
रात को गहरी नींद में सोने के बाद अचानक मध्य रात्रि में, खासकर 2 से 3 बजे के आसपास आंख खुल जाना और उसके बाद काफी कोशिश करने पर भी दोबारा नींद न आना एक बेहद परेशान करने वाली समस्या है। बहुत से लोग इसे आम बात समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, लेकिन नींद विशेषज्ञों और स्वास्थ्य डॉक्टरों का कहना है कि इसके पीछे हमारे शरीर की आंतरिक घड़ी (बायोलॉजिकल क्लॉक), हार्मोनल असंतुलन और मानसिक तनाव से जुड़े कई अहम कारण हो सकते हैं। आइए जानते हैं कि आखिर इस समय विशेष पर नींद क्यों टूटती है और डॉक्टर इस समस्या से निपटने के लिए क्या उपाय बताते हैं।
बायोलॉजिकल क्लॉक और कोर्टिसोल का खेल
विशेषज्ञों के अनुसार, हमारे शरीर का एक प्राकृतिक सर्केडियन रिदम (Circadian Rhythm) होता है, जो नींद और जागने की प्रक्रिया को नियंत्रित करता है। रात के समय लगभग 2 से 3 बजे के बीच हमारे शरीर में स्ट्रेस हार्मोन यानी कोर्टिसोल (Cortisol) का स्तर और ब्लड शुगर का संतुलन थोड़ा बदलने लगता है। यदि आप दिनभर अत्यधिक मानसिक तनाव, चिंता या एंग्जायटी से गुजरे हैं, तो इस समय शरीर का फाइट-या-फ्लाइट रिस्पांस अचानक एक्टिव हो जाता है, जिससे दिल की धड़कन हल्की सी तेज हो जाती है और नींद अचानक टूट जाती है।
लिवर की डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया और चीनी का असंतुलन
पारंपरिक चीनी चिकित्सा (Traditional Chinese Medicine) और आधुनिक स्वास्थ्य विज्ञान दोनों इस बात की पुष्टि करते हैं कि रात को 1 से 3 बजे के बीच का समय हमारे लिवर की सक्रिय डिटॉक्सिफिकेशन प्रक्रिया का होता है। यदि आपने डिनर में बहुत ज्यादा मीठा, रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट या भारी भोजन किया है, तो ब्लड शुगर का स्तर अचानक गिर जाता है (जिसे हाइपोग्लाइसीमिया कहते हैं)। इस गिरे हुए शुगर लेवल को सामान्य करने के लिए लिवर और शरीर अतिरिक्त एड्रेनालाईन और कोर्टिसोल हार्मोन रिलीज करते हैं, जिससे नींद में खलल पड़ता है और आंख खुल जाती है।
एंग्जायटी और मानसिक ओवरथिंकिंग
दिनभर के कामों की उलझनें, भविष्य की चिंताएं या किसी अनसुलझे तनाव के कारण जब हम सोते हैं, तो हमारा अचेतन मन (Subconscious Mind) काम करता रहता है। रात के सन्नाटे में जब बाहरी आवाजें बंद होती हैं, तो मानसिक दबाव अचानक सतह पर आ जाता है। यही कारण है कि इस समय अचानक नींद खुलने पर दिमाग में तरह-तरह के विचार और ओवरथिंकिंग शुरू हो जाती है, जिससे दोबारा सोना मुश्किल हो जाता है।
दोबारा जल्दी नींद पाने के लिए अपनाएं ये असरदार उपाय
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घड़ी देखने से बचें: रात में नींद खुलने पर बार-बार घड़ी बिल्कुल न देखें, क्योंकि समय देखने से दिमाग में यह तनाव पैदा हो जाता है कि अब सोने के लिए कितना वक्त बचा है।
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लंबी और गहरी सांस लें: बिस्तर पर लेटे-लेटे ही '4-7-8' ब्रीदिंग तकनीक अपनाएं—4 सेकंड तक सांस अंदर लें, 7 सेकंड रोकें और 8 सेकंड में धीरे-धीरे बाहर छोड़ें। इससे तंत्रिका तंत्र शांत होता है।
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बिस्तर से बाहर आ जाएं: यदि 20 मिनट तक नींद न आए, तो जबरदस्ती लेटे रहने के बजाय बिस्तर से उठकर किसी हल्की रोशनी वाले कमरे में चले जाएं और कोई बोरिंग किताब पढ़ें या शांत संगीत सुनें। स्क्रीन (मोबाइल या टीवी) को बिल्कुल हाथ न लगाएं।
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