
अंतरराष्ट्रीय राजनीति और भू-राजनीतिक रहस्यों की दुनिया में इन दिनों एक युवा नाम चर्चा के केंद्र में बना हुआ है। दुनिया के सबसे कुख्यात और खतरनाक प्राइवेट मिलिट्री ग्रुप कहे जाने वाले वैगनर ग्रुप (Wagner Group) के सर्वेसर्वा रहे येवगेनी प्रिगोझिन की रहस्यमय मौत के बाद अब उनके मात्र 28 वर्षीय बेटे पावेल प्रिगोझिन (Pavel Prigozhin) ने इस विशाल साम्राज्य की कमान संभाल ली है। पिता की मौत के बाद बेहद कम उम्र में पावेल ने न केवल इस उत्तराधिकार को संभाला, बल्कि सोने की खदानों, हथियारों के व्यापार, भाड़े के सैनिकों और ड्रग्स के अवैध कारोबार के जरिए इस साम्राज्य को एक नए वैश्विक नेटवर्क में तब्दील कर दिया है। सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (CAR) की राजधानी बांगुई से लगभग 500 भाड़े के सैनिकों की गतिविधियों का संचालन कर रहे पावेल की यह कहानी किसी फिल्मी थ्रिलर से कम नहीं है। आइए जानते हैं कि इस युवा के हाथों में कैसे चल रहा है करोड़ों डॉलर का यह खौफनाक और चमकदार साम्राज्य।
पिता येवगेनी प्रिगोझिन की मौत और पावेल का वैगनर साम्राज्य पर कब्जा
अगस्त 2023 में रूस के आसमान में हुए एक बेहद रहस्यमय प्राइवेट जेट क्रैश में येवगेनी प्रिगोझिन की मौत हो गई थी। इस भीषण दुर्घटना में वैगनर ग्रुप के शीर्ष सैन्य कमांडर और आठ अन्य लोग भी मारे गए थे। उस वक्त पावेल की उम्र महज 25 साल थी। गौरतलब है कि येवगेनी प्रिगोझिन ने ही वैगनर को एक ऐसी ताकतवर निजी सेना के रूप में खड़ा किया था, जिसने यूक्रेन युद्ध में रूस की ओर से फ्रंटलाइन पर लड़ाई लड़ी थी और बाद में अफ्रीकी देशों में अपने प्रभाव का दायरा बढ़ाया था।
रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन के खिलाफ एक संक्षिप्त और असफल सशस्त्र विद्रोह का नेतृत्व करने के ठीक दो महीने बाद येवगेनी की संदेहास्पद परिस्थितियों में मौत हो गई थी। प्रतिष्ठित समाचार पत्र 'द वाशिंगटन पोस्ट' की एक रिपोर्ट के मुताबिक, तब से लेकर अब तक पावेल ने न केवल सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक में वैगनर के पुराने कामकाज को पूरी तरह सुरक्षित रखा है, बल्कि उसका बड़े पैमाने पर अंतरराष्ट्रीय विस्तार भी किया है।
400 मिलियन डॉलर से ज्यादा का सालाना कारोबार और ऐशो-आराम भरी जिंदगी
जिनेवा स्थित 'ग्ローバル इनिशिएटिव अगेंस्ट ट्रांसनेशनल ऑर्गेनाइज्ड क्राइम' के अनुमान के अनुसार, प्रिगोझिन परिवार के इस व्यवसाय में कानूनी और गैर-कानूनी दोनों तरह की गतिविधियां शामिल हैं, जिससे हर साल 400 मिलियन डॉलर (लगभग 3,300 करोड़ रुपये) से ज्यादा की भारी-भरकम कमाई होती है।
रूस के दिवंगत विपक्षी नेता एलेक्सी नवलनी से जुड़े एंटी-करप्शन फाउंडेशन की रिपोर्ट्स के मुताबिक, पावेल अपनी कम उम्र से ही बेहद आलीशान और अय्याशी भरी जीवनशैली के लिए जाने जाते रहे हैं। सोशल मीडिया पर सामने आई तस्वीरों में उन्हें महंगे प्राइवेट जेट्स और परिवार की लग्ज़री यॉट पर घूमते हुए देखा गया है। सुरक्षा और खुफिया मामलों के शोधकर्ताओं का कहना है कि जब पावेल मात्र 20 साल के थे, तभी उनके पिता ने उन्हें परिवार के आलीशान विला और कमर्शियल अपार्टमेंट इमारतों की बड़ी जिम्मेदारी सौंप दी थी। खोजी समूह 'ऑल आइज ऑन वैगनर' के अनुसार, येवगेनी अपने तीनों बच्चों में से पावेल को ही अपना सबसे भरोसेमंद और मुख्य उत्तराधिकारी मानते थे।
सीरिया से लेकर यूक्रेन तक जंग के मैदान में पावेल की ट्रेनिंग
