
पाकिस्तानी वायुसेना (PAF) के लिए इन दिनों सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। तकनीकी खामियों और खराब रखरखाव के चलते पाकिस्तानी एयरफोर्स को एक और बेहद करारा झटका लगा है। एक बेहद हैरान करने वाले और डरावने हादसे में वायुसेना का एक लड़ाकू विमान उड़ान भरने के कुछ ही समय बाद क्रैश होकर एक व्यस्त सड़क के बीचोबीच जा गिरा। विमान के गिरते ही वह आग के गोले में तब्दील हो गया, जिससे आसपास के रिहायशी इलाके और सड़क पर चल रहे राहगीरों में भगदड़ मच गई। सबसे चिंताजनक बात यह है कि पाकिस्तानी वायुसेना के बेड़े में महज एक महीने के भीतर यह पांचवीं विमान दुर्घटना है, जिसने रक्षा विशेषज्ञों को हैरान कर दिया है।
सड़क पर मलबे का ढेर और पायलटों की स्थिति को लेकर सस्पेंस यह भीषण हादसा उस समय हुआ जब विमान अपनी नियमित प्रशिक्षण उड़ान पर था। चश्मदीदों के मुताबिक, आसमान में ही जेट विमान से धुएं का गुबार निकलने लगा था और देखते ही देखते वह अनियंत्रित होकर मुख्य मार्ग पर आ गिरा। गनीमत यह रही कि विमान के सड़क पर गिरने के दौरान कोई बड़ा वाहन उसकी चपेट में नहीं आया, वरना हताहतों की संख्या बहुत ज्यादा हो सकती थी। हादसे के तुरंत बाद स्थानीय प्रशासन और सेना के बचाव दल ने मोर्चा संभाल लिया और पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी गई। हालांकि, विमान में सवार पायलटों के सुरक्षित इजेक्ट करने या गंभीर रूप से घायल होने को लेकर अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई स्पष्ट बयान सामने नहीं आया है।
चीनी और पुराने लड़ाकू विमानों की विश्वसनीयता पर खड़े हुए बड़े सवाल महज तीस दिनों के अंदर पांच एयरक्राफ्ट का क्रैश होना पाकिस्तानी वायुसेना के इतिहास में एक बड़ा ब्लैक मंथ माना जा रहा है। रक्षा गलियारों में इस बात की चर्चा तेज हो गई है कि क्या पाकिस्तान के बेड़े में शामिल चीनी मूल के विमान (जैसे जेएफ-17) या पुराने हो चुके मिराज और एफ-7 लड़ाकू विमानों में कोई बड़ी तकनीकी खराबी आ चुकी है। कंगाली के दौर से गुजर रहे पाकिस्तान के पास अपने सैन्य विमानों के आधुनिक रखरखाव और स्पेयर पार्ट्स खरीदने के लिए बजट की भारी कमी है। जानकारों का मानना है कि बजट संकट और गुणवत्ता से समझौता करने का ही नतीजा है कि एक के बाद एक जेट आसमान से गिर रहे हैं।
सुरक्षा ऑडिट के आदेश, लेकिन क्या थमेगा हादसों का यह सिलसिला? लगातार हो रही इन फजीहतों के बाद पाकिस्तानी वायुसेना मुख्यालय में आपातकालीन बैठक बुलाई गई है और पूरे बेड़े के सुरक्षा ऑडिट (Safety Audit) के आदेश दे दिए गए हैं। सोशल मीडिया से लेकर देश की संसद तक में वायुसेना की इस खस्ताहाल स्थिति पर तीखे सवाल पूछे जा रहे हैं। जनता इस बात को लेकर डरी हुई है कि अगर ये सैन्य विमान इसी तरह रिहायशी इलाकों या सड़कों पर गिरते रहे, तो आम नागरिकों की जान हमेशा खतरे में रहेगी। अब देखना होगा कि इस पांचवें क्रैश के बाद क्या पाकिस्तानी एयरफोर्स अपनी उड़ानों को कुछ समय के लिए ग्राउंड करती है या फिर इसी तरह जोखिम भरे मिशन जारी रखेगी।
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