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Bihar Assembly : 10 साल से एक ही रटा-रटाया भाषण, बजट चर्चा में नीतीश सरकार पर बरसे तेजस्वी

News India Live, Digital Desk: बिहार विधानसभा का बजट सत्र हंगामेदार बना हुआ है। सोमवार को सदन की कार्यवाही के दौरान नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने राज्यपाल के अभिभाषण और पेश किए गए बजट पर सरकार को जमकर घेरा। पैर में चोट के बावजूद व्हीलचेयर पर सदन पहुँचे तेजस्वी ने नीतीश सरकार की नीतियों को ‘झूठी वाहवाही’ करार दिया। वहीं, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने पलटवार करते हुए एनडीए शासनकाल की उपलब्धियां गिनाईं।सदन की कार्यवाही के 5 मुख्य अंश1. व्हीलचेयर पर तेजस्वी: “बैठकर बोलने की मिली अनुमति”तेजस्वी यादव हाल ही में पैर के अंगूठे की सर्जरी के कारण व्हीलचेयर पर सदन पहुँचे। उन्होंने अध्यक्ष से बैठकर भाषण देने की अनुमति मांगी, जिसे स्वीकार कर लिया गया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा, “राज्यपाल बदल जाते हैं, लेकिन सरकार का भाषण पिछले 10 साल से वही रटा-रटाया रहता है।”2. “झूठी वाहवाही और 100% लापरवाही”तेजस्वी ने सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि बिहार विकास के मानकों पर फिसड्डी है, लेकिन अपराध और भ्रष्टाचार में अव्वल है। उन्होंने NEET छात्रा हत्याकांड और राज्य की बिगड़ती कानून-व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए सरकार से जवाब मांगा।3. मुख्यमंत्री नीतीश कुमार का तीखा पलटवारविपक्ष के आरोपों का जवाब देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने ‘पति-पत्नी’ (लालू-राबड़ी) के राज की याद दिलाई। उन्होंने कहा कि 2005 से पहले बिहार में न सड़कें थीं, न बिजली और न ही अस्पतालों की स्थिति ठीक थी। एनडीए सरकार ने बिहार को ‘जंगलराज’ से बाहर निकालकर विकास की पटरी पर लाया है।4. बजट 2026-27: ‘सात निश्चय-3’ पर फोकसबता दें कि वित्त मंत्री बिजेंद्र प्रसाद यादव ने इस बार 3,47,589 करोड़ रुपये का अब तक का सबसे बड़ा बजट पेश किया है। इसमें:रोजगार: 2030 तक 1 करोड़ रोजगार के अवसर पैदा करने का लक्ष्य।महिला सशक्तिकरण: ‘मुख्यमंत्री महिला रोजगार योजना’ के तहत ₹2 लाख तक की सहायता।किसान: ‘जननायक कर्पूरी ठाकुर किसान सम्मान निधि’ के तहत सालाना ₹9,000 की मदद।5. विशेष राज्य के दर्जे की मांग पर सियासतचर्चा के दौरान तेजस्वी यादव ने एक बार फिर बिहार को ‘विशेष राज्य का दर्जा’ देने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि अगर सरकार यह प्रस्ताव लाती है, तो विपक्ष इसका पूरा समर्थन करेगा।विधानसभा का माहौलसदन में चर्चा के दौरान विपक्षी सदस्यों ने ‘डबल इंजन’ सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वहीं, सत्ता पक्ष के मंत्रियों ने सरकार की नई औद्योगिक नीति और बंद चीनी मिलों को फिर से शुरू करने के संकल्प को ऐतिहासिक बताया।