
देश की आर्थिक राजधानी मुंबई के छत्रपति शिवाजी महाराज अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे (CSMIA) के सबसे व्यस्त और संवेदनशील टर्मिनल-2 (T2) के पास स्थित एक धार्मिक ढांचे को लेकर बड़ा राजनीतिक और प्रशासनिक विवाद खड़ा हो गया है। भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद और वरिष्ठ नेता किरीट सोमैया ने इस ढांचे को पूरी तरह अनधिकृत और राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए इसे गिराने के मकसद से 24 अक्टूबर को एक विशाल 'हथौड़ा रैली' निकालने की सीधी घोषणा कर दी है। सोमैया का सीधा आरोप है कि एयरपोर्ट के वीआईपी अराइवल गेट और टैक्सी स्टैंड के बिल्कुल पास लगभग 2,000 वर्ग फुट जमीन पर यह मस्जिद अवैध रूप से खड़ी की गई है। इस विवाद के सामने आने के बाद मुंबई एयरपोर्ट प्रशासन, स्थानीय पुलिस, सुरक्षा एजेंसियों और मुंबई महानगर क्षेत्र विकास प्राधिकरण (MMRDA) के गलियारों में हड़कंप मच गया है।
टर्मिनल-2 के वीआईपी अराइवल पर निकला विरोध मार्च: सोमैया ने एजेंसियों की चुप्पी पर दागे तीखे सवाल
किरीट सोमैया ने गुरुवार के दिन छत्रपति शिवाजी महाराज इंटरनेशनल एयरपोर्ट के टर्मिनल-2 के निकट अपने समर्थकों और स्थानीय कार्यकर्ताओं के साथ एक आक्रामक विरोध मार्च निकाला। मार्च के दौरान उन्होंने सुरक्षा एजेंसियों, नगर निगम और एयरपोर्ट ऑपरेटर के ढुलमुल रवैये के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सोमैया ने सीधे तौर पर सवाल उठाया कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की आवाजाही वाले इतने संवेदनशील और हाई-सिक्योरिटी जोन में बिना किसी पूर्व अनुमति के इतना बड़ा पक्का ढांचा कैसे खड़ा हो गया। उन्होंने कहा कि सरकारी एजेंसियों और मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन डेवलपमेंट अथॉरिटी (एमएमआरडीए) के साथ इस विषय पर कई दौर की बातचीत होने और साक्ष्य सौंपे जाने के बावजूद प्रशासन हाथ पर हाथ धरे बैठा रहा। सोमैया ने आरोप लगाया कि राजनीतिक तुष्टीकरण और प्रशासनिक लापरवाही के कारण देश के सबसे व्यस्ततम एयरपोर्ट की सुरक्षा को ताक पर रख दिया गया है, जिसे अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
2000 वर्ग फुट में फैली मस्जिद पर कानूनी नोटिस: 14 अक्टूबर को एयरपोर्ट ऑपरेटर को दी गई थी अंतिम चेतावनी
इस मामले में किरीट सोमैया ने केवल जुबानी जंग नहीं लड़ी है, बल्कि कानूनी शिकंजा भी कसना शुरू कर दिया है। सोमैया ने अपने अधिवक्ता जितेंद्र जी. शर्मा के जरिए 14 अक्टूबर को मुंबई इंटरनेशनल एयरपोर्ट प्राइवेट लिमिटेड (MIAL) के मुख्य प्रशासनिक अधिकारी विष्णु झा को एक विस्तृत कानूनी नोटिस भेजा था। इस नोटिस में 5 सितंबर को दर्ज कराई गई उनकी पूर्व शिकायत का स्पष्ट हवाला दिया गया है। नोटिस में दस्तावेजों के हवाले से दावा किया गया है कि टर्मिनल-2 के अति-विशिष्ट (VIP) अराइवल गेट से महज 50 मीटर की दूरी पर लगभग 2,000 वर्ग फुट के विशाल क्षेत्रफल में यह अनधिकृत निर्माण किया गया है। नोटिस में एयरपोर्ट प्रशासन से दो-टूक मांग की गई थी कि सुरक्षा मानकों का खुला उल्लंघन करने वाले इस अवैध ढांचे को तत्काल हटाया जाए, अन्यथा जनता के सहयोग से सीधी कार्रवाई की जाएगी।
अति-संवेदनशील एविएशन जोन में सुरक्षा पर बड़ा खतरा: बम निरोधक दस्ते और सीआईएसएफ के नियमों की अनदेखी
हवाईअड्डा सुरक्षा से जुड़े अंतरराष्ट्रीय मानकों और केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (CISF) के सुरक्षा प्रोटोकॉल के अनुसार, किसी भी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के टर्मिनल भवन, रनवे परिधि और वीआईपी एंट्री/एग्जिट गेट के 100 मीटर के दायरे में कोई भी अनधिकृत या सार्वजनिक जमावड़ा स्थल नहीं होना चाहिए। किरीट सोमैया ने रेखांकित किया कि वीआईपी अराइवल गेट और टैक्सी स्टैंड वह क्षेत्र हैं जहां रोजाना हजारों विदेशी और घरेलू यात्री, राजनयिक और वीवीआईपी हस्तियां गुजरती हैं। ऐसे स्थान पर 50 मीटर की दूरी पर अज्ञात लोगों की आवाजाही वाला धार्मिक ढांचा सुरक्षा जांच के कड़े घेरे में सेंधमारी जैसा है। किसी भी संभावित आतंकी खतरे, संदिग्ध गतिविधि या आपातकालीन निकासी के समय यह अनधिकृत भीड़-भाड़ गंभीर संकट पैदा कर सकती है। यही वजह है कि सुरक्षा एजेंसियों की खामोशी पर अब कई स्तरों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
24 अक्टूबर को 'हथौड़ा रैली' से टकराव की आशंका: मुंबई पुलिस ने एयरपोर्ट पर बढ़ाई सुरक्षा व्यवस्था
किरीट सोमैया द्वारा 24 अक्टूबर को खुले तौर पर 'हथौड़ा रैली' निकालने और अवैध निर्माण को ध्वस्त करने की घोषणा के बाद मुंबई पुलिस और एयरपोर्ट सुरक्षा विंग पूरी तरह अलर्ट मोड पर आ गए हैं। एयरपोर्ट परिसर के आसपास कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल और अतिरिक्त दंगा नियंत्रण वाहन तैनात किए जा रहे हैं। खुफिया इकाइयों को सक्रिय कर दिया गया है ताकि किसी भी तरह के सांप्रदायिक तनाव या कानून-व्यवस्था की स्थिति को बिगड़ने से रोका जा सके। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि मुंबई में आगामी स्थानीय निकाय चुनावों और राजनीतिक हलचलों के बीच यह मुद्दा काफी तूल पकड़ सकता है। अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या एयरपोर्ट अथॉरिटी और एमएमआरडीए 24 अक्टूबर की रैली से पहले ही इस कथित अवैध ढांचे पर कोई प्रशासनिक कार्रवाई करते हैं या फिर एयरपोर्ट की सड़क पर टकराव की नई नौबत देखने को मिलती है।
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