
मिडिल ईस्ट में अमेरिका और ईरान के बीच चल रहा संघर्ष अब एक भीषण और बहुआयामी युद्ध का रूप ले चुका है। वॉल स्ट्रीट जर्नल (WSJ) की एक हालिया एक्सक्लूसिव रिपोर्ट के मुताबिक, बहरीन और कुवैत की वायुसेना ने पहली बार संयुक्त रूप से कार्रवाई करते हुए ईरान के अंदर मौजूद सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन स्टोरेज डिपो पर गुप्त हवाई हमले (Secret Airstrikes) किए हैं।
इस सीक्रेट ऑपरेशन में संयुक्त अरब अमीरात (UAE) ने खुफिया जानकारी साझा करने के साथ-साथ बहरीन और कुवैत के लड़ाकू विमानों को एयर कवर प्रदान किया। हालांकि बहरीन और कुवैत के पास सीमित वायुसेना है, लेकिन अपने क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों पर लगातार हो रहे ईरानी हमलों के जवाब में उन्हें यह बड़ा कदम उठाना पड़ा है।
अमेरिकी ठिकानों पर ईरान का भीषण पलटवार
बहरीन और कुवैत के इस कदम के बाद ईरान के इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड्स (IRGC) ने अपने हमले और तेज कर दिए हैं। ईरान ने कुवैत में मौजूद कैंप उदैरी (Camp Buehring), कैंप आरिफजान और अली अल सालेम एयर बेस के साथ-साथ बहरीन में ईसा एयर बेस और अमेरिकी नौसेना के 5वें बेड़े (US Fifth Fleet) के ठिकानों पर कमिकेज़ (Kamikaze) ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइलों से ताबड़तोड़ हमले किए हैं।
ईरान की ओर से आम नागरिकों को चेतावनी दी गई है कि वे अमेरिकी सैन्य परिसरों से कम से कम 500 मीटर की दूरी बनाए रखें, क्योंकि अमेरिकी मौजूदगी वाले सभी बेस उसके निशाने पर रहेंगे।
समुद्र में नाकेबंदी और हॉर्मुज स्ट्रैट पूरी तरह ठप
फारस की खाड़ी और ओमान की खाड़ी में अमेरिकी नौसेना ने ईरान की समुद्री नाकेबंदी को कड़ा कर दिया है। अमेरिका ने नाकेबंदी तोड़ने की कोशिश कर रहे व्यापारिक जहाजों पर फायरिंग कर उन्हें बेकार कर दिया है।
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हॉर्मुज स्ट्रैट बंद: लगातार हो रही गोलाबारी और ड्रोन हमलों के कारण दुनिया का सबसे प्रमुख तेल मार्ग 'हॉर्मुज स्ट्रैट' (Strait of Hormuz) पूरी तरह ठप हो चुका है।
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समुद्र में मानवीय संकट: समुद्र में लगभग 400 व्यापारिक जहाज और 6,000 से अधिक नाविक बीच रास्ते में फंसे हुए हैं, जिनके पास भोजन, पानी और आवश्यक ईंधन का गहरा संकट पैदा हो गया है।
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कच्चे तेल में उबाल: हॉर्मुज स्ट्रैट और लाल सागर में जहाजों पर हमलों के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें $100 प्रति बैरल के आंकड़े को पार कर गई हैं।
यमन में हुथी ठिकानों पर सऊदी का हमला
लाल सागर के मुहाने (बाब अल-मंदेब) पर ईरान समर्थित हुथी विद्रोहियों ने सऊदी अरब के तेल टैंकरों पर हमले बढ़ा दिए थे। इसके जवाब में सऊदी अरब के नेतृत्व वाले गठबंधन ने यमन के होदेइदा इलाके में हुथी विद्रोहियों के सैन्य अड्डों पर भारी बमबारी की है।
फिलहाल ओमान, पाकिस्तान और चीन की ओर से शांति वार्ता कराने के प्रयास जारी हैं, लेकिन अमेरिका और ईरान दोनों ही एक-दूसरे के खिलाफ पीछे हटने को तैयार नहीं हैं, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गहरा असर पड़ रहा है।
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