News India Live, Digital Desk: असम विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तिथि (24 मार्च) से ठीक एक दिन पहले भाजपा को करारा झटका लगा है। हिमंता बिस्वा सरमा सरकार में खेल, युवा कल्याण और अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री रहीं नंदिता गोरलोसा ने रविवार (22 मार्च 2026) की रात नाटकीय घटनाक्रम के बीच कांग्रेस की सदस्यता ग्रहण कर ली। भाजपा द्वारा उनका टिकट काटकर नए चेहरे रुपाली लांगथासा को उम्मीदवार बनाए जाने से वे नाराज थीं। कांग्रेस ने भी बिना देर किए उन्हें हाफलांग (ST) विधानसभा क्षेत्र से अपना आधिकारिक उम्मीदवार घोषित कर दिया है।कौन हैं नंदिता गोरलोसा? (एक नजर में)नंदिता गोरलोसा असम के पहाड़ी जिले दीमा हसाओ (Dima Hasao) की एक प्रभावशाली आदिवासी नेता हैं।राजनीतिक सफर: उन्होंने 2021 में पहली बार भाजपा के टिकट पर हाफलांग सीट से जीत दर्ज की थी। उनकी लोकप्रियता को देखते हुए उन्हें सीधे कैबिनेट मंत्री बनाया गया था।संभाले पोर्टफोलियो: मंत्री के रूप में उन्होंने बिजली, सहकारिता, खान और खनिज, और आदिवासी संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विभाग संभाले।शिक्षा: उन्होंने गुवाहाटी के प्रतिष्ठित कॉटन कॉलेज से जूलॉजी में एम.एससी. (M.Sc.) की डिग्री हासिल की है।क्यों बदला पाला? टिकट कटने से थी नाराजगीभाजपा ने इस बार ‘एंटी-इंकंबेंसी’ (Anti-incumbency) को कम करने के लिए अपने 18 मौजूदा विधायकों के टिकट काटे हैं, जिनमें नंदिता का नाम भी शामिल था।टिकट का मुद्दा: भाजपा ने हाफलांग से रुपाली लांगथासा को मैदान में उतारा है। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने खुद नंदिता से मुलाकात कर उन्हें मनाने की कोशिश की थी, लेकिन बात नहीं बनी।कांग्रेस का ‘मास्टरस्ट्रोक’: कांग्रेस ने नंदिता के लिए अपने पहले से घोषित उम्मीदवार निर्मल लांगथासा (प्रदेश महासचिव) को पीछे हटने के लिए मना लिया। निर्मल ने ‘व्यापक जनहित’ का हवाला देते हुए अपनी सीट नंदिता के लिए छोड़ दी है।गंभीर आरोप: कांग्रेस में शामिल होते ही नंदिता ने भाजपा पर आदिवासियों के हितों की अनदेखी करने का आरोप लगाया है।असम चुनाव 2026: क्या है समीकरण?असम की 126 सीटों पर 9 अप्रैल 2026 को मतदान होना है। नंदिता गोरलोसा के कांग्रेस में आने से दीमा हसाओ क्षेत्र में कांग्रेस की स्थिति मजबूत हुई है। भाजपा के लिए अपनी ही पूर्व मंत्री को चुनौती देना अब एक बड़ी सिरदर्दी बन गया है। मुख्यमंत्री ने हालांकि विश्वास जताया है कि नए चेहरों के साथ भाजपा फिर से सत्ता में वापसी करेगी।
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