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करोड़ों कर्मचारियों को बड़ा झटका! कोविड काल का DA-DR एरियर नहीं मिलेगा— वित्त मंत्रालय ने साफ कर दिया

नई दिल्ली। केंद्र सरकार के लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स को एक बार फिर निराशा हाथ लगी है। कोविड-19 महामारी के दौरान रोके गए महंगाई भत्ते (DA) और महंगाई राहत (DR) के एरियर को लेकर वित्त मंत्रालय ने अपना रुख साफ कर दिया है। मंत्रालय ने स्पष्ट कह दिया है कि फिलहाल इन बकाया किस्तों का भुगतान संभव नहीं है।6 साल से चल रही लड़ाई, फिर मिली हारकर्मचारी यूनियनें पिछले छह वर्षों से लगातार इस मुद्दे पर संघर्ष करती आ रही हैं, लेकिन हर बार सरकार ने उनकी मांग को नामंजूर किया है। इस बार भी वित्त मंत्रालय ने कोविड-19 के वित्तीय प्रभाव का हवाला देते हुए रुकी हुई किस्तों के एरियर को जारी करने से इनकार कर दिया है।क्यों रोकी गई थीं DA-DR की तीन किस्तें?वित्त मंत्रालय के व्यय विभाग की ओर से 15 अप्रैल 2026 को जारी पत्र में बताया गया कि कोविड-19 महामारी के दौरान आर्थिक दबाव को कम करने के लिए सरकार ने DA/DR की तीन किस्तों को फ्रीज कर दिया था। ये किस्तें 1 जनवरी 2020, 1 जुलाई 2020 और 1 जनवरी 2021 से लागू होनी थीं। मंत्रालय के अनुसार उस समय स्वास्थ्य और कल्याण योजनाओं पर भारी खर्च के कारण सरकार की वित्तीय स्थिति पर गंभीर दबाव था, जिसके चलते यह फैसला लिया गया था।सुप्रीम कोर्ट के फैसले का दिया था हवाला, फिर भी नहीं मानी सरकारयह जवाब डिफेंस रिकॉग्नाइज्ड एसोसिएशन के उस आवेदन के जवाब में आया है जिसमें सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले का हवाला देते हुए एरियर जारी करने की मांग उठाई गई थी। मंत्रालय ने इसके जवाब में कहा कि महामारी का आर्थिक असर केवल एक साल तक सीमित नहीं रहा, बल्कि वित्त वर्ष 2020-21 के बाद भी इसका प्रभाव जारी रहा। इसलिए रुकी हुई किस्तों का एरियर भुगतान सरकार को व्यावहारिक नहीं लगा।लाखों कर्मचारियों और पेंशनर्स पर सीधा असरसरकार के इस फैसले का सीधा असर देशभर के उन लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स पर पड़ेगा जो इस एरियर का बेसब्री से इंतजार कर रहे थे। फिलहाल वित्तीय स्थिति का हवाला देते हुए सरकार ने इस मांग को पूरी तरह खारिज कर दिया है और निकट भविष्य में किसी राहत के आसार नजर नहीं आ रहे। कर्मचारी संगठनों का संघर्ष जारी है, लेकिन सरकार का रुख अभी भी सख्त बना हुआ है।