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श्रमिकों और नियोजकों को एक मंच पर लाने के लिए लॉन्च किया ‘डिजिटल लेबर चैक’ ऐप विश्व बाल श्रम निषेध दिवस पर श्रम एवं सेवायोजन विभाग की अभिनव पहल, 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों को मिलेगा लाभ

श्रमिकों के आर्थिक सशक्तिकरण, रोजगार संवर्धन तथा डिजिटल सुशासन को बढ़ावा देने की दिशा में उत्तर प्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए ‘डिजिटल लेबर चैक (क्पहपजंस स्ंइवनत ब्ीवूा-क्स्ब्)’ मोबाइल एप्लीकेशन का शुभारंभ किया है। विश्व बाल श्रम निषेध दिवस के अवसर पर 12 जून 2026 को श्रम एवं सेवायोजन विभाग, उत्तर प्रदेश द्वारा इस अभिनव डिजिटल प्लेटफॉर्म को जनता के लिए समर्पित किया गया।
श्रम एवं सेवायोजन विभाग के अंतर्गत उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड (न्च्ठव्ब्ॅ) द्वारा विकसित यह मोबाइल आधारित डिजिटल प्लेटफॉर्म श्रमिकों एवं नियोजकों को एक ही मंच पर लाकर रोजगार के अवसरों को बढ़ावा देने तथा श्रम बाजार को अधिक संगठित, पारदर्शी और सुलभ बनाने का कार्य करेगा।
डिजिटल लेबर चैक प्लेटफॉर्म पर कोई भी श्रमिक अपने मोबाइल नंबर के माध्यम से पंजीकरण कर प्रोफाइल बना सकेगा। श्रमिक अपनी प्रोफाइल में कौशल, व्यवसाय, कार्य अनुभव, पसंदीदा कार्यस्थल तथा अन्य आवश्यक विवरण दर्ज कर सकेंगे। इसी प्रकार नियोजक अथवा सेवायोजक भी स्वयं को पंजीकृत कर अपनी श्रमिक आवश्यकता, कार्य का प्रकार, कार्यस्थल तथा अन्य आवश्यक सूचनाएं दर्ज कर सकेंगे।
प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध सूचनाओं के आधार पर श्रमिकों एवं नियोजकों का डिजिटल मैचिंग (क्पहपजंस डंजबीपदह) किया जाएगा। इससे श्रमिकों को उनकी योग्यता एवं कौशल के अनुरूप रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे, जबकि नियोजकों को आवश्यकता के अनुसार उपयुक्त एवं प्रशिक्षित श्रमिक उपलब्ध हो सकेंगे।
प्रदेश में वर्तमान समय में ई-श्रम पोर्टल पर लगभग 8.40 करोड़ श्रमिक पंजीकृत हैं, जबकि उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में लगभग 1.93 करोड़ निर्माण श्रमिक पंजीकृत हैं। इस प्रकार प्रदेश में 10 करोड़ से अधिक श्रमिकों का एक बड़ा संभावित आधार उपलब्ध है, जो इस डिजिटल प्लेटफॉर्म से लाभान्वित हो सकेगा।