
News India Live, Digital Desk: जब सूर्य कुंभ राशि से निकलकर बृहस्पति की राशि ‘मीन’ में प्रवेश करते हैं, तो उसे मीन संक्रांति कहा जाता है। इस गोचर के साथ ही सूर्य की स्थिति कमजोर मानी जाती है, जिसके कारण शुभ कार्यों पर विराम लग जाता है।1. मीन संक्रांति 2026 की तारीख और मुहूर्त (Date & Timing)पंचांग के अनुसार, साल 2026 में मीन संक्रांति 15 मार्च 2026, रविवार को मनाई जाएगी।सूर्य का मीन राशि में प्रवेश: 15 मार्च 2026 को सुबह 06:31 AM पर।पुण्य काल मुहूर्त: सुबह 06:31 AM से दोपहर 12:44 PM तक।महा पुण्य काल मुहूर्त: सुबह 06:31 AM से 08:35 AM तक (दान-पुण्य के लिए सर्वश्रेष्ठ समय)।2. खरमास 2026: कब से कब तक? (Kharmas Duration)सूर्य के मीन राशि में रहते हुए पूरे एक महीने की अवधि को खरमास कहा जाता है।खरमास प्रारंभ: 15 मार्च 2026खरमास समाप्त: 14 अप्रैल 2026 (मेष संक्रांति के साथ समाप्त होगा)नोट: इस एक महीने की अवधि में शादी, सगाई, गृह प्रवेश, मुंडन और नए व्यापार की शुरुआत जैसे मांगलिक कार्य वर्जित रहेंगे।3. मीन संक्रांति पर क्या करें? (Rituals & Tips)भले ही शुभ कार्य वर्जित हों, लेकिन आध्यात्मिक रूप से यह समय बहुत फलदायी माना जाता है:स्नान और दान: इस दिन पवित्र नदियों में स्नान करने और ब्राह्मणों को पीले वस्त्र, अन्न या चने की दाल दान करने का विशेष महत्व है।सूर्य देव की उपासना: सूर्य को अर्घ्य दें और ‘ॐ सूर्याय नमः’ का जाप करें। इससे कुंडली में सूर्य की स्थिति मजबूत होती है।विष्णु पूजा: चूंकि मीन बृहस्पति की राशि है, इसलिए इस दिन भगवान विष्णु की पूजा और ‘विष्णु सहस्रनाम’ का पाठ करना अत्यंत लाभकारी होता है।4. खरमास में क्यों नहीं होते शुभ कार्य?ज्योतिषीय मान्यता है कि खरमास के दौरान सूर्य के रथ के घोड़े थक जाते हैं और सूर्य की गति धीमी या ‘मलिन’ हो जाती है। इस समय किए गए कार्यों में दैवीय आशीर्वाद की कमी मानी जाती है, इसलिए 14 अप्रैल को बैसाखी (मेष संक्रांति) तक प्रतीक्षा करना उचित होता है।हेंगे?
UK News
