News India Live, Digital Desk: बिहार की राजनीति इस समय उस चौराहे पर खड़ी है जहां हर पल एक नया मोड़ सामने आ रहा है। राजधानी पटना में एनडीए (NDA) के घटक दलों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बीजेपी के दिग्गज नेता और मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान, बिहार बीजेपी अध्यक्ष सम्राट चौधरी और नितिन नबीन समेत कई बड़े चेहरे शामिल हुए। इस बैठक के बाद से ही सियासी गलियारों में यह चर्चा तेज हो गई है कि क्या मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और एनडीए के रिश्तों को लेकर कोई नई स्क्रिप्ट लिखी जा रही है?शिवराज सिंह चौहान के दौरे ने बढ़ाई सियासी तपिशबीजेपी के कद्दावर नेता शिवराज सिंह चौहान का अचानक बिहार दौरा और एनडीए के नेताओं के साथ मैराथन बैठक करना महज इत्तेफाक नहीं माना जा रहा है। सूत्रों के अनुसार, इस बैठक में आगामी चुनावों और गठबंधन के भीतर समन्वय को लेकर गंभीर मंथन हुआ है। बैठक के दौरान राज्य की कानून व्यवस्था और विकास योजनाओं की प्रगति पर भी चर्चा की गई, लेकिन सबकी निगाहें इस बात पर टिकी थीं कि क्या नेतृत्व को लेकर कोई गुप्त समझौता हुआ है।सम्राट चौधरी के तेवर और नीतीश कुमार का रुखबिहार बीजेपी के अध्यक्ष सम्राट चौधरी ने बैठक के बाद मीडिया से बात करते हुए कहा कि एनडीए पूरी तरह एकजुट है और उनका एकमात्र लक्ष्य बिहार का विकास है। हालांकि, जब उनसे नीतीश कुमार के भविष्य और गठबंधन में उनकी भूमिका पर सवाल पूछा गया, तो उन्होंने बहुत ही नपे-तुले अंदाज में जवाब दिया। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी अब बिहार में ‘बड़े भाई’ की भूमिका में खुद को अधिक आक्रामक तरीके से पेश करने की तैयारी में है।नितिन नबीन और सांगठनिक मजबूती पर जोरबैठक में मौजूद नितिन नबीन ने पार्टी कार्यकर्ताओं को सक्रिय करने और बूथ स्तर तक एनडीए की पहुंच मजबूत करने पर जोर दिया। इस उच्च स्तरीय बैठक में जेडीयू के भी कुछ वरिष्ठ नेताओं की मौजूदगी ने यह संकेत दिया कि गठबंधन के भीतर तालमेल बिठाने की कोशिशें जारी हैं। चर्चा यह भी है कि मंत्रिमंडल विस्तार या कुछ अहम विभागों के फेरबदल को लेकर भी इस मीटिंग में सहमति बनाने का प्रयास किया गया है।क्या बिहार में होने वाला है कोई बड़ा उलटफेर?लाइव ब्लॉग के जरिए मिल रही जानकारी के मुताबिक, एनडीए की इस बैठक के बाद मुख्यमंत्री आवास पर भी हलचल बढ़ गई है। विपक्ष इस पूरी कवायद को सत्ता बचाने की कोशिश करार दे रहा है, वहीं एनडीए के नेता इसे ‘रूटीन मीटिंग’ बता रहे हैं। अगले कुछ दिनों में बिहार की राजनीति में कुछ बड़े प्रशासनिक या राजनीतिक बदलाव देखने को मिल सकते हैं, जिसकी नींव आज की इस बैठक में रखी गई मानी जा रही है।
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