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मालदीव के समंदर में लापता हुए भारत के जिप्सी किंग हरि सिंह की तलाश में कोस्ट गार्ड का सर्च ऑपरेशन जारी

News India Live, Digital Desk : एडवेंचर स्पोर्ट्स और ऑफ-रोडिंग की दुनिया के बेताज बादशाह, जिन्हें भारत में ‘जिप्सी किंग’ के नाम से जाना जाता है, हरि सिंह (Hari Singh) मालदीव के समंदर में एक भीषण नाव हादसे के बाद लापता हो गए हैं। सोमवार, 23 मार्च 2026 की देर शाम माले के पास एक पर्यटक नौका (Speedboat) के पलटने से यह दुर्घटना हुई। मंगलवार, 24 मार्च की दोपहर तक मालदीव नेशनल डिफेंस फोर्स (MNDF) और कोस्ट गार्ड का व्यापक सर्च ऑपरेशन जारी है, लेकिन अभी तक हरि सिंह का कोई सुराग नहीं मिल सका है। इस खबर ने भारत के मोटर स्पोर्ट्स जगत और उनके लाखों प्रशंसकों को गहरे सदमे में डाल दिया है।1. कैसे हुआ यह दर्दनाक हादसा?सूत्रों के अनुसार, हरि सिंह अपने कुछ साथियों के साथ मालदीव में एक निजी ट्रिप पर थे।खराब मौसम: शुरुआती जांच में पता चला है कि अचानक आए समुद्री तूफान और ऊंची लहरों के कारण उनकी नाव अनियंत्रित होकर पलट गई।रेस्क्यू: नाव पर सवार अन्य 4 लोगों को स्थानीय गोताखोरों और कोस्ट गार्ड ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया है, लेकिन हरि सिंह लहरों के तेज बहाव में कहीं बह गए।2. कौन हैं ‘जिप्सी किंग’ हरि सिंह?हरि सिंह भारत के ऑफ-रोडिंग और रैली सर्किट का एक दिग्गज नाम हैं।उपलब्धियां: उन्होंने 5 बार नेशनल रैली चैंपियनशिप (INRC) का खिताब जीता है।पहचान: उन्हें मारुति जिप्सी को पहाड़ों और रेगिस्तानों में बिजली की रफ्तार से दौड़ाने के लिए जाना जाता है, जिसके कारण उन्हें ‘जिप्सी किंग’ की उपाधि मिली।प्रशिक्षण: वे चंडीगढ़ में अपनी ड्राइविंग एकेडमी भी चलाते हैं, जहाँ उन्होंने देश के सैकड़ों युवा ड्राइवरों को तैयार किया है।3. भारत सरकार और दूतावास की सक्रियतामालदीव में भारतीय उच्चायोग (Indian High Commission) इस मामले पर कड़ी नजर रखे हुए है।संपर्क: भारतीय दूतावास के अधिकारी मालदीव के अधिकारियों और हरि सिंह के परिवार के निरंतर संपर्क में हैं।हवाई सर्वे: मंगलवार सुबह से ही एमएनडीएफ (MNDF) के हेलीकॉप्टर्स और ड्रोन के जरिए समुद्र के उस हिस्से का हवाई सर्वे किया जा रहा है जहाँ हादसा हुआ था।4. प्रशंसकों और परिवार की दुआएंसोशल मीडिया पर #PrayForHariSingh ट्रेंड कर रहा है। मोटर स्पोर्ट्स से जुड़ी हस्तियों और उनके साथी ड्राइवरों ने उनकी सुरक्षित वापसी के लिए प्रार्थना की है। उनके परिवार के कुछ सदस्य आज शाम तक माले पहुँच सकते हैं। रेस्क्यू टीम का कहना है कि अगले 12 घंटे बेहद महत्वपूर्ण हैं, क्योंकि समुद्र का तापमान और करंट (Current) सर्च ऑपरेशन को चुनौतीपूर्ण बना रहे हैं।