
News India Live, Digital Desk : बिहार में ‘सुशासन’ के दावों के बीच भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान तेज हो गया है। मुजफ्फरपुर जिले में एक के बाद एक दो बड़ी गिरफ्तारियों ने प्रशासनिक गलियारों में खलबली मचा दी है। मंगलवार को प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी (DAO) की गिरफ्तारी के बाद, बुधवार (18 फरवरी 2026) को विजिलेंस की टीम ने सदर थाने में तैनात दारोगा भास्कर कुमार को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया।भगवानपुर चौक के पास बिछाया गया जालजानकारी के मुताबिक, दारोगा भास्कर कुमार एक मामले में राहत देने के नाम पर पीड़ित से रिश्वत की मांग कर रहे थे। थक-हारकर पीड़ित ने इसकी शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। ब्यूरो ने मामले का सत्यापन कराया और आरोप सही पाए जाने पर जाल बिछाया। जैसे ही दारोगा ने भगवानपुर चौक के पास पीड़ित से 15,000 रुपये लिए, पहले से तैनात निगरानी की टीम ने उन्हें दबोच लिया।24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी स्ट्राइकमुजफ्फरपुर में भ्रष्टाचार के खिलाफ यह 24 घंटे के भीतर दूसरी बड़ी कार्रवाई है:मंगलवार की कार्रवाई: विशेष निगरानी इकाई (SVU) ने प्रभारी जिला कृषि पदाधिकारी हिमांशु कुमार और उनके निजी चालक को 50,000 रुपये की घूस लेते गिरफ्तार किया था। वे एक उर्वरक दुकानदार का लाइसेंस रद्द न करने के बदले रुपयों की मांग कर रहे थे।बुधवार की कार्रवाई: सदर थाने के दारोगा भास्कर कुमार को केस डायरी में मदद के एवज में पैसे लेते पकड़ा गया।पुलिस महकमे में मचा हड़कंपभास्कर कुमार 2019 बैच के सब-इंस्पेक्टर हैं और मूल रूप से पूर्णिया के रहने वाले हैं। एक युवा अधिकारी का इस तरह रिश्वत लेते पकड़े जाना जिले के पुलिस महकमे के लिए बड़ा झटका माना जा रहा है। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस की टीम उन्हें अपने साथ पटना ले गई है, जहां पूछताछ के बाद उन्हें निगरानी की विशेष अदालत में पेश किया जाएगा।जीरो टॉलरेंस की नीतिनिगरानी विभाग के अधिकारियों ने साफ किया है कि भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी। मुजफ्फरपुर में पिछले डेढ़ महीने में यह तीसरी बड़ी कार्रवाई है (जनवरी में भी तत्कालीन DAO गिरफ्तार हुए थे), जो दर्शाता है कि जिले के कई विभागों में भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हैं।
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