
देश के एक बड़े हिस्से में मानसून की रफ्तार ने विकराल रूप ले लिया है. भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने अपनी ताजा ऑल इंडिया वेदर समरी में एक गंभीर चेतावनी जारी की है. अगले दो से तीन दिनों के भीतर मानसून राजस्थान, हरियाणा और पंजाब के बचे हुए हिस्सों को कवर करते हुए पूरे देश में पूरी तरह एक्टिव हो जाएगा. इस मजबूत वेदर सिस्टम के कारण उत्तर भारत समेत देश के कई राज्यों में आफत की बारिश (Heavy Rainfall) का दौर शुरू होने वाला है, जिससे जनजीवन अस्त-व्यस्त होने की आशंका है.
पहाड़ों में लैंडस्लाइड का खतरा, यूपी-दिल्ली में अत्यंत भारी बारिश का अलर्ट
मौसम विभाग के मुताबिक, पहाड़ों से लेकर मैदानों तक कुदरत का कहर देखने को मिल सकता है:
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पहाड़ी राज्य: जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में अगले कुछ दिनों तक मूसलाधार बारिश का अनुमान है, जिससे संवेदनशील पहाड़ी रास्तों पर भूस्खलन (Landslide) का खतरा काफी बढ़ गया है.
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मैदानी इलाके: पंजाब, हरियाणा, चंडीगढ़ और देश की राजधानी दिल्ली में भारी बारिश की चेतावनी दी गई है.
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उत्तर प्रदेश: यूपी के निवासियों के लिए भी मुश्किलें बढ़ने वाली हैं; मौसम विभाग ने पश्चिमी और पूर्वी उत्तर प्रदेश के कई जिलों में अलग-अलग दिनों के लिए अत्यंत भारी बारिश का हाई अलर्ट जारी किया है.
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आंधी-तूफान: राजस्थान और जम्मू-कश्मीर में 40 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तूफानी हवाएं चलने और आकाशीय बिजली गिरने की आशंका जताई गई है. इसके अलावा मध्य प्रदेश और विदर्भ में भी मानसून का उग्र रूप दिखेगा.
गुजरात और पूर्वोत्तर में मंडराया अचानक बाढ़ (Flash Flood) का खतरा
मौसम विभाग ने देश के पश्चिमी और पूर्वोत्तर हिस्सों के लिए सबसे खतरनाक चेतावनी जारी की है. कोंकण, गोवा और मध्य महाराष्ट्र में पूरे हफ्ते मूसलाधार बारिश का सिलसिला थमने वाला नहीं है. गुजरात, सौराष्ट्र और कच्छ में 50 से 70 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली चक्रवाती हवाओं के साथ भारी बारिश का अनुमान है.
दूसरी ओर, पूर्वी भारत में सब-हिमालयी पश्चिम बंगाल, सिक्किम और बिहार में अत्यधिक भारी बारिश हो सकती है. असम, मेघालय, अरुणाचल प्रदेश और मिजोरम समेत पूरे पूर्वोत्तर में अगले कुछ दिनों तक लगातार पानी बरसेगा. सबसे चिंताजनक बात यह है कि कैचमेंट एरिया में पहले से ही पानी लबालब भरा होने के कारण IMD ने गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, तटीय कर्नाटक, उत्तराखंड और नॉर्थ-ईस्ट के राज्यों में अचानक बाढ़ (Flash Flood) आने का बड़ा खतरा जताया है.
मौसम विभाग की विशेष गाइडलाइन: यात्रा करने से पहले इन बातों को नोट कर लें
देशभर में मानसून के इस उग्र जाल को देखते हुए प्रशासन और आईएमडी ने आम जनता व पर्यटकों के लिए विशेष रूप से एडवाइजरी जारी की है:
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ट्रैफिक और लो-विजिबिलिटी: भारी बारिश और सड़कों पर जलजमाव के कारण विजिबिलिटी (दृश्यता) बेहद कम हो सकती है, जिससे हाईवे और शहरों में लंबा ट्रैफिक जाम लग सकता है. यात्रा पर निकलने से पहले रास्तों की स्थिति जरूर जान लें.
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पहाड़ी और संवेदनशील रास्तों से दूरी: हिमाचल, उत्तराखंड और कश्मीर की वादियों में घूमने गए पर्यटक विशेष सावधानी बरतें और तेज बारिश के दौरान लैंडस्केल या चट्टान खिसकने वाले इलाकों की तरफ बिल्कुल न जाएं.
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स्थानीय प्रशासन की बात मानें: निचले और जलभराव वाले क्षेत्रों में रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और समय-समय पर मौसम के ताजा अपडेट्स पर नजर बनाए रखें.
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