
News India Live, Digital Desk : मिडिल ईस्ट में चल रही जंग अब निर्दोष नागरिकों और विदेशी कामगारों के लिए काल बनती जा रही है। इराक के समुद्री क्षेत्र (Iraqi Waters) में एक अमेरिकी तेल टैंकर पर हुए संदिग्ध ईरानी हमले में एक भारतीय नागरिक की मौत होने की पुष्टि हुई है। इस घटना ने खाड़ी देशों में काम कर रहे लाखों भारतीयों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।कैसे हुआ हमला? जानकारी के मुताबिक, अमेरिकी ध्वज वाला एक विशाल तेल टैंकर इराक के पास से गुजर रहा था, तभी उस पर ड्रोन या मिसाइल से सटीक हमला किया गया। हमले के बाद टैंकर में भीषण आग लग गई। जहाज पर सवार क्रू मेंबर्स में कई भारतीय शामिल थे, जिनमें से एक की मौके पर ही मौत हो गई। हालांकि, अभी तक मृतक की पहचान सार्वजनिक नहीं की गई है।ईरान का दावा और अमेरिका की चेतावनी ईरान समर्थित समूहों ने इस हमले की जिम्मेदारी लेते हुए इसे इजरायल और अमेरिका की आक्रामकता का जवाब बताया है। दूसरी ओर, अमेरिकी रक्षा मंत्रालय (Pentagon) ने इस हमले को अंतरराष्ट्रीय समुद्री नियमों का खुला उल्लंघन करार दिया है। अमेरिका ने स्पष्ट किया है कि वह अपने हितों और अपने जहाजों पर होने वाले हर हमले का मुंहतोड़ जवाब देगा।भारत सरकार का रुख भारत का विदेश मंत्रालय (MEA) इस घटना के बाद से ही इराक और ईरान में स्थित भारतीय दूतावासों के संपर्क में है। सरकार मृतक के पार्थिव शरीर को जल्द से जल्द भारत लाने और जहाज पर सवार अन्य भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रयास कर रही है। खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते खतरे को देखते हुए भारत सरकार ने नाविकों और वहां रह रहे भारतीयों के लिए नई एडवायजरी जारी की है।तेल की कीमतों पर असर अमेरिकी टैंकर पर हमले और एक भारतीय की मौत के बाद वैश्विक तेल बाजार में एक बार फिर अस्थिरता देखी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि टैंकरों पर हमले इसी तरह जारी रहे, तो सप्लाई चेन पूरी तरह ठप हो सकती है।
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