
न्यूजीलैंड में पढ़ाई करने की योजना बना रहे भारतीय छात्रों और अन्य अंतरराष्ट्रीय विद्यार्थियों के लिए 27 अक्टूबर 2026 से स्टूडेंट वीजा से जुड़े चार अहम बदलाव लागू हो गए हैं। इनका असर पढ़ाई के दौरान काम करने के अधिकार, अंग्रेजी भाषा की योग्यता के आकलन, वीजा आवेदन की प्रक्रिया और कोर्स पूरा होने के बाद देश में रुकने की अवधि पर पड़ेगा। न्यूजीलैंड के आव्रजन विभाग Immigration New Zealand (INZ) के मुताबिक, तीन बदलाव वीजा नियमों के अनुपालन को मजबूत करने के लिए किए गए हैं, जबकि चौथा छात्रों को पढ़ाई पूरी होने के बाद अगला कदम तय करने के लिए अधिक समय देता है।
न्यूजीलैंड स्टूडेंट वीजा के चार बड़े बदलाव
1. रिसर्च मास्टर्स के छात्रों के काम करने के नियम बदले
नए नियमों में सबसे महत्वपूर्ण बदलाव रिसर्च आधारित मास्टर डिग्री करने वाले छात्रों के लिए है। पहले इस श्रेणी के पात्र विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान असीमित घंटे काम करने की अनुमति मिल सकती थी। अब उन्हें दूसरे मास्टर विद्यार्थियों की तरह वीजा में निर्धारित काम की शर्तों का पालन करना होगा। पात्र छात्र पढ़ाई के दौरान सप्ताह में अधिकतम 25 घंटे काम कर सकेंगे और निर्धारित छुट्टियों में पूर्णकालिक काम कर सकेंगे। हालांकि, काम करने की अनुमति छात्र के वीजा की शर्तों और पात्रता पर निर्भर करेगी
इस बदलाव का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि स्टूडेंट वीजा का मुख्य मकसद पढ़ाई ही बना रहे। भारत से न्यूजीलैंड जाकर रिसर्च मास्टर्स करने की तैयारी कर रहे छात्रों को अपनी आर्थिक योजना बनाते समय इस नए नियम का ध्यान रखना होगा। केवल वीजा मिलने के आधार पर असीमित काम करने का अधिकार मान लेना सही नहीं होगा। आवेदन करने या नौकरी शुरू करने से पहले अपने वीजा पर दर्ज कार्य संबंधी शर्तें जांचना जरूरी है।
2. अंग्रेजी भाषा की योग्यता पर बढ़ेगा ध्यान
न्यूजीलैंड के आव्रजन विभाग ने अपने निर्देशों को मजबूत करते हुए स्पष्ट किया है कि छात्र की अंग्रेजी भाषा की क्षमता इस बात का आकलन करने में एक अहम कारक होगी कि वह स्टूडेंट वीजा की शर्तों का पालन कर सकता है या नहीं। इसका मतलब है कि आवेदन और वीजा शर्तों के अनुपालन से जुड़े आकलन में अंग्रेजी भाषा की योग्यता पर ध्यान दिया जाएगा।
हालांकि, इस बदलाव को इस तरह समझना सही नहीं होगा कि सभी छात्रों के लिए अंग्रेजी परीक्षा का कोई नया न्यूनतम स्कोर घोषित कर दिया गया है। 27 अक्टूबर की घोषणा में सभी स्टूडेंट वीजा आवेदकों के लिए कोई नया एकसमान IELTS स्कोर निर्धारित नहीं किया गया है। अलग-अलग कोर्स और वीजा श्रेणियों की अपनी आवश्यकताएं हो सकती हैं। इसलिए विद्यार्थियों को आवेदन करने से पहले अपने कोर्स, शिक्षा संस्थान और संबंधित वीजा श्रेणी की आधिकारिक शर्तें देखनी चाहिए।
3. वीजा आवेदन की प्रक्रिया रोकने के अधिकार का दायरा बढ़ा
तीसरा बदलाव वीजा आवेदन की प्रोसेसिंग से जुड़ा है। अब Immigration New Zealand कुछ अतिरिक्त परिस्थितियों में स्टूडेंट वीजा आवेदन की प्रक्रिया औपचारिक रूप से रोक सकता है। इनमें वे मामले भी शामिल हैं, जहां किसी शिक्षा संस्थान के नियमों का पालन नहीं करने से जुड़ी जांच या निर्धारण की प्रक्रिया अभी जारी हो।
इस बदलाव के बाद शिक्षा संस्थानों के अनुपालन से जुड़े मामलों का असर छात्रों की वीजा प्रक्रिया पर पड़ सकता है। विदेश में पढ़ाई के लिए आवेदन कर रहे विद्यार्थियों को संस्थान चुनते समय उसकी मान्यता, कोर्स की स्थिति और आधिकारिक पात्रता की जानकारी की जांच करनी चाहिए। किसी संस्थान में दाखिला मिल जाना अपने आप में वीजा मंजूर होने की गारंटी नहीं है। वीजा का निर्णय संबंधित नियमों और आवेदन की परिस्थितियों के आधार पर लिया जाता है।
4. कोर्स पूरा होने के बाद कुछ छात्रों को मिलेगा अतिरिक्त समय
चौथा बदलाव उन विद्यार्थियों के लिए राहत लेकर आया है, जिनका स्टूडेंट वीजा कोर्स समाप्त होने के बाद एक निश्चित अवधि में खत्म होता है। ऐसे मामलों में कोर्स पूरा होने के बाद वीजा की अवधि एक महीने के बजाय अब दो महीने तक होगी। हालांकि, जिन वीजा की समाप्ति तारीख 31 मार्च निर्धारित है, उस व्यवस्था में बदलाव नहीं किया गया है।
इस अतिरिक्त समय से पात्र विद्यार्थियों को आगे की पढ़ाई, उपलब्ध विकल्पों और अपने अगले कदम पर विचार करने के लिए अधिक अवसर मिल सकता है। फिर भी, हर छात्र की वीजा समाप्ति तारीख एक जैसी नहीं होगी। विद्यार्थियों को अपने वीजा दस्तावेजों में दर्ज तारीख और लागू नियमों की पुष्टि करनी चाहिए। केवल कोर्स पूरा कर लेने के आधार पर यह मानना ठीक नहीं होगा कि सभी छात्रों को अपने आप दो महीने का अतिरिक्त समय मिल जाएगा।
पढ़ाई के साथ काम करने की अनुमति किन बातों पर निर्भर करती है?
