
भारतीय शेयर बाजार में उतार-चढ़ाव और ग्लोबल इंडेक्स में होने वाले बदलावों का सीधा असर देश के बड़े उद्योगपतियों पर देखने को मिल रहा है। हाल ही में अडानी समूह के शेयरों में आई जोरदार बिकवाली के चलते समूह के चेयरमैन गौतम अडानी को बहुत बड़ा झटका लगा है। निवेशकों के मन में सवाल है कि इस भारी गिरावट के बाद उनकी कुल संपत्ति यानी नेटवर्थ में कितनी कमी आई है और इसका प्रमुख कारण क्या है।
बाजार में भारी गिरावट और शेयरों का प्रदर्शन
भारतीय शेयर बाजार के कारोबार के दौरान अडानी ग्रुप की कंपनियों के शेयरों में अचानक तेज बिकवाली शुरू हो गई। अडानी एंटरप्राइजेज, अडानी पोर्ट्स, अडानी ग्रीन एनर्जी और अडानी एनर्जी सॉल्यूशंस जैसे प्रमुख शेयर भारी गिरावट के साथ लाल निशान पर बंद हुए। जानकारों के मुताबिक, इस भारी बिकवाली की मुख्य वजह MSCI रीबैलेंसिंग से ठीक पहले बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता और व्यापक स्तर पर जोखिम से बचने का रुख रहा है। चूंकि गौतम अडानी की कुल संपत्ति का एक बड़ा हिस्सा इन्हीं सूचीबद्ध कंपनियों के शेयरों से जुड़ा हुआ है, इसलिए शेयरों के टूटने का सीधा असर उनकी नेटवर्थ पर पड़ा है।
गौतम अडानी की नेटवर्थ में आई भारी गिरावट
ब्लूमबर्ग बिलियनेयर इंडेक्स की ताजा रैंकिंग के अनुसार, गौतम अडानी इस कारोबारी हलचल के चलते दुनिया भर में सबसे बड़े लूजर्स में शामिल रहे। एक ही दिन के भीतर उनकी कुल संपत्ति में लगभग 9.50 अरब डॉलर यानी भारतीय रुपये के हिसाब से करीब 9 लाख करोड़ रुपये से अधिक की भारी गिरावट दर्ज की गई। इस बड़ी वित्तीय चपत के बाद अब गौतम अडानी की कुल नेटवर्थ घटकर करीब 103 अरब डॉलर रह गई है। इस गिरावट के कारण वह ग्लोबल अमीर सूचकांक में फिसलकर 19वें स्थान पर आ गए हैं, हालांकि बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि यह उतार-चढ़ाव वैश्विक बाजार की रणनीतियों और तकनीकी रीबैलेंसिंग का हिस्सा है।
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