Wednesday , October 28 2026

Magh Purnima 2026 : कब है माघ पूर्णिमा? नोट कर लें स्नान-दान का शुभ मुहूर्त और चंद्रोदय का सही समय, जानें महत्व

News India Live, Digital Desk : हिंदू धर्म में माघ पूर्णिमा का विशेष आध्यात्मिक और धार्मिक महत्व है। माना जाता है कि इस दिन स्वयं देवता स्वर्ग से उतरकर गंगा स्नान के लिए प्रयागराज (संगम) आते हैं। साल 2026 में माघ पूर्णिमा का व्रत और स्नान बहुत ही पुण्यदायी संयोग लेकर आ रहा है। इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, दान और भगवान विष्णु व चंद्रदेव की पूजा करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है।माघ पूर्णिमा 2026: तिथि और शुभ मुहूर्तसाल 2026 में माघ पूर्णिमा 1 फरवरी (रविवार) को मनाई जाएगी। पूर्णिमा तिथि की शुरुआत 31 जनवरी की रात से ही हो जाएगी, लेकिन उदयातिथि के अनुसार स्नान-दान 1 फरवरी को ही श्रेष्ठ होगा।पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 31 जनवरी 2026, रात 08:40 बजे से।पूर्णिमा तिथि समाप्त: 01 फरवरी 2026, शाम 07:15 बजे तक।स्नान-दान मुहूर्त: 01 फरवरी, सुबह 05:20 से सुबह 06:40 तक (ब्रह्म मुहूर्त)।चंद्रोदय का समय (Moonrise Timing)पूर्णिमा के दिन चंद्र देव की पूजा का विशेष विधान है। इस दिन अर्घ्य देने से मानसिक शांति और कुंडली में चंद्रमा की स्थिति मजबूत होती है।चंद्रोदय समय (1 फरवरी): शाम 05:45 बजे (स्थान के अनुसार 2-4 मिनट का अंतर हो सकता है)।माघ पूर्णिमा पूजा विधि और जरूरी नियमइस दिन व्रत रखने वाले भक्तों को निम्नलिखित विधि का पालन करना चाहिए:ब्रह्म मुहूर्त स्नान: संभव हो तो गंगा या किसी पवित्र नदी में स्नान करें, अन्यथा घर पर ही पानी में गंगाजल डालकर स्नान करें।सत्यनारायण कथा: इस दिन भगवान विष्णु की सत्यनारायण रूप में पूजा करना और कथा सुनना अत्यंत शुभ होता है।तिल का दान: माघ मास में तिल, कंबल, घी और अन्न के दान का विशेष महत्व है।पीपल की पूजा: सुबह के समय पीपल के वृक्ष पर जल अर्पित करें और घी का दीपक जलाएं।क्यों खास है इस बार की पूर्णिमा?1 फरवरी 2026 को रविवार होने के कारण यह ‘रवि-पुष्य’ जैसे शुभ संयोगों का निर्माण कर रही है। माघ पूर्णिमा पर प्रयागराज के माघ मेले का समापन भी होता है और कल्पवासियों का एक महीने का कठिन व्रत पूर्ण होता है। ज्योतिषियों के अनुसार, इस दिन दान करने से पितृ दोष से भी मुक्ति मिलती है।