न्यूजीलैंड में पात्र अंतरराष्ट्रीय छात्र सामान्य तौर पर पढ़ाई के दौरान सप्ताह में अधिकतम 25 घंटे काम कर सकते हैं, जबकि निर्धारित छुट्टियों में वीजा की शर्तों के अनुसार पूर्णकालिक काम की अनुमति मिल सकती है। यह व्यवस्था 3 नवंबर 2025 से लागू किए गए बदलावों का हिस्सा है। हालांकि, काम करने का अधिकार सभी छात्रों को बिना शर्त नहीं मिलता। कोर्स, शिक्षा संस्थान, पढ़ाई के स्तर और वीजा पर दर्ज शर्तों के आधार पर पात्रता तय होती है।
अंग्रेजी भाषा का कोर्स करने वाले विद्यार्थियों के लिए भी अलग शर्तें लागू हो सकती हैं। उदाहरण के तौर पर, कुछ पात्र पूर्णकालिक अंग्रेजी पाठ्यक्रमों में पढ़ने वाले छात्र निर्धारित अवधि और अन्य आवश्यकताओं को पूरा करने पर सप्ताह में 25 घंटे तक काम कर सकते हैं। इसलिए छात्रों को सामान्य नियमों के साथ-साथ अपनी खास श्रेणी की शर्तों को भी समझना चाहिए।
भारतीय छात्रों को आवेदन से पहले क्या करना चाहिए?
न्यूजीलैंड में पढ़ाई की योजना बना रहे भारतीय छात्रों के लिए जरूरी है कि वे आवेदन जमा करने से पहले अपने चुने हुए कोर्स और संस्थान की पात्रता जांचें। अंग्रेजी भाषा से जुड़ी शर्तें, आर्थिक संसाधनों के प्रमाण, वीजा की अवधि और काम करने की अनुमति जैसे पहलुओं को समझकर ही आगे की योजना बनानी चाहिए। यदि छात्र रिसर्च आधारित मास्टर डिग्री में दाखिला लेने जा रहे हैं, तो उन्हें काम के घंटों से जुड़े नए नियमों को ध्यान में रखकर अपनी पढ़ाई और खर्च का हिसाब बनाना चाहिए।
छात्रों को यह भी याद रखना चाहिए कि वीजा की शर्तों का उल्लंघन भविष्य में उनके आव्रजन मामलों को प्रभावित कर सकता है। किसी एजेंट या सोशल मीडिया पोस्ट में दी गई जानकारी के आधार पर अंतिम निर्णय लेने के बजाय न्यूजीलैंड के आधिकारिक आव्रजन विभाग की वेबसाइट पर नवीनतम निर्देश पढ़ना बेहतर है। वीजा नियम समय के साथ बदल सकते हैं, इसलिए आवेदन के समय लागू शर्तों की पुष्टि करना जरूरी है।
कुल मिलाकर, 27 अक्टूबर 2026 से लागू हुए चार बदलाव न्यूजीलैंड के स्टूडेंट वीजा सिस्टम में काम के अधिकार, अंग्रेजी भाषा के आकलन, आवेदन प्रक्रिया और कोर्स के बाद रुकने की अवधि को प्रभावित करते हैं। अंग्रेजी भाषा की क्षमता पर जोर बढ़ाया गया है, लेकिन घोषणा में सभी छात्रों के लिए नया एकसमान अंग्रेजी टेस्ट स्कोर तय नहीं किया गया। भारतीय विद्यार्थियों को अपनी वीजा श्रेणी के नियमों की जांच करके ही पढ़ाई, काम और आगे रहने की योजना बनानी चाहिए।
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