Thursday , August 20 2026

पाकिस्तानी सेना की गोली का अब गोली से जवाब देंगे’, पीओके के नेता सरदार अमान कश्मीरी का बड़ा ऐलान

पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर (PoK) में स्थानीय नागरिकों का गुस्सा अब चरम पर पहुंच चुका है, और वहां की सरकार तथा पाकिस्तानी सेना के खिलाफ बगावत के सुर तेज हो गए हैं। पिछले 70 दिनों से PoK के विभिन्न हिस्सों में बुनियादी अधिकारों, महंगाई, भारी बिजली बिलों और सरकारी दमन के खिलाफ लगातार विरोध प्रदर्शन और धरने जारी हैं। इस बीच, PoK के एक प्रमुख स्थानीय नेता सरदार अमान कश्मीरी ने एक बेहद तीखा और आक्रामक बयान देकर इस आंदोलन को एक नया मोड़ दे दिया है। उन्होंने खुले तौर पर ऐलान किया है कि अब पाकिस्तानी सेना और पुलिस की ज्यादतियों का जवाब सिर्फ शांतिपूर्ण प्रदर्शन से नहीं, बल्कि जरूरत पड़ने पर गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा। उनके इस तेवर ने इस्लामाबाद में बैठे हुक्मरानों की नींद उड़ा दी है।

पिछले 70 दिनों से सुलग रहा है पीओके का इलाका

पाकिस्तान के कब्जे वाले इस क्षेत्र में हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। पिछले 70 दिनों से चल रहे इस ऐतिहासिक जन-आंदोलन में आम जनता, व्यापारी, युवा और महिलाएं सड़कों पर उतरकर पाकिस्तान सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाज़ी कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि उन्हें उनके अपने ही संसाधनों से वंचित रखा जा रहा है और उन पर भारी-भरकम कर (Taxes) लादे जा रहे हैं। स्थानीय अवाम का यह भी कहना है कि पुलिस और पाकिस्तानी सुरक्षा बल शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज और आंसू गैस के गोले दागकर उनकी आवाज को दबाने की कोशिश कर रहे हैं, जिससे जनता का रोष और अधिक भड़क उठा है।

सरदार अमान कश्मीरी की खुली चेतावनी और तेवर

पीओके के वरिष्ठ नेता सरदार अमान कश्मीरी ने एक जनसभा को संबोधित करते हुए पाकिस्तानी सेना और प्रशासन को सीधी चेतावनी दी है। उन्होंने दो टूक शब्दों में कहा कि अब तक कश्मीर की जनता अमन और शांति के साथ अपने हक की मांग कर रही थी, लेकिन यदि राज्य की एजेंसियां अपनी हरकतों से बाज नहीं आईं और गोलियां चलाना बंद नहीं किया, तो जनता भी चुप नहीं बैठेगी। कश्मीरी ने स्पष्ट रूप से कहा कि अब पाकिस्तानी सेना की हर एक गोली का जवाब गोली से दिया जाएगा और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए किसी भी हद तक जाने को तैयार हैं। उनके इस बयान के बाद इलाके में सुरक्षा बलों को और अधिक सतर्क कर दिया गया है।

स्थानीय प्रशासन और खुफिया एजेंसियों के फूले हाथ-पांव

सरदार अमान कश्मीरी के इस आक्रामक ऐलान के बाद पाकिस्तानी खुफिया एजेंसियों और स्थानीय प्रशासन के हाथ-पांव फूल गए हैं। हालात को नियंत्रण से बाहर होता देख प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में सुरक्षा और कड़ी कर दी है तथा इंटरनेट सेवाओं पर भी अघोषित पाबंदियां लगानी शुरू कर दी हैं। हालांकि, इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों का हौसला कम होने का नाम नहीं ले रहा है और वे लगातार सरकार विरोधी रैलियां निकाल रहे हैं। जानकारों का मानना है कि यदि समय रहते पाकिस्तान सरकार ने जनता की जायज़ मांगों पर ध्यान नहीं दिया, तो यह विरोध प्रदर्शन एक बड़े सशस्त्र विद्रोह का रूप ले सकता है, जिससे वहां की सत्ता के लिए गंभीर संकट पैदा हो सकता है।

भारत और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर बढ़ रही है हलचल

PoK के भीतर सुलग रही इस चिंगारी और नेताओं के ऐसे बयानों ने अंतरराष्ट्रीय कूटनीति के गलियारों में भी चर्चाएं तेज कर दी हैं। मानवाधिकार संगठनों का कहना है कि पाकिस्तान सरकार लंबे समय से इस क्षेत्र के लोगों का दमन करती आई है, जिसके कारण अब वहां के नागरिकों का गुस्सा फूट पड़ा है। भारतीय सुरक्षा और कूटनीतिक गलियारों में भी इस पूरे घटनाक्रम पर पैनी नजर रखी जा रही है कि कैसे पाकिस्तान अपने ही नागरिकों पर अत्याचार कर रहा है और वहां का आंतरिक ढांचा ढहता जा रहा है। आने वाले दिनों में यह आंदोलन PoK की राजनीति में एक बड़ा भूचाल ला सकता है।