News India Live, Digital Desk: बिहार की सियासत में पिछले कई दिनों से जारी सस्पेंस अब खत्म होने वाला है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने बिहार के नए मुख्यमंत्री के चयन के लिए कमान अपने दिग्गज नेता और केंद्रीय पर्यवेक्षक शिवराज सिंह चौहान को सौंपी है। शिवराज सिंह चौहान कल (मंगलवार) पटना में होने वाली बीजेपी विधायक दल की अहम बैठक में शिरकत करेंगे, जहां नए मुख्यमंत्री के नाम की औपचारिक घोषणा की जाएगी। इस बैठक पर न केवल बिहार बल्कि पूरे देश की नजरें टिकी हैं क्योंकि राज्य को पहली बार बीजेपी का ‘अपना’ मुख्यमंत्री मिलने जा रहा है।शिवराज सिंह चौहान की भूमिका और ‘मिशन बिहार’बीजेपी आलाकमान ने मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पर्यवेक्षक बनाकर एक स्पष्ट संकेत दिया है कि पार्टी बिहार में किसी ऐसे चेहरे को तलाश रही है जिसकी स्वीकार्यता गठबंधन के सभी दलों में हो। शिवराज सिंह कल सुबह पटना पहुंचेंगे और बैठक से पहले प्रदेश अध्यक्ष सम्राट चौधरी, विजय कुमार सिन्हा और अन्य वरिष्ठ नेताओं के साथ बंद कमरे में चर्चा करेंगे। माना जा रहा है कि उनके पास दिल्ली से भेजा गया ‘फाइनल नाम’ तैयार है।विधायक दल की बैठक: क्या होगा एजेंडा?कल दोपहर पटना स्थित बीजेपी प्रदेश कार्यालय या एक निजी होटल में विधायक दल की बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के मुख्य बिंदु निम्नलिखित होंगे:नेता का चुनाव: आधिकारिक रूप से विधायक दल के नेता (मुख्यमंत्री पद के उम्मीदवार) का चयन।गठबंधन का समन्वय: जेडीयू, एलजेपी (आर) और हम (HAM) के साथ सत्ता के बंटवारे पर अंतिम सहमति।रणनीति: 2026 के आगामी चुनावी रोडमैप और सरकार की प्राथमिकताओं पर चर्चा।मुख्यमंत्री की रेस में सबसे आगे कौन?राजनीतिक गलियारों में कई नामों पर चर्चा गर्म है। वर्तमान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को सबसे मजबूत दावेदार माना जा रहा है, क्योंकि उन्होंने पिछले कुछ समय में पिछड़ा वर्ग (OBC) की राजनीति में बीजेपी का आधार मजबूत किया है। वहीं, नित्यानंद राय का नाम भी चर्चा में है, जो गृह मंत्री अमित शाह के भरोसेमंद माने जाते हैं। इसके अलावा, किसी ‘सरप्राइज फेस’ की संभावना से भी इनकार नहीं किया जा सकता, जो बीजेपी की कार्यशैली का हिस्सा रहा है।नीतीश कुमार का इस्तीफा और नया अध्यायनीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के फैसले के बाद बिहार में एक बड़े राजनीतिक वैक्यूम (शून्य) की स्थिति बन गई थी। बीजेपी अब इस खाली जगह को भरकर राज्य में अपना पूर्ण वर्चस्व स्थापित करना चाहती है। कल की बैठक के तुरंत बाद एनडीए के सभी घटक दल राजभवन जाकर राज्यपाल को अपना समर्थन पत्र सौंप सकते हैं, जिसके बाद शपथ ग्रहण की तारीख (संभावित 15 या 16 अप्रैल) का ऐलान होगा।सुरक्षा के कड़े इंतजामहाई-प्रोफाइल बैठक और नए मुख्यमंत्री के ऐलान को देखते हुए पटना में सुरक्षा के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। बीजेपी कार्यालय और राजभवन के आसपास अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखा जा रहा है और शहर में ‘जय श्री राम’ और ‘विकसित बिहार’ के पोस्टर लग चुके हैं।
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