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बंगाल में बाइक स्क्वाड के जरिए आतंक की साजिश नाकाम STF ने जब्त किए हथियारों के जखीरे, दूसरे चरण से पहले छावनी में तब्दील हुए जिले

News India Live, Digital Desk: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के दूसरे और अंतिम चरण के मतदान (29 अप्रैल) से ठीक पहले राज्य की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और स्थानीय पुलिस ने हिंसा की एक बड़ी साजिश को विफल कर दिया है। मंगलवार को की गई छापेमारी में सुरक्षा बलों ने राज्य के विभिन्न हिस्सों, विशेषकर दक्षिण 24 परगणा और सीमावर्ती इलाकों से भारी मात्रा में अवैध हथियार और गोला-बारूद बरामद किया है। खुफिया इनपुट के अनुसार, कुछ असामाजिक तत्व ‘बाइक स्क्वाड’ (Bike Squad) के जरिए मतदान केंद्रों पर दहशत फैलाने और मतदाताओं को डराने की योजना बना रहे थे।STF की बड़ी कार्रवाई: क्या-क्या हुआ बरामद? ज़ी न्यूज़ की रिपोर्ट के अनुसार, STF ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर भारी मात्रा में देसी कट्टे, मस्कट और बम बनाने की सामग्री जब्त की है।दक्षिण 24 परगणा में धमाका: चुनाव से चंद दिन पहले दक्षिण 24 परगणा से 84 से अधिक जिंदा बम बरामद किए गए हैं, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया है।हथियार और बाइक जब्त: छापेमारी के दौरान कई ऐसी मोटरसाइकिलें भी जब्त की गई हैं जिनका इस्तेमाल ‘क्विक रिएक्शन’ के तौर पर हिंसा फैलाने के लिए किया जाना था। पुलिस ने इस मामले में कई संदिग्धों को हिरासत में लिया है, जिनसे पूछताछ जारी है।चुनाव आयोग का सख्त कदम: हिंसा रोकने के लिए ‘फुल प्रूफ’ प्लान पहले चरण के मतदान के बाद दूसरे चरण में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए चुनाव आयोग (ECI) ने अभूतपूर्व सुरक्षा इंतजाम किए हैं।संवेदनशील क्षेत्रों में रूट मार्च: हुगली, हावड़ा, दक्षिण 24 परगणा और कोलकाता के संवेदनशील बूथों पर केंद्रीय अर्धसैनिक बलों (CAPF) द्वारा लगातार रूट मार्च किया जा रहा है।बाइक स्क्वाड पर प्रतिबंध: चुनाव के दिन मतदान केंद्रों के आसपास किसी भी प्रकार के ‘बाइक स्क्वाड’ या समूह में बाइक चलाने पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखने के लिए ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों का इस्तेमाल किया जा रहा है।अमित शाह और ममता बनर्जी के दावों के बीच ‘आतंक का साया’ एक तरफ जहां केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले चरण में 110 सीटें जीतने का दावा कर भाजपा कार्यकर्ताओं का जोश बढ़ाया है, वहीं मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने अपनी रैलियों में ‘बाहरी ताकतों’ द्वारा अशांति फैलाने का आरोप लगाया है। इन राजनीतिक आरोपों-प्रत्यारोपों के बीच हथियारों का यह जखीरा मिलना इस बात की ओर इशारा करता है कि दूसरे चरण की 142 सीटों पर मुकाबला केवल राजनीतिक नहीं, बल्कि सुरक्षा के लिहाज से भी काफी चुनौतीपूर्ण होने वाला है।मतदान से पहले ‘सर्च ऑपरेशन’ तेज STF के सूत्रों का कहना है कि मतदान शुरू होने तक पूरे राज्य में सर्च ऑपरेशन जारी रहेगा। पुलिस विशेष रूप से उन इलाकों पर नजर रख रही है जहां पिछली बार हिंसा की खबरें आई थीं। मतदाताओं से अपील की गई है कि वे बिना किसी डर के बाहर निकलें, क्योंकि हर बूथ पर केंद्रीय बलों की तैनाती सुनिश्चित की गई है।