
भारतीय टेलीविजन इंडस्ट्री (Indian Television Industry) के इतिहास से इस वक्त एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली खबर सामने आ रही है। देश के सबसे लोकप्रिय और ऐतिहासिक क्राइम इन्वेस्टिगेशन शो 'सीआईडी' (C.I.D.) और 'आहट' (Aahat) जैसे कल्ट शोज के सृजक, दिग्गज निर्माता-निर्देशक बी.पी. सिंह (B.P. Singh / Brijendra Pal Singh) का अचानक निधन हो गया है। उनके इस तरह दुनिया से चले जाने से पूरी टीवी इंडस्ट्री और उनके करोड़ों फैंस गहरे सदमे में हैं। इस बीच, शो में मशहूर 'एसीपी प्रद्युमन' का किरदार निभाकर घर-घर में अपनी खास पहचान बनाने वाले वरिष्ठ अभिनेता शिवाजी साटम (Shivaji Satam) अपने जिगरी दोस्त और मार्गदर्शक के चले जाने से पूरी तरह टूट गए हैं। बी.पी. सिंह के निधन पर अपनी गहरी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए शिवाजी साटम ने एक इंटरव्यू में उन्हें याद करते हुए कहा कि उनके जाने से उनकी जिंदगी का सबसे बड़ा अध्याय समाप्त हो गया है। आइए विस्तार से जानते हैं कि 'एसीपी प्रद्युमन' ने अपने प्रिय मित्र और निर्देशक को किस तरह याद किया और इंडस्ट्री में इस वक्त कैसा माहौल है।
"आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया…": शिवाजी साटम का छलका दर्द
बी.पी. सिंह के साथ दशकों पुराना रिश्ता साझा करने वाले अभिनेता शिवाजी साटम ने एक प्रतिष्ठित मीडिया संस्थान से बातचीत के दौरान अपने आंसू रोक नहीं पाए। उन्होंने अपने दोस्त और गुरु को याद करते हुए कहा कि बी.पी. सिंह के निधन के साथ ही उनके जीवन का एक ऐसा स्वर्णिम अध्याय हमेशा के लिए बंद हो गया है, जिसकी भरपाई कभी नहीं की जा सकती।
शिवाजी साटम ने नम आंखों से बात करते हुए कहा, "आज मेरी जिंदगी का सबसे बड़ा चैप्टर खत्म हो गया है। वह एक बेहद खूबसूरत इंसान और एक बेहतरीन दोस्त थे। मैंने कैमरे के सामने एक्टिंग की जितनी भी बारीकियां सीखी हैं, उन सबकी नींव बी.पी. सिंह ने ही रखी थी। मैं मुख्य रूप से थिएटर की पृष्ठभूमि से आता था, इसलिए मुझे मंच पर अभिनय करना तो आता था, लेकिन कैमरे के सामने खुद को कैसे पेश करना है, यह उन्होंने ही मुझे सिखाया।" उन्होंने आगे बताया कि किसी भी साधारण से सीन को अपनी बेहतरीन सूझबूझ से 'लार्जर दैन लाइफ' कैसे बनाया जाता है, यह कला उन्हें सिर्फ बी.पी. सिंह से ही सीखने को मिली थी। वे एक महान निर्देशक होने के साथ-साथ एक बेहतरीन शिक्षक भी थे, जो अपने हर कलाकार की खूबी को अच्छी तरह पहचानते थे।
"हमारी दोस्ती इतनी मजबूत थी कि कोई गलतफहमी उसे तोड़ नहीं सकती थी"
एक निर्देशक और अभिनेता के पेशेवर रिश्ते से आगे बढ़कर बी.पी. सिंह और शिवाजी साटम के बीच एक बहुत गहरी और अटूट दोस्ती थी। इस रिश्ते पर प्रकाश डालते हुए साटम ने कहा कि हर दोस्ती की तरह उनके बीच भी कभी-कभार छोटी-मोटी गलतफहमियां या मतभेद हो जाते थे, लेकिन उनका आपसी बंधन इतना मजबूत था कि कोई भी बाहरी चीज उसे कमजोर नहीं कर सकती थी।
शिवाजी साटम ने उस पुराने दौर को याद करते हुए साझा किया, "वह मेरी जिंदगी के हर अच्छे-बुरे दौर और सीजन में मेरे साथ चट्टान की तरह खड़े रहे। हमारे बीच का रिश्ता ऐसा था जो किसी भी छोटी-मोटी बात से कभी प्रभावित नहीं हुआ। वह एक शानदार शख्स थे।" इसके साथ ही उन्होंने खुलासा किया कि बी.पी. सिंह अपने काम को लेकर इतने समर्पित और निष्काम भाव वाले व्यक्ति थे कि उन्हें कभी भी पुरस्कारों या पदवियों की लालसा नहीं रही। साटम का मानना है कि कला और टेलीविजन जगत में उनके अद्वितीय योगदान के लिए उन्हें देश के प्रतिष्ठित सम्मान 'पद्मश्री' (Padma Shri) से सम्मानित किया जाना चाहिए था, लेकिन वे इन सब चीजों से ऊपर उठकर सिर्फ अपने काम और जनता के प्यार को ही अपनी असली पूंजी मानते थे। वे हमेशा यही कहते थे कि हमारे दर्शकों का प्यार ही हमारे लिए सबसे बड़ा अचीवमेंट है।
दिल का दौरा पड़ने से हुआ था निधन, आज होगा अंतिम संस्कार
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, टेलीविजन जगत के भीष्म पितामह कहे जाने वाले ब्रिजेंद्र पाल सिंह (बी.पी. सिंह) का निधन दिल का दौरा (Heart Attack) पड़ने के कारण हुआ। उन्होंने अपने शानदार करियर की शुरुआत 1993 में दूरदर्शन के साथ बतौर कैमरामैन की थी, जिसके बाद उन्होंने कई बेहतरीन शोज बनाए। साल 1998 में उन्होंने 'सीआईडी' की शुरुआत की, जो भारतीय टेलीविजन के इतिहास में सबसे लंबे समय तक चलने वाले (Longest Running Shows) धारावाहिकों में से एक बन गया।
उनके निधन की खबर सामने आने के बाद से ही सोशल मीडिया पर फैंस और तमाम टीवी सेलेब्स लगातार श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं। आज उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा, जहां टीवी जगत की कई दिग्गज हस्तियां उन्हें अंतिम विदाई देने के लिए उपस्थित रहेंगी। 'सीआईडी' के एसीपी प्रद्युमन और दया-درو जैसे किरदारों को गढ़ने वाले बी.पी. सिंह भले ही आज हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन उनके द्वारा गढ़े गए ये किरदार और उनका योगदान हमेशा अमर रहेगा।
UK News
