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नई दिल्ली। सफर अचानक तय हो और ट्रेन में सीटें फुल हों, तो ‘तत्काल’ ही एकमात्र सहारा नजर आता है। लेकिन अक्सर शिकायत रहती है कि बुकिंग शुरू होते ही चंद सेकंड में सीटें गायब हो जाती हैं। यात्रियों की इसी सिरदर्दी को खत्म करने के लिए भारतीय रेलवे ने साल 2026 में तत्काल टिकट बुकिंग (Tatkal Booking) के नियमों में क्रांतिकारी बदलाव किए हैं। इन नए सुधारों का सीधा मकसद दलालों के नेक्सस को तोड़ना और आम आदमी को कंफर्म बर्थ दिलाना है।आधार लिंक और OTP सत्यापन हुआ अनिवार्यरेलवे ने 2026 में फर्जी आईडी और ऑटोमेशन सॉफ्टवेयर के जरिए होने वाली धांधली को रोकने के लिए ‘वन यूजर-वन आधार’ नीति को सख्ती से लागू किया है। अब आईआरसीटीसी (IRCTC) पोर्टल पर तत्काल टिकट बुक करने के लिए आपके अकाउंट का आधार से लिंक होना जरूरी है। बुकिंग के समय अब मोबाइल पर ओटीपी (OTP) वेरिफिकेशन की प्रक्रिया जोड़ी गई है, जिससे अनधिकृत लॉग-इन और रोबोटिक बुकिंग पर लगाम लगी है।एजेंट्स पर लगा ’30 मिनट’ का बैनआम यात्रियों के लिए सबसे बड़ी राहत की खबर यह है कि अब तत्काल खिड़की खुलने के शुरुआती 30 मिनट तक अधिकृत एजेंट टिकट बुक नहीं कर पाएंगे। यानी सुबह 10 बजे और 11 बजे जब बुकिंग शुरू होगी, तो आधा घंटा केवल व्यक्तिगत यूजर ही अपनी टिकट बना सकेंगे। इससे आम जनता को सीटों के लिए बराबर का मुकाबला करने का मौका मिल रहा है, जो पहले एजेंटों के हाई-स्पीड सिस्टम के कारण मुमकिन नहीं था।बुकिंग का समय और श्रेणियों का गणित2026 में भी तत्काल बुकिंग का समय श्रेणियों के आधार पर विभाजित है। अगर आप एसी कोच (2AC, 3AC, CC) में सफर करना चाहते हैं, तो बुकिंग सुबह 10:00 बजे शुरू होती है। वहीं, स्लीपर क्लास (Sleeper) और सेकंड सिटिंग (2S) के लिए काउंटर सुबह 11:00 बजे खुलता है। ध्यान रहे कि एक पीएनआर (PNR) पर अधिकतम 4 यात्रियों की ही बुकिंग की जा सकती है। तत्काल शुल्क दूरी और श्रेणी के हिसाब से तय होता है, जो सामान्य किराए से थोड़ा अधिक होता है।’वन क्लिक’ बुकिंग से सेकंडों में होगा कामतत्काल टिकट में मुकाबला समय से होता है। इसी को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने अपने ऐप और वेबसाइट पर ‘मास्टर लिस्ट’ और ‘वन क्लिक पेमेंट’ सुविधा को अपग्रेड किया है। यात्री अपने और अपने परिवार के नाम, उम्र और पहचान पत्र की जानकारी पहले से ‘प्रोफाइल’ में सेव कर सकते हैं। पेमेंट गेटवे को पहले से सेट करने पर बुकिंग के समय सिर्फ सीवीवी (CVV) या यूपीआई पिन (UPI PIN) डालकर ट्रांजैक्शन पूरा किया जा सकता है। इससे डेटा फीड करने में लगने वाला कीमती समय बचता है और कंफर्म सीट मिलने के चांस 90% तक बढ़ जाते हैं।क्या तत्काल टिकट कैंसिल करने पर मिलता है रिफंड?रेलवे के नियमों के अनुसार, कंफर्म तत्काल टिकट को कैंसिल कराने पर कोई रिफंड नहीं मिलता है। हालांकि, अगर ट्रेन 3 घंटे से ज्यादा लेट है, रूट डायवर्ट है या ट्रेन कैंसिल हो जाती है, तो आप टीडीआर (TDR) फाइल करके पूरा रिफंड ले सकते हैं। वेटिंग लिस्ट वाले तत्काल टिकट पर नियमानुसार कटौती के बाद पैसा वापस मिल जाता है।
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