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द्विपूष्कर और हर्षण योग का अद्भुत संयोग, इन 5 राशि के जातकों पर होगी मां लक्ष्मी और भगवान विष्णु की विशेष कृपा

सनातन पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, सावन मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी यानी कामिका एकादशी का पावन पर्व बेहद खास योगों के साथ आ चुका है। इस साल कामिका एकादशी पर द्विपूष्कर योग और हर्षण योग का एक अत्यंत दुर्लभ और शुभ संयोग बन रहा है। सावन के महीने में पड़ रही इस एकादशी पर जगत के पालनहार भगवान विष्णु और धन की देवी मां लक्ष्मी की असीम कृपा से कुछ चुनिंदा राशियों के भाग्य के बंद ताले खुलने वाले हैं। आइए जानते हैं कि किन 5 भाग्यशाली राशियों पर इस महासंयोग का सबसे सकारात्मक प्रभाव पड़ने वाला है।

वृषभ, कर्क और सिंह राशि के जातकों को मिलेगा बंपर लाभ

ज्योतिषीय आकलनों के अनुसार, कामिका एकादशी पर बन रहे इन शुभ योगों का प्रभाव सभी राशियों पर देखने को मिलेगा, लेकिन पांच राशियां ऐसी हैं जिन्हें विशेष लाभ मिलने की पूरी संभावना है। वृषभ राशि के जातकों की आर्थिक स्थिति में अचानक सुधार देखने को मिल सकता है। लंबे समय से रुका हुआ धन वापस मिल सकता है और कारोबारियों को कोई बड़ी डील या नया प्रोजेक्ट हाथ लग सकता है। कर्क राशि के जातकों के लिए नए आय के स्रोत बनेंगे और मानसिक तनाव से मुक्ति मिलेगी। नौकरीपेशा लोगों को उच्च अधिकारियों से प्रशंसा और प्रमोशन का लाभ मिल सकता है। सिंह राशि के जातकों के आत्मविश्वास में जबरदस्त वृद्धि होगी और समाज में मान-सम्मान बढ़ेगा। सरकारी या प्रशासनिक कार्यों से जुड़े लोगों को बड़ी सफलता हासिल हो सकती है।

तुला और कुंभ राशि वालों के जीवन में आएगी सुख-समृद्धि

तुला राशि के जातकों का भाग्य पूरी तरह से साथ देगा और आय के नए साधन स्थिर बने रहेंगे। यदि आप कोई नया निवेश या प्रॉपर्टी खरीदने की योजना बना रहे हैं, तो यह समय बेहद अनुकूल साबित हो सकता है। परिवार या बच्चों की ओर से कोई सुखद समाचार मिल सकता है। इसके अलावा, कुंभ राशि के जातकों के जीवन की पुरानी समस्याएं और करियर की बाधाएं समाप्त होंगी। कार्यक्षेत्र में आपकी योजनाओं की सराहना की जाएगी। जीवनसाथी के साथ रिश्ते मधुर होंगे और आप धन संचय करने में सफल रहेंगे।

कामिका एकादशी के विशेष उपाय और पूजा विधि

कामिका एकादशी के दिन भगवान विष्णु और मां लक्ष्मी की कृपा पाने के लिए कुछ विशेष उपाय करने से जीवन के सभी संकट दूर हो जाते हैं। इस दिन भगवान विष्णु की पूजा में तुलसी के पत्तों का विशेष रूप से भोग लगाएं। चूंकि एकादशी के दिन तुलसी के पत्ते तोड़ना वर्जित माना जाता है, इसलिए इन्हें एक दिन पहले ही तोड़कर रख लेना चाहिए। इसके अलावा, 'ॐ नमो भगवते वासुदेवाय' मंत्र का जाप करने या विष्णु सहस्रनाम का पाठ करने से आर्थिक तंगी दूर होती है। इस दिन पीले रंग के फल, चने की दाल, पीले वस्त्र या केसर युक्त खीर का दान करना गुरु और भगवान विष्णु दोनों का आशीर्वाद दिलाता है।