
एशियाई शेयर बाजारों के लिए मंगलवार, 31 मार्च 2026 का दिन ‘ब्लैक ट्यूसडे’ साबित हो रहा है। मध्य-पूर्व (Middle East) में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच छिड़ी भीषण जंग ने न केवल कच्चे तेल की कीमतों में आग लगाई है, बल्कि एशियाई शेयर बाजारों के सेंटिमेंट को भी पूरी तरह तहस-नहस कर दिया है। आज शुरुआती कारोबार में MSCI एशिया पैसिफिक इंडेक्स में 1.1% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जिसके साथ ही इस इंडेक्स ने 2026 में अब तक हासिल की गई अपनी पूरी बढ़त गंवा दी है। वैश्विक स्तर पर बढ़ती महंगाई और आर्थिक विकास की धीमी रफ्तार के डर ने निवेशकों को बिकवाली (Sell-off) के लिए मजबूर कर दिया है।AI के जोश पर भारी पड़ा युद्ध का खौफसाल 2026 की शुरुआत एशियाई बाजारों के लिए बेहद शानदार रही थी। निवेशक इस क्षेत्र के आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इंफ्रास्ट्रक्चर स्टॉक्स और सेमीकंडक्टर कंपनियों में जमकर पैसा लगा रहे थे। 27 फरवरी तक MSCI एशिया इंडेक्स 15% चढ़कर अपने रिकॉर्ड हाई पर पहुंच गया था। लेकिन युद्ध के पांचवें हफ्ते में प्रवेश करते ही पासा पूरी तरह पलट गया है। आज Samsung Electronics और SK Hynix Inc जैसी दिग्गज टेक कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट देखी गई, जो इस इंडेक्स को नीचे खींचने में सबसे बड़े कारक रहे।तेल की बढ़ती कीमतों ने बढ़ाई भारत और जापान की चिंताएशियाई अर्थव्यवस्थाएं, विशेष रूप से भारत, दक्षिण कोरिया और जापान, अपनी ऊर्जा जरूरतों के लिए मध्य-पूर्व पर बहुत अधिक निर्भर हैं। कच्चे तेल के 116 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंचने से इन देशों में ‘कॉस्ट-पुश इन्फ्लेशन’ (लागत जनित महंगाई) का खतरा बढ़ गया है। ट्रेडर्स को डर है कि तेल की ऊंची कीमतों से कॉर्पोरेट मुनाफा घटेगा और महंगाई को काबू करने के लिए केंद्रीय बैंकों को ब्याज दरें (Interest Rates) ऊंची रखनी पड़ेंगी, जिससे आर्थिक विकास की रफ्तार सुस्त हो जाएगी।आज के प्रमुख एशियाई और अमेरिकी इंडेक्स का हाल (31 मार्च 2026)बाजार में मची इस उथल-पुथल के बीच आज सुबह के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:इंडेक्सस्थिति (सुबह 8:30 बजे)बदलाव (%)गिफ्ट निफ्टी (GIFT Nifty)22,661.50+1.04% (रिकवरी के संकेत)निक्केई 225 (Japan)51,799.00-0.14%कोस्पी (South Korea)5,198.12-1.37%ताइवान वेटेड (Taiwan)32,316.47-0.56%हैंग सेंग (Hong Kong)24,815.00+0.21%डाओ जोन्स फ्यूचर्स (US)45,682.19+1.03%अमेरिकी बाजारों में भी दिखा मिला-जुला असरएशिया के साथ-साथ वॉल स्ट्रीट (Wall Street) पर भी तनाव का साया है। सोमवार रात को अमेरिकी बाजार गिरावट के साथ बंद हुए थे। S&P 500 इंडेक्स 0.39% गिरकर 6,343.72 पर रहा, जबकि टेक-हैवी नैस्डैक 0.73% की कमजोरी के साथ 20,794.64 के स्तर पर बंद हुआ। हालांकि, आज सुबह डाओ फ्यूचर्स में 1% से ज्यादा की तेजी दिख रही है, जो इस बात का संकेत है कि अमेरिकी बाजार निचले स्तरों से कुछ रिकवरी की कोशिश कर सकते हैं।निवेशकों के लिए आगे की राहबाजार के जानकारों का कहना है कि जब तक मध्य-पूर्व में तनाव कम होने के ठोस संकेत नहीं मिलते, तब तक बाजारों में ‘वोलाटिलिटी’ (अस्थिरता) बनी रहेगी। सख़्त मौद्रिक नीति और सप्लाई चेन में रुकावट की संभावनाओं ने विकास के अनुमानों को बदलने पर मजबूर कर दिया है। निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे फिलहाल जोखिम वाले एसेट्स (Risk Assets) से बचकर सुरक्षित निवेश (Safe Havens) जैसे गोल्ड की ओर रुख कर सकते हैं।
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