
हॉलीवुड की मशहूर पॉप स्टार कैटी पेरी और कनाडा के पूर्व प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो की कुछ बेहद चौंकाने वाली तस्वीरें इस वक्त इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रही हैं। इन वायरल तस्वीरों में जस्टिन ट्रूडो समंदर किनारे कैटी पेरी की पीठ पर सनस्क्रीन लगाते हुए नजर आ रहे हैं। दोनों के बीच की यह खास और रोमांटिक बॉन्डिंग सोशल मीडिया पर आते ही टॉक ऑफ द टाउन बन गई है और लोग दोनों के रिश्तों को लेकर तरह-तरह के कयास लगाने लगे हैं।
वायरल तस्वीरों के पीछे की क्या है असली कहानी
तस्वीरें सामने आते ही नेटिजन्स के बीच बहस का दौर शुरू हो गया है। समंदर के खूबसूरत बैकड्रॉप में क्लिक की गई इन फोटोज में दोनों ही बेहद रिलैक्स और एक-दूसरे के करीब दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, इन तस्वीरों के सोशल मीडिया पर छाने के बाद कई तकनीकी और मीडिया एक्सपर्ट्स ने इस पर अपनी राय दी है। एक्सपर्ट्स का कहना है कि यह दौर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का है, जहां डीपफेक और एआई-जनरेटेड इमेज (AI Generated Pics) के जरिए किसी भी नामचीन हस्ती को किसी के भी साथ फ्रेम में दिखाया जा सकता है। ऐसे में कई लोग इसे एआई का कमाल भी बता रहे हैं, जिसने पहली नजर में सबको धोखा दे दिया।
फैंस और नेटिजन्स का रिएक्शन और कमेंट्स की बाढ़
जस्टिन ट्रूडो अपनी पर्सनल लाइफ और लुक्स को लेकर हमेशा से ही सुर्खियों में रहे हैं, वहीं कैटी पेरी की दुनिया भर में तगड़ी फैन फॉलोइंग है। जैसे ही ये तस्वीरें एक्स (पहले ट्विटर) और इंस्टाग्राम पर वायरल हुईं, फैंस ने इस पर मजेदार मीम्स और कमेंट्स की बौछार कर दी। कुछ यूजर्स ने इसे साल का सबसे बड़ा सरप्राइज अफेयर बताया, तो वहीं ज्यादातर समझदार यूजर्स ने इसे फेक बताते हुए साझा न करने की सलाह दी। फिलहाल दोनों ही स्टार्स की तरफ से इन वायरल हो रही तस्वीरों पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान या प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
सेलिब्रिटीज और राजनेताओं के फेक एआई कंटेंट्स का बढ़ता खतरा
इस पूरे घटनाक्रम ने एक बार फिर इंटरनेट पर डीपफेक और एआई की मदद से बनने वाली भ्रामक तस्वीरों के खतरे को उजागर कर दिया है। पिछले कुछ समय में वैश्विक नेताओं से लेकर बॉलीवुड और हॉलीवुड के बड़े कलाकारों की ऐसी कई फर्जी तस्वीरें और वीडियो सामने आ चुके हैं, जो हूबहू असली जैसे लगते हैं। यही वजह है कि गूगल डिस्कवर और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स अब ऐसी एआई जनरेटेड तस्वीरों को लेकर बेहद सख्त नीतियां अपना रहे हैं ताकि यूजर्स तक सिर्फ सही और प्रामाणिक जानकारी ही पहुंच सके।
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