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G7 Summit 2026: फ्रांस में ट्रंप ने पीएम मोदी को कहा ‘टोटल किलर’; 16 महीने बाद मिले दोनों दिग्गज, व्यक्तिगत केमिस्ट्री ने फिर बटोरी सुर्खियां

फ्रांस के एवियन-ले-बैंस में आयोजित हो रहे हाई-प्रोफाइल G7 शिखर सम्मेलन (G7 Summit 2026) के मंच से एक बार फिर भारत और अमेरिका की अटूट दोस्ती की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी। शिखर सम्मेलन से इतर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) के बीच हुई द्विपक्षीय वार्ता जितनी कूटनीतिक रूप से अहम रही, उतनी ही इन दोनों वैश्विक नेताओं के बीच की व्यक्तिगत केमिस्ट्री भी चर्चाओं के केंद्र में आ गई है। इस औपचारिक बैठक की शुरुआत से पहले ही राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी की खुलकर तारीफ की और दोनों नेताओं के बीच लंबे समय से चली आ रही मजबूत व्यक्तिगत दोस्ती को वैश्विक मीडिया के सामने फिर से उजागर किया।

"शांत छवि के पीछे छुपा है सख्त लीडर" — ट्रंप का 'टोटल किलर' बयान

डोनाल्ड ट्रंप अक्सर दुनिया के बड़े मंचों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की तारीफ करते आए हैं, लेकिन हाल के महीनों में मोदी को लेकर की गई उनकी एक विशेष टिप्पणी इस समिट के दौरान सबसे ज्यादा वायरल हो रही है। राष्ट्रपति ट्रंप ने पीएम मोदी को "शांत", "कूल" और यहां तक कि एक "टोटल किलर" (Total Killer) की संज्ञा दी।

  • बयान के मायने: ट्रंप ने खुद इस अनूठे विशेषण को स्पष्ट करते हुए कहा कि इसका सीधा मतलब यह है कि पीएम मोदी भले ही सार्वजनिक जीवन में बेहद शांत, संयमित और गंभीर दिखाई देते हों, लेकिन जब बात देशहित के बड़े और कठिन फैसले लेने या कूटनीतिक टेबल पर द्विपक्षीय बातचीत (Negotiations) की आती है, तो वे एक बेहद मजबूत, प्रभावशाली और सख्त वार्ताकार साबित होते हैं।

16 महीनों के लंबे अंतराल के बाद पहली आमने-सामने की बैठक

फ्रांस के सुरम्य शहर एवियन-ले-बैंस में हुई यह रणनीतिक मुलाकात पिछले 16 महीनों में दोनों शीर्ष नेताओं के बीच की पहली आमने-सामने की द्विपक्षीय बैठक थी। बैठक की शुरुआत में दोनों नेताओं ने बेहद गर्मजोशी के साथ एक-दूसरे का हाथ मिलाकर स्वागत किया।

यह मुलाकात ऐसे ऐतिहासिक समय पर हुई है जब अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध की समाप्ति (US-Iran War Ends) और होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) को दोबारा खोलने की शांति डील पर हस्ताक्षर हुए हैं। इस पृष्ठभूमि के बीच, पीएम मोदी ने पश्चिम एशिया में शांति बहाली के लिए ट्रंप के कूटनीतिक प्रयासों की सराहना की, तो साथ ही मर्चेंट नेवी के रूट पर अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में भारतीय नाविकों (Seafarers) की सुरक्षा और उनके जीवन की रक्षा का मुद्दा भी अमेरिकी राष्ट्रपति के सामने पूरी मजबूती से रखा।

'हाउडी मोदी' से लेकर लंबे कार्यकाल की बधाई: ट्रंप ने याद की पुरानी दोस्ती

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप वैश्विक भू-राजनीति की चर्चा करते हुए बार-बार प्रधानमंत्री मोदी के कड़े फैसलों का उदाहरण देते हैं। इस बैठक के दौरान भी उन्होंने अमेरिका के ह्यूस्टन में आयोजित हुए ऐतिहासिक "Howdy Modi" मेगा शो को याद किया, जिसने दोनों देशों के सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्तों को एक नई ऊंचाई दी थी।

इसके साथ ही, ट्रंप ने पीएम मोदी को भारत के इतिहास में सबसे लंबे समय तक देश की सेवा करने वाले प्रधानमंत्रियों की एलीट सूची में शामिल होने पर दिल खोलकर बधाई दी। ट्रंप ने मोदी की ऊर्जा की तारीफ करते हुए उन्हें एक "बेहद मजबूत, स्वस्थ और अत्यंत बुद्धिमान व्यक्ति" बताया और कामना की कि आने वाले वर्षों में भी वे भारत को प्रगति के नए शिखर पर ले जाएंगे।

द्विपक्षीय वार्ता का एजेंडा: व्यापार, ऊर्जा और वीजा नीतियों पर मंथन

उच्च स्तरीय सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, बंद कमरे में हुई इस द्विपक्षीय बैठक के दौरान भारत और अमेरिका की कोर टीमों ने कई ज्वलंत और महत्वपूर्ण वैश्विक विषयों पर विस्तृत चर्चा की:

  1. अंतरिम व्यापार समझौता (Trade Deal): नई दिल्ली और वॉशिंगटन डीसी के बीच पिछले कुछ समय से चल रहे टैरिफ और व्यापारिक प्रतिबंधों को दूर करने के लिए दोनों नेता जल्द ही एक महत्वाकांक्षी 'अंतरिम व्यापार समझौते' पर मुहर लगाने को सहमत हुए हैं।

  2. ऊर्जा सहयोग (Energy Cooperation): वैश्विक तेल और गैस बाजार में आए बदलावों और होर्मुज स्ट्रेट के नए समीकरणों के बीच दोनों देशों ने आपसी ऊर्जा सुरक्षा को बढ़ाने पर रणनीति बनाई।

  3. वीजा नीतियां और क्षेत्रीय सुरक्षा: भारतीय प्रोफेशनल्स और छात्रों के लिए अमेरिकी वीजा प्रक्रियाओं को सुगम बनाने और दक्षिण एशिया सहित वैश्विक सुरक्षा के हालातों पर दोनों पक्षों ने मजबूत इनपुट साझा किए।

G7 शिखर सम्मेलन की तमाम बैठकों में से मोदी-ट्रंप की यह जुगलबंदी वैश्विक कूटनीति के पन्नों में सबसे खास बन गई है, जो यह साफ दिखाती है कि आने वाले समय में वाशिंगटन और नई दिल्ली के रक्षा व व्यापारिक संबंध एक नए मील के पत्थर को छूने जा रहे हैं।