैसी पढ़ाई या प्लेसमेंट होती है?इसी समस्या का समाधान करने के लिए उत्तर प्रदेश सरकार एक शानदार पहल करने जा रही है। अब यूपी के करीब 8,000 सरकारी और प्राइवेट डिग्री कॉलेजों की ‘रैंकिंग’ तय की जाएगी। इसके लिए एक नया पोर्टल भी आ गया है ‘UP-PRAMAN’ (UP-PRAMAN portal)।3 महीने में आएगा हर कॉलेज का ‘रिज़ल्ट’अब कॉलेज अपनी मनमानी नहीं कर पाएंगे। सरकार ने साफ़ कर दिया है कि अगले 3 महीनों के भीतर हर कॉलेज का एक डेटा तैयार होगा, जिसे पोर्टल पर सार्वजनिक किया जाएगा। इसमें कॉलेजों को कुछ पैमानों पर कसा जाएगा, जैसे पढ़ाने वाले टीचर्स कितने काबिल हैं, वहां का इंफ्रास्ट्रक्चर (लैब, लाइब्रेरी आदि) कैसा है और वहां से कितने छात्रों को नौकरी (Placement) मिल पा रही है।UP-PRAMAN पोर्टल क्यों है जरूरी?दरअसल, ‘NAAC’ (नैक) जैसी बड़ी ग्रेडिंग प्रोसेस में बहुत कम कॉलेज ही शामिल हो पाते थे, जिसकी वजह से छात्रों को एक औसत कॉलेज और बेहतरीन कॉलेज के बीच का अंतर समझ नहीं आता था। लेकिन अब ‘UP-PRAMAN’ पोर्टल के जरिए स्थानीय स्तर पर ही सभी कॉलेजों को एक ‘ग्रेड’ या ‘स्कोर’ दिया जाएगा। इससे कॉलेजों में एक-दूसरे से बेहतर बनने की होड़ लगेगी, जिसका सीधा फायदा हमारे छात्रों को मिलेगा।प्राइवेट कॉलेजों पर कसेगी लगामउत्तर प्रदेश के शिक्षा विभाग ने इसकी जिम्मेदारी सौंप दी है और कॉलेजों से डेटा जुटाने का काम भी शुरू हो गया है। इस रैंकिंग सिस्टम के आने के बाद फर्जीवाड़े और हवा-हवाई दावों पर काफी हद तक लगाम लगेगी।तो अगली बार जब आप एडमिशन लेने जाएं, तो उस कॉलेज की बिल्डिंग पर नहीं, बल्कि उसके ‘यूपी प्रमाण’ स्कोर पर गौर कीजिएगा। यह छोटे शहरों के होनहार छात्रों के लिए एक बड़े अवसर की तरह है।