येवगेनी प्रिगोझिन ने अपने बेटे पावेल को एक खूंखार रूसी देशभक्त और योद्धा के रूप में पेश करने की पूरी तैयारी की थी। सोशल मीडिया पर ऐसे कई दस्तावेज और तस्वीरें सामने आ चुकी हैं जिनमें पावेल को सीरिया के गृहयुद्ध के दौरान फ्रंटलाइन पर लड़ते हुए दिखाया गया है। सीरिया में बहादुरी और सैन्य कौशल दिखाने के लिए उन्हें वैगनर के प्रतिष्ठित 'ब्लैक क्रॉस' सम्मान से भी नवाजा गया था।
इसके बाद, उन्होंने रूस और यूक्रेन के बीच चल रहे भीषण युद्ध में एक खुफिया अधिकारी (Intelligence Officer) और ड्रोन ऑपरेटर के तौर पर भी अपनी सेवाएं दी थीं। युद्ध के मैदान के इस शुरुआती अनुभव ने ही पावेल को इतनी कम उम्र में खूंखार भाड़े के सैनिकों को नियंत्रित करने का हुनर सिखाया है।
अफ्रीका में सोने की खदानें और अवैध कारोबार का खतरनाक जाल
पेंटागन द्वारा वित्तपोषित 'अफ्रीका सेंटर फॉर स्ट्रेटेजिक स्टडीज' की रिपोर्ट के अनुसार, वैगनर ग्रुप ने माली (Mali) में वहां की सैन्य सरकार की सुरक्षा के बदले 10 मिलियन डॉलर प्रति महीने का भारी-भरकम सौदा किया हुआ है। इसके अलावा लीबिया में उनके लड़ाकों ने विद्रोहियों के कब्जे वाले तेल के कुओं को अपने नियंत्रण में सुरक्षित किया है, जबकि सूडान में इस समूह ने सोने की तस्करी के बदले 'रैपिड सपोर्ट फोर्सेज' को सतह से हवा में मार करने वाली मिसाइलें मुहैया कराई हैं।
सेंट्रल अफ्रीकन रिपब्लिक (CAR) इस सिंडिकेट के सबसे अधिक मुनाफे वाले अभियानों का मुख्य केंद्र बन चुका है। यहां वैगनर ने सोने की खदानों पर जबरन कब्जा कर कीमती खनिजों का अवैध अंतरराष्ट्रीय व्यापार शुरू किया है। वर्ष 2023 के उस ऐतिहासिक विद्रोह के बाद, जब वैगनर के लड़ाके मॉस्को की ओर बढ़ रहे थे और रूसी सैन्य नेतृत्व पर भ्रष्टाचार का आरोप लगा रहे थे, क्रेमलिन ने रूस के भीतर वैगनर के कारोबारों और संपत्तियों पर अपना नियंत्रण कड़ा कर लिया था। इसके बाद रूस ने 'अफ्रीका कॉर्प्स' का गठन किया, ताकि अफ्रीका महाद्वीप में चल रहे इन सैन्य अभियानों को सीधे अपने रक्षा मंत्रालय के अधीन लाया जा सके।
एक सैन्य बल से बदलकर वैश्विक 'संगठित अपराध सिंडिकेट' बन रहा है वैगनर
अपने पिता की मौत के तुरंत बाद पावेल बंगी पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय कमांडरों और वरिष्ठ सरकारी अधिकारियों के साथ गुप्त बैठकें कीं। इन बैठकों के जरिए उन्होंने वैगनर के लड़ाकों को देश की स्थानीय पुलिस और खुफिया सेवाओं में एकीकृत करने में बड़ी भूमिका निभाई। आज के समय में वैगनर सिर्फ एक पारंपरिक सैन्य बल या प्राइवेट आर्मी नहीं रह गया है, बल्कि यह कंज्यूमर गुड्स और ड्रग्स के अवैध काले बाजार में भी पूरी तरह उतर चुका है।
यह समूह वर्तमान में 'वा वा वा' (आग और आग) नाम से अपनी वोदका और 'अफ़्रीका टी लोर' नाम से बीयर का व्यावसायिक उत्पादन और बिक्री कर रहा है। इसके साथ ही, यह खूंखार समूह 'ट्रामाडोल' (एक अत्यधिक खतरनाक प्रिस्क्रिप्शन ओपिओइड ड्रग) के स्थानीय और क्षेत्रीय काले बाजार पर भी बड़ा नियंत्रण रखता है। दुनिया भर के सुरक्षा और कूटनीति विशेषज्ञों का यह मानना है कि वैगनर अब एक पेशेवर स्पेशल-फोर्स ग्रुप से पूरी तरह बदलकर संगठित अपराध के एक खतरनाक वैश्विक नेटवर्क में तब्दील हो चुका है, जिसकी चाबी अब पूरी तरह से 28 साल के युवा पावेल प्रिगोझिन के हाथों में सौंप दी गई है।
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