
News India Live, Digital Desk: भारत सरकार के शिक्षा मंत्रालय ने एक बड़ा स्पष्टीकरण जारी करते हुए साफ कर दिया है कि भविष्य में किसी भी स्कूल (चाहे वह सरकारी हो या निजी) में शिक्षक बनने के लिए TET (Teacher Eligibility Test) या CTET (Central Teacher Eligibility Test) अनिवार्य होगा। सिर्फ नई भर्ती ही नहीं, बल्कि अब प्रमोशन के लिए भी इन परीक्षाओं को पास करना जरूरी कर दिया गया है।शिक्षा मंत्रालय के स्पष्टीकरण की 3 बड़ी बातेंकक्षा 1 से 12 तक के लिए अनिवार्य: अब तक TET/CTET प्राथमिक और उच्च प्राथमिक (कक्षा 1-8) के लिए अनिवार्य था, लेकिन राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत इसे अब माध्यमिक स्तर (कक्षा 9-12) तक के शिक्षकों के लिए भी अनिवार्य किया जा रहा है।प्रमोशन के लिए भी शर्त: यदि कोई प्राथमिक शिक्षक उच्च माध्यमिक शिक्षक के रूप में प्रमोट होना चाहता है, तो उसे संबंधित स्तर की पात्रता परीक्षा (TET/CTET) उत्तीर्ण करनी होगी। बिना इसके करियर ग्रोथ संभव नहीं होगी।प्राइवेट स्कूलों पर भी लागू: यह नियम केवल सरकारी स्कूलों तक सीमित नहीं है। अब निजी स्कूलों को भी यह सुनिश्चित करना होगा कि उनके यहाँ पढ़ाने वाले शिक्षक पात्रता परीक्षा पास हों।क्यों लिया गया यह फैसला?सरकार का मुख्य उद्देश्य शिक्षा की गुणवत्ता (Quality of Education) में सुधार करना है। मंत्रालय का मानना है कि:शिक्षक की योग्यता का एक समान मानक (Standard) होना चाहिए।प्रमोशन प्रक्रिया में केवल वरिष्ठता (Seniority) नहीं, बल्कि योग्यता (Merit) को भी महत्व मिलना चाहिए।यह कदम छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए स्किल्ड टीचर्स की उपलब्धता सुनिश्चित करेगा।शिक्षक अभ्यर्थियों और कार्यरत शिक्षकों पर असरअभ्यर्थियों के लिए: अब आपको केवल NET/SET ही नहीं, बल्कि स्कूली शिक्षा के लिए संबंधित राज्य या केंद्र की पात्रता परीक्षा पर भी ध्यान देना होगा।कार्यरत शिक्षकों के लिए: जो शिक्षक पहले से सेवा में हैं और पदोन्नति की उम्मीद कर रहे हैं, उन्हें जल्द से जल्द अपनी पात्रता परीक्षा क्लियर करनी होगी।
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