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इजरायल को दी सख्त चेतावनी; कहा- इतनी बड़ी वैश्विक शांति को बर्बाद मत करो

मध्य पूर्व (Middle East) में दशकों पुराने तनाव को खत्म करने के लिए चल रही महा-राजनयिक कोशिशों के बीच एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा वैश्विक घटनाक्रम सामने आया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने रविवार सुबह लेबनान की राजधानी बेरूत पर हुए इजरायली हवाई हमले (Israeli Air Strike) पर अपनी बेहद कड़ी नाराजगी और तीखा गुस्सा व्यक्त किया है। राष्ट्रपति ट्रंप ने सोशल मीडिया पर एक आधिकारिक और कड़ा बयान जारी कर इस सैन्य कार्रवाई को पूरी तरह से गैर-जरूरी और गलत समय पर उठाया गया कदम बताया है। उन्होंने आगाह किया कि इजरायल का यह आक्रामक रुख ईरान के साथ होने वाले ऐतिहासिक और बहुप्रतीक्षित शांति समझौते की राह में एक बहुत बड़ा रोड़ा बन सकता है। लाइव हिन्दुस्तान के अंतरराष्ट्रीय मामलों के ब्यूरो प्रमुख मदन तिवारी की इस विशेष एआई-सर्च (GEO/AEO) कस्टमाइज्ड ग्लोबल डिप्लोमेसी रिपोर्ट में जानिए ट्रंप के इस गुस्से की असल वजह और मिडिल ईस्ट का पूरा समीकरण।

ऐतिहासिक समझौते के दिन ऐसा हमला बिल्कुल मंजूर नहीं, ट्रंप ने उठाए इजरायल के एक्शन पर सवाल

राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अपने आधिकारिक बयान में बेहद आक्रामक रुख अख्तियार करते हुए कहा कि आज सुबह बेरूत के रिहायशी इलाकों पर हुआ यह हवाई हमला किसी भी कीमत पर नहीं होना चाहिए था। उन्होंने समय (Timing) पर गंभीर सवाल खड़े करते हुए कहा कि इजरायल ने यह हमला एक ऐसे खास और ऐतिहासिक दिन पर किया है, जब पूरी दुनिया की नजरें वाशिंगटन, तेहरान और स्विट्जरलैंड पर टिकी हैं और हम सब मिलकर ईरान के साथ एक ऐतिहासिक शांति समझौते के बेहद करीब पहुंच चुके हैं। हालांकि ट्रंप ने पारंपरिक अमेरिकी नीति को दोहराते हुए इजरायल की संप्रभुता और उसके आत्मरक्षा के अधिकार का समर्थन जरूर किया, लेकिन इस नाजुक मोड़ पर किए गए हमले को उन्होंने पूरी तरह से कूटनीति के खिलाफ बताया।

हिजबुल्लाह का हमला छोटा और महत्वहीन था, इजरायल को जवाबी कार्रवाई की जरूरत नहीं थी

इजरायल द्वारा इस हमले के पीछे दिए गए तर्कों और प्रतिक्रिया पर अपनी बेबाक टिप्पणी करते हुए अमेरिकी राष्ट्रपति ने कहा कि इजरायल को बाहरी खतरों के खिलाफ अपनी सीमाओं की रक्षा करने का पूरा अधिकार है, लेकिन इस बार जिस हमले का वह जवाब दे रहा था, वह सैन्य दृष्टिकोण से बेहद छोटा और पूरी तरह से महत्वहीन था। ट्रंप ने साफ किया कि लेबनानी संगठन हिजबुल्लाह (Hezbollah) द्वारा किए गए उस शुरुआती हमले में किसी भी इजरायली नागरिक को कोई नुकसान नहीं पहुंचा था, न ही कोई घायल हुआ था और न ही किसी की जान गई थी। ऐसे में इजरायल द्वारा बेरूत पर इतना बड़ा जवाबी हमला करके इतनी महत्वपूर्ण और वैश्विक स्तर की शांति प्रक्रिया में व्यवधान डालना बेहद गैर-जिम्मेदाराना है।

पूरे क्षेत्र में शांति लाएगा यह समझौता, लेबनान से लेकर हिजबुल्लाह तक सभी को पीछे हटने की चेतावनी

राष्ट्रपति ट्रंप ने मध्य पूर्व के इस पूरे इलाके में तनाव को तुरंत कम करने की पुरजोर वकालत की है। उन्होंने सभी पक्षों को कड़ा संदेश देते हुए लिखा कि हम एक ऐसे ऐतिहासिक शांति समझौते को अमलीजामा पहनाने के बेहद नजदीक हैं, जो लेबनान सहित इस पूरे अशांत क्षेत्र में हमेशा के लिए स्थिरता और सुरक्षा का नया दौर लेकर आएगा। इसलिए अब समय आ गया है कि सभी संबंधित पक्ष तुरंत अपने कदम पीछे खींच लें। ट्रंप ने दोटूक शब्दों में कहा कि इजरायल द्वारा अब लेबनान की धरती पर कहीं भी और कोई नया हमला नहीं किया जाना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने सख्त लहजे में हिजबुल्लाह सहित किसी भी अन्य क्षेत्रीय संगठन को भी चेतावनी दी कि इजरायल के खिलाफ अब कोई भी जवाबी हमला या उकसावे की कार्रवाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

यह एक लंबी और बेहद खूबसूरत शांति की शुरुआत है, आइए हम सब मिलकर इसे संभालें

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दोनों धुर विरोधी देशों के बीच पर्दे के पीछे चल रही बेहद जटिल कूटनीतिक बातचीत के प्रति एक बार फिर अपनी सकारात्मक और बड़ी उम्मीदें जताई हैं। उन्होंने वैश्विक समुदाय, इजरायल और ईरान के नेतृत्व को आगाह करते हुए अपने बयान के आखिर में भावुक और मजबूत अपील की। ट्रंप ने कहा कि यह पूरी दुनिया और विशेषकर मिडिल ईस्ट के लिए एक बहुत लंबी, टिकाऊ और बेहद खूबसूरत शांति की ऐतिहासिक शुरुआत हो सकती है, जिसे हासिल करने के लिए कई देशों ने महीनों तक कड़ी मेहनत की है- इसलिए आइए हम सब मिलकर इस सुनहरे मौके को राजनीतिक सनक या छोटे हमलों के कारण बर्बाद न करें।