Saturday , June 6 2026

पुतिन का बड़ा बयान: पाकिस्तान को बताया ‘स्वतंत्र मुल्क’, पर भारत की आर्थिक ताकत और पीएम मोदी के मुरीद हुए रूसी राष्ट्रपति

रूस के सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल फोरम (SPIEF) में वैश्विक राजनीति और कूटनीति को लेकर कई बेहद दिलचस्प बातें सामने आई हैं। हमेशा की तरह रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने दुनिया भर के पत्रकारों से बातचीत के दौरान कई अंतरराष्ट्रीय मुद्दों पर खुलकर अपनी राय रखी। इस बातचीत में उन्होंने भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की स्वतंत्र विदेश नीति की जमकर सराहना की, तो वहीं पाकिस्तान और चीन के आपसी समीकरणों पर भी दुनिया को एक नया नजरिया दिया। क्या चीन के पूरे नियंत्रण में है पाकिस्तान? पुतिन ने दिया जवाब फोरम के दौरान जब एक भारतीय पत्रकार ने पुतिन से चीन और पाकिस्तान के करीबी रिश्तों को लेकर सवाल पूछा कि 'क्या रूस यह सुनिश्चित करेगा कि इन दोनों देशों से नजदीकी के कारण भारत के रक्षा हितों को कोई नुकसान न पहुँचे?' तो पुतिन ने इस मुद्दे पर बड़ी परिपक्वता से जवाब दिया। उन्होंने इस आम धारणा को पूरी तरह खारिज कर दिया कि पाकिस्तान सिर्फ चीन के इशारों पर चलता है। पाकिस्तान एक बड़ा मुल्क: पुतिन ने कहा कि पाकिस्तान एक बहुत बड़ा देश है और उसके दुनिया के कई अन्य मुल्कों के साथ बहु-आयामी (Multifaceted) संबंध हैं। इसलिए यह सोचना गलत है कि वह पूरी तरह चीन के नियंत्रण में है। चीन से करीबी की असली वजह: उनका मानना था कि पाकिस्तान के लिए चीन के साथ अच्छे संबंध रखना आज के समय की एक बड़ी आर्थिक जरूरत है। आज दुनिया का हर देश चीन के साथ अपने रिश्ते मजबूत करना चाहता है क्योंकि वह वैश्विक अर्थव्यवस्था का एक बहुत बड़ा केंद्र है। भारत की आर्थिक प्रगति और पीएम मोदी की तारीफ पुतिन ने अंतरराष्ट्रीय मंच से एक बार फिर भारत को रूस का एक बेहद भरोसेमंद और ऐतिहासिक सहयोगी बताया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत सरकार जिस तरह से देश के विकास के लिए कड़ी मेहनत कर रही है, उसके सकारात्मक नतीजे आज पूरी दुनिया के सामने साफ दिखाई दे रहे हैं। 'पीएम मोदी और भारत पर दबाव बनाना नामुमकिन' पुतिन ने अमेरिका और पश्चिमी देशों को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि अमेरिका लगातार भारत पर रूस के साथ सहयोग कम करने के लिए दबाव बनाने की कोशिश कर रहा है। लेकिन अब तक सभी यह अच्छी तरह समझ चुके हैं कि पीएम नरेंद्र मोदी और भारत जैसी उभरती महाशक्ति पर किसी भी तरह का दबाव बनाना न केवल अंतरराष्ट्रीय संबंधों के लिए हानिकारक है, बल्कि ऐसा करने वाले देशों का अपना ही द्विपक्षीय नुकसान होगा। भारत अपने फैसले खुद लेने में पूरी तरह सक्षम है। वैश्विक अर्थव्यवस्था का गणित: भारत तीसरे नंबर पर पुतिन ने क्रय शक्ति समानता (PPP) और जीडीपी के मामले में दुनिया के शीर्ष देशों की स्थिति का जिक्र करते हुए बताया कि कैसे कुछ चुनिंदा देशों ने यूरोपीय देशों और जापान को पीछे छोड़ दिया है: भारत-चीन संबंधों पर बाहरी दखल का विरोध भारत और चीन के बीच के सीमा विवाद और पेचीदा कूटनीतिक रिश्तों पर बात करते हुए रूसी राष्ट्रपति ने दुनिया के अन्य देशों को एक खास सलाह दी। उन्होंने साफ कहा कि भारत और चीन के बीच बेहद नाजुक और बहु-आयामी रिश्ते हैं। इन दोनों देशों के आपसी मामलों में किसी भी तीसरे बाहरी देश का दखल देना बिल्कुल भी सही विचार नहीं है। रूस दोनों ही देशों में अपने शीर्ष दोस्तों के साथ लगातार संपर्क में रहता है और मानता है कि वे अपने मुद्दों को आपस में सुलझाने में सक्षम हैं। हाल ही में तुर्की के विदेश मंत्री ने भी भारत और पाकिस्तान के साथ अपने संतुलित रिश्तों को लेकर कुछ ऐसी ही बातें कही थीं। पुतिन का यह ताजा बयान साफ दिखाता है कि वैश्विक कूटनीति में आज भारत की स्थिति कितनी मजबूत हो चुकी है, जहाँ रूस जैसी महाशक्ति भी भारतीय हितों और पीएम मोदी के नेतृत्व का खुलकर लोहा मानती है।